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आस्था के पड़ावों का होगा कायाकल्प
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Wed, 17 Feb 2016 11:02 PM IST
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आस्था की डगर पर श्रद्धालुओं को अब दुश्वारियों से नहीं जूझना पड़ेगा। पथरीली राहें दुरुस्त होंगी। हर पड़ाव पर श्रद्धालुओं के लिए रैन बसेरा व अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग सहित प्रत्येक पड़ाव को संवारने के लिए शासन ने सीतापुर व हरदोई जिले के लिए 19 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इसमें से सीतापुर जिले के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है।
प्रसिद्ध चौरासी कोसी होली परिक्रमा नैमिषारण्य तीर्थ से डंका बजने के साथ शुुरू होती है। इस परिक्रमा का समापन पड़ाव दर पड़ाव होते हुए चौरासी कोस का सफर तय कर मिश्रिख में होता है। जीर्णोद्धार न होने से परिक्रमा मार्ग इन दिनों बेहद बदहाल हो गया है। पथरीले रास्ते पर श्रद्धालुओं को हर कदम मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा पड़ाव पर डेरा डालने के दौरान पेयजल, प्रकाश व प्रसाधन का इंतजाम नहीं होने से भी श्रद्धालुओं को दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। श्रद्धालुओं की परेशानी को देखते हुए परिक्रमा मार्ग दुरुस्त करने के अलावा हर पड़ाव पर रैन बसेरे बनवाने, पेयजल, प्रसाधन व प्रकाश की व्यवस्था कराने की कार्ययोजना तैयार कर प्रशासन ने 19 करोड़ 69 लाख 29 हजार रुपये के बजट का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
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इसमें सीतापुर में स्थित पड़ावों के लिए 11 करोड़ 88 लाख 18 हजार और हरदोई में स्थित पड़ावों के लिए सात करोड़ 81 लाख 11 हजार का बजट बनाया गया है। शासन ने बजट स्वीकृत कर 10 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है। परिक्रमा मार्ग के पड़ावों पर रैन बसेरा बनवाने की जिम्मेदारी जल निगम की संस्था सीएंडडीएस को मिली है।
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प्रसिद्ध चौरासी कोसी होली परिक्रमा नैमिषारण्य तीर्थ से डंका बजने के साथ शुुरू होती है। इस परिक्रमा का समापन पड़ाव दर पड़ाव होते हुए चौरासी कोस का सफर तय कर मिश्रिख में होता है। जीर्णोद्धार न होने से परिक्रमा मार्ग इन दिनों बेहद बदहाल हो गया है। पथरीले रास्ते पर श्रद्धालुओं को हर कदम मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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इसके अलावा पड़ाव पर डेरा डालने के दौरान पेयजल, प्रकाश व प्रसाधन का इंतजाम नहीं होने से भी श्रद्धालुओं को दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। श्रद्धालुओं की परेशानी को देखते हुए परिक्रमा मार्ग दुरुस्त करने के अलावा हर पड़ाव पर रैन बसेरे बनवाने, पेयजल, प्रसाधन व प्रकाश की व्यवस्था कराने की कार्ययोजना तैयार कर प्रशासन ने 19 करोड़ 69 लाख 29 हजार रुपये के बजट का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
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इसमें सीतापुर में स्थित पड़ावों के लिए 11 करोड़ 88 लाख 18 हजार और हरदोई में स्थित पड़ावों के लिए सात करोड़ 81 लाख 11 हजार का बजट बनाया गया है। शासन ने बजट स्वीकृत कर 10 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है। परिक्रमा मार्ग के पड़ावों पर रैन बसेरा बनवाने की जिम्मेदारी जल निगम की संस्था सीएंडडीएस को मिली है।