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Sitapur News: गांवों को स्वच्छ रखने के लिए 657 ग्राम पंचायतों में बनेंगे आरआरसी
Thu, 02 Jan 2025 11:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 02 Jan 2025 11:52 PM IST
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सीतापुर। पंचायत राज विभाग की ओर से 657 ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण के लिए कूड़ा निस्तारण केंद्र (आरआरसी) बनाने की योजना बनाई गई है। ग्रामीणों के घर से कूड़ा इकट्ठा किया जाएगा। इसके लिए वाहन खरीदे जाएंगे।
जिले में 1588 ग्राम पंचायतें हैं। इनमे ठोस, द्रव्य एवं अपशिष्ट प्रबंधन योजना से कूड़ा निस्तारण केंद्र (आरआरसी) कर निर्माण कराने का लक्ष्य है। साथ ही हर घर से कूड़ा इकट्ठा करने के लिए ई-रिक्शा खरीदा जाना है। जिन ग्राम पंचाचतों में ई-रिक्शा संचालन में दिक्कत है, वहां ठेलिया खरीदी जाएगी।
इस साल 657 ग्राम पंचायतों में आरआरसी बनेंगे। ग्राम पंचायतों की आबादी की हिसाब से डेढ़ से सात लाख तक की लागत से इनका निर्माण कराया जाएगा। आरआरसी में सूखे और गीले कूड़े का अलग-अलग निस्तारण किया जाएगा। इस कार्य से गांवों की साफ-सफाई के साथ ही ग्राम पंचायत की आय बढ़ेगी।
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योजना की मॉनीटरिंग डीसी एसएलडब्ल्यूएम अखिलेश गौतम कर रहे हैं। उन्होने बताया कि 931 आरआरसी बन गए हैं। 611 निर्माणाधीन हैं। 300 आरआरसी का कार्य 80 फीसदी पूरा हो गया है। 348 आरआरसी से कूड़ा कलेक्शन करने का शुल्क लिया जा रहा है। इससे तकरीबन सवा पांच लाख की आय हो चुकी है।
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जिले में 1588 ग्राम पंचायतें हैं। इनमे ठोस, द्रव्य एवं अपशिष्ट प्रबंधन योजना से कूड़ा निस्तारण केंद्र (आरआरसी) कर निर्माण कराने का लक्ष्य है। साथ ही हर घर से कूड़ा इकट्ठा करने के लिए ई-रिक्शा खरीदा जाना है। जिन ग्राम पंचाचतों में ई-रिक्शा संचालन में दिक्कत है, वहां ठेलिया खरीदी जाएगी।
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इस साल 657 ग्राम पंचायतों में आरआरसी बनेंगे। ग्राम पंचायतों की आबादी की हिसाब से डेढ़ से सात लाख तक की लागत से इनका निर्माण कराया जाएगा। आरआरसी में सूखे और गीले कूड़े का अलग-अलग निस्तारण किया जाएगा। इस कार्य से गांवों की साफ-सफाई के साथ ही ग्राम पंचायत की आय बढ़ेगी।
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योजना की मॉनीटरिंग डीसी एसएलडब्ल्यूएम अखिलेश गौतम कर रहे हैं। उन्होने बताया कि 931 आरआरसी बन गए हैं। 611 निर्माणाधीन हैं। 300 आरआरसी का कार्य 80 फीसदी पूरा हो गया है। 348 आरआरसी से कूड़ा कलेक्शन करने का शुल्क लिया जा रहा है। इससे तकरीबन सवा पांच लाख की आय हो चुकी है।