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नेताओं को सताने लगी सुरक्षा की चिंता

Sun, 20 Oct 2019 11:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2019 11:45 PM IST
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सीतापुर। आपराधिक वारदातों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले सीतापुर जिले के कई कद्दावर नेताओं की सुरक्षा भगवान भरोसे है। कमलेश तिवारी हत्याकांड के बाद कुछ नेताओं को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
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सत्तासीन भाजपा के सांसद, विधायक व जिलाध्यक्ष को छोड़कर मौजूदा समय में अन्य पार्टियों के पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसद व विधायकों के पास कोई सरकारी सुरक्षा नहीं है। प्रतिसार निरीक्षक से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी नहीं है।
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भाजपा जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता को सरकारी गनर मिला है। उनका कहना है कि उन्हें एक गनर दिया गया है। बताया कि मौजूदा सांसद व विधायकों को दो-दो गनर मिले हैं।
जब पूर्ववर्ती सपा सरकार में माननीय रहे लोगों से चर्चा की गई तो उनकी सुरक्षा की चिंताएं सतह पर आ गईं। पूर्व मंत्री व सपा के कद्दावर नेता रामपाल राजवंशी को पूर्व में 12 सुरक्षाकर्मी मय गारद व स्कार्ट मिली थी।
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मौजूदा वक्त में उनके पास एक भी सरकारी गनर नहीं है। पूर्व मंत्री का कहना है कि उन पर कई बार हमले भी हुए हैं। उन्होंने गनर की मांग भी की थी, लेकिन सुरक्षा कर्मी नहीं मिले।
कुछ ऐसा ही मानना मौजूदा सपा एमएलसी आनंद भदौरिया का है। पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के पास भी सरकारी गनर नहीं है। सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव ने बताया कि उनके पास कोई गनर नहीं है। बोले, मुझे छोड़िए, मेरी पार्टी के किसी भी पूर्व विधायक के पास कोई भी सरकारी गनर नहीं है।
कुछ ऐसे ही हालात कांग्रेस व बसपा सहित अन्य पार्टियों के नेताओं की भी है। इनका कहना है कि मौजूदा भाजपा सरकार को माननीयों, पूर्व माननीयों तक की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। भाजपा सरकार जरूरतमंदों को भी सुरक्षा देने में कंजूसी कर रही है।

काश, कमलेश को मिली होती पर्याप्त सुरक्षा
लोगों का कहना है कि हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करा दी गई होती तो शायद यह अनहोनी न होती। उनके परिवार के लोग कहते हैं कि कमलेश तिवारी ने कई बार सरकार से सुरक्षा बढ़ाने को कहा था, लेकिन उनकी मांग को अनसुना कर दिया गया। नतीजा यह हुआ है कि उनकी दिनदहाड़े हत्या कर प्रदेश ही नहीं देश में सनसनी फैला दी गई है।
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