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टिकट न मिलने पर साकेत ने दिखाए बगावती तेवर
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सीतापुर। सदर विधानसभा से भाजपा के टिकट के दावेदारों में शामिल साकेत मिश्रा पार्टी के खिलाफ बगावत कर सकते हैं। उन्होंने टिकट न मिलने पर नाराजगी जताई है। पार्टी पर जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा व टिकट बंटवारे में खेल होने की बात कही है। साकेत ने आगे की रणनीति के पूरे पत्ते अभी नहीं खोले है। बोले, गुरुवार को नामांकन का अंतिम दिन है। इसलिए अपने साथियों के साथ बैठक करके आगे की रणनीति का जल्द खुलासा करूंगा।
भाजपा ने मंगलवार देर शाम सदर विधानसभा से राकेश राठौर गुरू को टिकट दे दिया है। साकेत मिश्रा ने प्रेस वार्ता में कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के कहने पर ही चुनावी तैयारी कर रहा था। पार्टी ने सदर व महोली विधानसभा से कहीं से भी टिकट देने का वादा किया था। आखिरी समय तक टिकट मिलने का आश्वासन दिया जाता रहा।
जब सूची जारी हुई तो देखकर हैरानी हुई। पार्टी ने सभी जमीनी कार्यकर्ताओं को किनारे कर दिया। इससे प्रतीत होता है टिकट बंटवारे में बड़ा खेल हुआ है। साकेत ने कहा कि पूरी जिंदगी समाजसेवा की है। चुप नहीं बैठूंगा। इसलिए आगे की रणनीति पर नामांकन के दिन खुलासा करूंगा।
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विधायक के साथ भी बताया खेल
साकेत मिश्रा ने सदर विधानसभा से विधायक राकेश राठौर का भी नाम लिया। साकेत बोले, राकेश राठौर स्वाभिमानी नेता हैं। पार्टी ने पहले टिकट दिया। उसके बाद उनसे अन्य अपेक्षाएं जाहिर की। राकेश राठौर ने समझौता नहीं किया। इसी वजह से उन्होंने भाजपा से किनारा कर लिया।
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भाजपा ने मंगलवार देर शाम सदर विधानसभा से राकेश राठौर गुरू को टिकट दे दिया है। साकेत मिश्रा ने प्रेस वार्ता में कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के कहने पर ही चुनावी तैयारी कर रहा था। पार्टी ने सदर व महोली विधानसभा से कहीं से भी टिकट देने का वादा किया था। आखिरी समय तक टिकट मिलने का आश्वासन दिया जाता रहा।
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जब सूची जारी हुई तो देखकर हैरानी हुई। पार्टी ने सभी जमीनी कार्यकर्ताओं को किनारे कर दिया। इससे प्रतीत होता है टिकट बंटवारे में बड़ा खेल हुआ है। साकेत ने कहा कि पूरी जिंदगी समाजसेवा की है। चुप नहीं बैठूंगा। इसलिए आगे की रणनीति पर नामांकन के दिन खुलासा करूंगा।
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विधायक के साथ भी बताया खेल
साकेत मिश्रा ने सदर विधानसभा से विधायक राकेश राठौर का भी नाम लिया। साकेत बोले, राकेश राठौर स्वाभिमानी नेता हैं। पार्टी ने पहले टिकट दिया। उसके बाद उनसे अन्य अपेक्षाएं जाहिर की। राकेश राठौर ने समझौता नहीं किया। इसी वजह से उन्होंने भाजपा से किनारा कर लिया।