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Sitapur News: आबादी में घुसा सरायन का पानी, छोड़ना पड़ा घर
Tue, 29 Sep 2026 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:03 AM IST
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सीतापुर। शहर में सरायन नदी का उफान अब रौद्र रूप दिखाने लगा है। नदी का जलस्तर सोमवार को 60 सेंटीमीटर बढ़कर 133.60 मीटर तक पहुंच गया। जो खतरे के लाल निशान 131 मीटर से 2.60 मीटर ऊपर होने से शहरी क्षेत्र के दस मोहल्लों में बाढ़ का पानी भर गया।
सरायन के किनारे बसे करीब 100 घरों में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोग परिवार समेत घरों को छोड़ कर आश्रय स्थल अथवा गांव जाकर शरण लेने को विवश है। जिले में बीते तीन दिनों तक हुई लगातार बारिश के बाद शहर के बीच से होकर गुजरने वाली सरायन नदी उफान पर है।
सरायन की सहायक पिरई नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। जिससे नदी किनारे बसे आबादी क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुस जाने से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। शहर के लोनियनपुरवा पश्चिमी, तरीनपुर, अंसारी टोला, कमेला, आलमनगर व केशव ग्रीन सिटी आदि मोहल्ले जलमग्न हैं। ज्यादातर घरों में तीन से चार फीट तक पानी भरा हुआ है।
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बाढ़ प्रभावित इलाके में रहने वाले उदित ने बताया कि जलभराव के चलते बिजली सप्लाई भी ठप है। इससे पेयजल संकट से भी जूझना पड़ रहा है। मदन कुमार ने बताया कि उनके घर में तीन से चार फीट पानी भरा है।
परिवार को गांव भेजकर घर-गृहस्थी की रखवाली के लिए खुद यहीं ठहरना पड़ा है। घरों में बाढ़ का पानी घुस जाने से सभी सामान भी खराब हो गया है। हालत सुधरने पर ही राहत मिलेगी।
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सरायन के किनारे बसे करीब 100 घरों में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोग परिवार समेत घरों को छोड़ कर आश्रय स्थल अथवा गांव जाकर शरण लेने को विवश है। जिले में बीते तीन दिनों तक हुई लगातार बारिश के बाद शहर के बीच से होकर गुजरने वाली सरायन नदी उफान पर है।
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सरायन की सहायक पिरई नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। जिससे नदी किनारे बसे आबादी क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुस जाने से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। शहर के लोनियनपुरवा पश्चिमी, तरीनपुर, अंसारी टोला, कमेला, आलमनगर व केशव ग्रीन सिटी आदि मोहल्ले जलमग्न हैं। ज्यादातर घरों में तीन से चार फीट तक पानी भरा हुआ है।
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बाढ़ प्रभावित इलाके में रहने वाले उदित ने बताया कि जलभराव के चलते बिजली सप्लाई भी ठप है। इससे पेयजल संकट से भी जूझना पड़ रहा है। मदन कुमार ने बताया कि उनके घर में तीन से चार फीट पानी भरा है।
परिवार को गांव भेजकर घर-गृहस्थी की रखवाली के लिए खुद यहीं ठहरना पड़ा है। घरों में बाढ़ का पानी घुस जाने से सभी सामान भी खराब हो गया है। हालत सुधरने पर ही राहत मिलेगी।