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बूस्टर डोज लगवाने में रुचि नहीं दिखा रहे वरिष्ठ नागरिक
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सीतापुर। गंभीर बीमारियों से ग्रसित वरिष्ठ नागरिकों के लिए बूस्टर डोज की शुरुआत की गई है। पर ये बूस्टर डोज लगवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। टीकाकरण शुरुआत के दो दिनों में महज 32 लोगों ने टीकाकरण करवाया है।
जिले में 10 जनवरी से बूस्टर डोज लगवाने की शुरुआत की गई है। यह बूस्टर डोज सभी 19 सीएचसी व शहर के पांच केंद्रों पर लगाई जा रही है। यह डोज फ्रंटलाइन वर्कर, हेल्थकेयर वर्कर व 60 साल से अधिक उम्र के ऐसे लोगों को दी जा रही है, जो विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हैं। जिनको कोविड संक्रमण होने की आशंका अधिक रहती है। यह लोग दोनों डोज लगवा चुके हैं।
बूस्टर डोज लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अगर पहले दिन 10 जनवरी के टीकाकरण की बात की जाए तो महज नौ लोगों ने ही टीका लगवाया था। अधिकतर केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ दिखाई दिया था। अगले दिन 11 जनवरी को 23 लोगों ने टीका लगवाया। दो दिन के अभियान में महज 32 लोगों ने टीकाकरण करवाया है। इस सुस्ती की वजह से स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। अब जब कोविड के मामले बढ़ रहे हैं, तो विभाग ने ऐसे लोगों से हर हाल में बूस्टर डोज लगवाने की अपील की है।
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फ्रंटलाइन व हेल्थकेयर वर्कर में भी कम है जोश
कोविड संक्रमण के दौरान अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करने वाले फ्रंटलाइन वर्कर व हेल्थकेयर वर्कर को भी बूस्टर डोज दी जा रही है। यह लोग भी इसे लगवाने में लापरवाही बरत रहे हैं। दो दिन के अभियान में 411 फ्रंटलाइन वर्कर ने बूस्टर डोज लगवाई है। 858 हेल्थकेयर वर्कर ने बूस्टर लगवाई है। इनकी संख्या 10 हजार से अधिक है।
किशोर में भी नहीं दिख रहा है जोश
जिले में 3.14 लाख किशोरों का टीकाकरण कराने का लक्ष्य निर्धारित है। इन किशोरों को तीन जनवरी से टीकाकरण किया जा रहा है। 10 दिन के अंदर करीब 50 हजार किशोरों ने ही टीका लगवाया है। अब स्कूलवार कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इससे टीकाकरण में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।
तेजी से चल रहा है अभियान
कोविड टीकाकरण अभियान तेजी से चल रहा है। लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। अब स्कूलवार कैंप लग रहे है। इससे टीकाकरण में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।
- डॉ. पीके सिंह, एसीएमओ
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जिले में 10 जनवरी से बूस्टर डोज लगवाने की शुरुआत की गई है। यह बूस्टर डोज सभी 19 सीएचसी व शहर के पांच केंद्रों पर लगाई जा रही है। यह डोज फ्रंटलाइन वर्कर, हेल्थकेयर वर्कर व 60 साल से अधिक उम्र के ऐसे लोगों को दी जा रही है, जो विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हैं। जिनको कोविड संक्रमण होने की आशंका अधिक रहती है। यह लोग दोनों डोज लगवा चुके हैं।
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बूस्टर डोज लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अगर पहले दिन 10 जनवरी के टीकाकरण की बात की जाए तो महज नौ लोगों ने ही टीका लगवाया था। अधिकतर केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ दिखाई दिया था। अगले दिन 11 जनवरी को 23 लोगों ने टीका लगवाया। दो दिन के अभियान में महज 32 लोगों ने टीकाकरण करवाया है। इस सुस्ती की वजह से स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। अब जब कोविड के मामले बढ़ रहे हैं, तो विभाग ने ऐसे लोगों से हर हाल में बूस्टर डोज लगवाने की अपील की है।
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फ्रंटलाइन व हेल्थकेयर वर्कर में भी कम है जोश
कोविड संक्रमण के दौरान अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करने वाले फ्रंटलाइन वर्कर व हेल्थकेयर वर्कर को भी बूस्टर डोज दी जा रही है। यह लोग भी इसे लगवाने में लापरवाही बरत रहे हैं। दो दिन के अभियान में 411 फ्रंटलाइन वर्कर ने बूस्टर डोज लगवाई है। 858 हेल्थकेयर वर्कर ने बूस्टर लगवाई है। इनकी संख्या 10 हजार से अधिक है।
किशोर में भी नहीं दिख रहा है जोश
जिले में 3.14 लाख किशोरों का टीकाकरण कराने का लक्ष्य निर्धारित है। इन किशोरों को तीन जनवरी से टीकाकरण किया जा रहा है। 10 दिन के अंदर करीब 50 हजार किशोरों ने ही टीका लगवाया है। अब स्कूलवार कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इससे टीकाकरण में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।
तेजी से चल रहा है अभियान
कोविड टीकाकरण अभियान तेजी से चल रहा है। लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। अब स्कूलवार कैंप लग रहे है। इससे टीकाकरण में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है।
- डॉ. पीके सिंह, एसीएमओ