{"_id":"5dbc6fef8ebc3e014f260207","slug":"railway-sitapur-news-lko4898737188","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीतापुर जंक्शन का बढ़ेगा दायरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीतापुर जंक्शन का बढ़ेगा दायरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। सीतापुर जंक्शन के यार्ड के दायरे में इजाफा होगा। कारण यह है कि रोजा वाया सीतापुर जंक्शन-बुढ़वल ट्रैक का दोहरीकरण किया जाएगा। ऐशबाग-सीतापुर रेलखंड के आमान परिवर्तन में तब्दीली से यहां सात ट्रैक बिछाए गए हैं।
अब सीतापुर जंक्शन यार्ड में एक और नया प्लेटफार्म बनाया जाएगा। इसके साथ ही एक ट्रैक भी बिछाया जाएगा। यहां नये ट्रक व प्लेटफॉर्म निर्माण का काम शुरू हो चुका है। इसके बाद यहां पर छह प्लेटफार्म और आठ ट्रैक हो जाएंगे।
सीतापुर में दो ट्रैक यानी एक पूर्वोत्तर रेलवे व एक उत्तर रेलवे का है। इसमें पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-सीतापुर व सीतापुर-बुढ़वल प्रखंड तथा उत्तर रेलवे के सिटी स्टेशन-रोजा प्रखंड एवं सिटी स्टेशन वाया नैमिषारण्य-बालामऊ ट्रैक शामिल हैं।
विज्ञापन
पहले पूर्वोत्तर रेलवे का ऐशबाग-सीतापुर ट्रैक मीटर गेज था। सीतापुर-लखनऊ के बीच 130 सालों तक छोटी लाइनों का सफर 14 मई 2016 की मध्यरात्रि आमान परिवर्तन के कारण थम गया था। दो साल के अब यह ट्रैक मीटर गेज से ब्रॉड गेज में बदल दिया गया है।
सीतापुर जंक्शन पर पहले तीन ट्रैक थे। पर आमान परिवर्तन के दौरान रेलवे ने प्लेटफॉर्म का स्तर ऊंचा किया और पांच प्लेटफॉर्मों का निर्माण कराया। इसके साथ ही चार और नए ट्रैक बिछाए हैं। इसी बीच रोजा वाया सीतापुर जंक्शन-बुढ़वल ट्रैक के दोहरीकरण को भी मंजूरी मिल गई है। इससे रोजा व बुढ़वल में ट्रैक दोहरीकरण कार्य प्रगति पर है।
यही नहीं सीतापुर जंक्शन यार्ड में भी ट्रैक दोहरीकरण का काम शुरू करा दिया गया है। यार्ड में एक और नया ट्रैक बिछाया जाएगा। ट्रैक बिछने के बाद यार्ड में ट्रैक की संख्या बढ़कर आठ हो जाएगी जबकि प्लेटफॉर्म की संख्या छह हो जाएगी।
सीतापुर जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक एके शुक्ला ने बताया कि बुढ़वल-रोजा ट्रैक के दोहरीकरण के चलते सीतापुर जंक्शन के स्टेशन परिसर का दायरा बढ़या जा रहा है। यहां पर एक और नया ट्रैक बिछेगा, साथ ही प्लेटफॉर्म का निर्माण भी होगा। इससे यहां के स्टेशन पर आठ ट्रैक व छह प्लेटफार्म हो जाएंगे।
विज्ञापन
अब सीतापुर जंक्शन यार्ड में एक और नया प्लेटफार्म बनाया जाएगा। इसके साथ ही एक ट्रैक भी बिछाया जाएगा। यहां नये ट्रक व प्लेटफॉर्म निर्माण का काम शुरू हो चुका है। इसके बाद यहां पर छह प्लेटफार्म और आठ ट्रैक हो जाएंगे।
विज्ञापन
सीतापुर में दो ट्रैक यानी एक पूर्वोत्तर रेलवे व एक उत्तर रेलवे का है। इसमें पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-सीतापुर व सीतापुर-बुढ़वल प्रखंड तथा उत्तर रेलवे के सिटी स्टेशन-रोजा प्रखंड एवं सिटी स्टेशन वाया नैमिषारण्य-बालामऊ ट्रैक शामिल हैं।
विज्ञापन
पहले पूर्वोत्तर रेलवे का ऐशबाग-सीतापुर ट्रैक मीटर गेज था। सीतापुर-लखनऊ के बीच 130 सालों तक छोटी लाइनों का सफर 14 मई 2016 की मध्यरात्रि आमान परिवर्तन के कारण थम गया था। दो साल के अब यह ट्रैक मीटर गेज से ब्रॉड गेज में बदल दिया गया है।
सीतापुर जंक्शन पर पहले तीन ट्रैक थे। पर आमान परिवर्तन के दौरान रेलवे ने प्लेटफॉर्म का स्तर ऊंचा किया और पांच प्लेटफॉर्मों का निर्माण कराया। इसके साथ ही चार और नए ट्रैक बिछाए हैं। इसी बीच रोजा वाया सीतापुर जंक्शन-बुढ़वल ट्रैक के दोहरीकरण को भी मंजूरी मिल गई है। इससे रोजा व बुढ़वल में ट्रैक दोहरीकरण कार्य प्रगति पर है।
यही नहीं सीतापुर जंक्शन यार्ड में भी ट्रैक दोहरीकरण का काम शुरू करा दिया गया है। यार्ड में एक और नया ट्रैक बिछाया जाएगा। ट्रैक बिछने के बाद यार्ड में ट्रैक की संख्या बढ़कर आठ हो जाएगी जबकि प्लेटफॉर्म की संख्या छह हो जाएगी।
सीतापुर जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक एके शुक्ला ने बताया कि बुढ़वल-रोजा ट्रैक के दोहरीकरण के चलते सीतापुर जंक्शन के स्टेशन परिसर का दायरा बढ़या जा रहा है। यहां पर एक और नया ट्रैक बिछेगा, साथ ही प्लेटफॉर्म का निर्माण भी होगा। इससे यहां के स्टेशन पर आठ ट्रैक व छह प्लेटफार्म हो जाएंगे।