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आसमान छू रहे दाल व तेल के दाम

Thu, 25 Feb 2021 11:14 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Feb 2021 11:14 PM IST
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Prices of pulses and oil touching the sky
सीतापुर में एक दुकान में रखी दालें। (संवाद) - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। दाल और तेल के भाव आसमान छू रहे हैं। पिछले तीन माह में दालों में करीब 20 फीसदी व तेल में 30 फीसदी तक की वृद्धि हो गई। इस बढ़ोतरी का असर आम आदमी पर साफ दिखाई दे रहा है। रसोई का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। व्यापारी आने वाले दिनों में भाव कम होने के आसार कम ही बता रहे हैं। इससे लोगों को दाल व तेल खरीदने के लिए अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी।
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महंगाई के कारण लोगों को घर चलाने के लिए आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इस समय तेल व दाल काफी महंगी हो चुकी है। सबसे अधिक बढ़ोतरी अरहर व उर्दू की दाल में हुई है। अरहर की दाल सबसे अधिक उपयोग में लाई जाती है। तीन माह पहले अरहर की दाल 80 रुपये किलो थी। अब यह 100 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। उर्दू की दाल 90 रुपये प्रति किलो बिकती थी, जो अब 100 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है।
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इसी प्रकार चना, मसूर व मटर की दाल में भी इजाफा हुआ है। इस महंगाई का असर लोगों पर दिखाई देने लगा है। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना के कारण मुंबई में लॉकडाउन लगना शुरू हो गया है। इसकी वजह से पर्याप्त मात्रा में माल नहीं आ पा रहा है। इस बार दाल का उत्पादन भी कम हुआ है। इसके अलावा डीजल के दामों में काफी वृद्धि हो गई है। बाहरी प्रदेशों से माल आने के कारण भाड़ा भी बढ़ गया है। इसकी वजह से दामों में इजाफा हुआ है। अगर सरकार डीजल के रेट कम कर दें तो कुछ राहत जरूर मिलेगी। यह बढ़ोतरी जल्द कम होने के अभी आसार नहीं दिख रहे हैं।
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दाल व तेल की कीमतें
सामान अब तीन माह पहले
अरहर 100 80
उर्दू 100 90
मसूर 70 70
मूंग 100 100
चना 60 55
मटर 75 65
सरसो तेल 150 130
रिफाइंड 130 115
व्यापारी बोले - डीजल की कीमतों में वृद्धि का भी है असर
व्यापारी मनीष ने बताया कि बाहर से दाल की आवक कम हो गई है। इसी वजह से दिन प्रतिदिन भाव बढ़ते जा रहे है। अगर ऐसे ही हालात रहे तो और भी इजाफा हो सकता है। व्यापारी अशोक का कहना है कि डीजल के भाव अचानक काफी बढ़ गए है। बाहर से दालें आने के कारण किराया भाड़ा बढ़ गया है। इससे दाल के दामों में वृद्धि हो गई है।
गौरव ने बताया कि कोरोना का असर दालों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई प्रदेशों में लॉकडाउन लग गया है। इसकी वजह से माल आने में देरी के कारण ऐसा हो रहा है। विशाल ने बताया कि इस बार दालों का उत्पादन भी कम हुआ है। पिछले तीन माह से दालों के दामों में वृद्धि हो रही है। जब नई फसल आएगी तभी इस पर लगाम लगने की उम्मीद की जा रही है।

‘घर चलाना हो रहा मुश्किल’
गृहिणी आरती श्रीवास्तव का कहना है कि दालों की कीमतें बढ़ने की ओर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। इसकी वजह से घर का पूरा बजट बिगड़ गया है। दिन प्रतिदिन बढ़ती महंगाई से घर चलाना मुश्किल हो रहा है। रिया का कहना है कि सरसों का तेल व रिफाइंड ऑयल के भाव आसमान छू रहे हैं। सरकार मूल्य नियंत्रण करने में असफल हो रही है। इसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है।
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