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Sitapur News: 50 लाख के गबन में प्रधान और सचिव दोषी करार
Fri, 23 Jan 2026 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 23 Jan 2026 01:15 AM IST
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अमर उजाला में लगातार छपी अनियमितता की खबर।
सीतापुर। गोंदलामऊ की हिंडौरा पंचायत में 50.13 लाख रुपये के घोटाले में डीएम डॉ राजा गणपति आर ने प्रधान व सचिव को दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही प्रधान के वित्तीय अधिकारों को सीज कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था जिसका डीएम ने संज्ञान लिया।
हिंडौरा निवासी छत्रपाल, कृष्ण कुमार व अन्य ने 13 दिसंबर 2024 को शपथ पत्र देकर प्रधान श्यामा देवी द्वारा विकास कार्याें में अनियमितता बरतने की शिकायत की थी। कार्रवाई होती न देखकर पीड़ित कृष्ण कुमार ने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में रिट याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने रिट याचिका की सुनवाई करते हुए 6 मार्च 2025 को तत्कालीन डीएम अभिषेक आनंद को जांच कमेटी बनाकर गहनता से जांच के आदेश दिए।
डीएम के निर्देश पर जिला गन्ना अधिकारी रत्नेश्वर त्रिपाठी और लघु सिंचाई अभियंता संदीप मौर्या ने जांच की। प्रारंभिक जांच में प्रधान श्यामा देवी व सचिव हरदासी राणा संयुक्त रूप से 93.56 लाख रुपये के भ्रष्टाचार में दोषी पाए गए। इसके बाद प्रधान को आरोप पत्र दिया गया। यह मामला इसके बाद भी लगातार लंबित रहा।
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अमर उजाला समाचार पत्र ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबरों का डीएम डॉ राजा गणपति आर ने संज्ञान लेते हुए दोषी प्रधान श्यामा देवी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया।
डीएम ने बीडीओ गोंदलामऊ को प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी हरदासी राणा पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। डीएम ने जिला विकास अधिकारी को ग्राम विकास अधिकारी हरदासी राणा पर विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई के भी निर्देश दिए।
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हिंडौरा निवासी छत्रपाल, कृष्ण कुमार व अन्य ने 13 दिसंबर 2024 को शपथ पत्र देकर प्रधान श्यामा देवी द्वारा विकास कार्याें में अनियमितता बरतने की शिकायत की थी। कार्रवाई होती न देखकर पीड़ित कृष्ण कुमार ने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में रिट याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने रिट याचिका की सुनवाई करते हुए 6 मार्च 2025 को तत्कालीन डीएम अभिषेक आनंद को जांच कमेटी बनाकर गहनता से जांच के आदेश दिए।
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डीएम के निर्देश पर जिला गन्ना अधिकारी रत्नेश्वर त्रिपाठी और लघु सिंचाई अभियंता संदीप मौर्या ने जांच की। प्रारंभिक जांच में प्रधान श्यामा देवी व सचिव हरदासी राणा संयुक्त रूप से 93.56 लाख रुपये के भ्रष्टाचार में दोषी पाए गए। इसके बाद प्रधान को आरोप पत्र दिया गया। यह मामला इसके बाद भी लगातार लंबित रहा।
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अमर उजाला समाचार पत्र ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबरों का डीएम डॉ राजा गणपति आर ने संज्ञान लेते हुए दोषी प्रधान श्यामा देवी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया।
डीएम ने बीडीओ गोंदलामऊ को प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी हरदासी राणा पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। डीएम ने जिला विकास अधिकारी को ग्राम विकास अधिकारी हरदासी राणा पर विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई के भी निर्देश दिए।