{"_id":"63bdb896fbcdab79215e5d4e","slug":"praying-for-long-life-of-sons-sitapur-news-lko666037525","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: निर्जला व्रत रख मांगी पुत्रों की लंबी उम्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: निर्जला व्रत रख मांगी पुत्रों की लंबी उम्र
विज्ञापन
सकट पूजा करती महिलाएं। -संवाद
- फोटो : SITAPUR
सीतापुर। पुत्रों की लंबी उम्र के लिए मनाया जाने वाला गणेश चतुर्थी (सकट) का पर्व मंगलवार को परंपरागत तरीके से पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस मौके पर माताओं ने अपने पुत्रों के सुख-वैभव तथा दीर्घायु की कामना के साथ दिन भर निर्जला व्रत रखा। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना के बाद व्रत का पारण किया गया। सकट पर्व पर मंदिरों व घरों में भी गणेश जयंती पर विशेष पूजा का आयोजन किया गया।
पुरानी मान्यताओं के अनुसार माघ कृष्ण चतुर्थी को भगवान गणेश अवतरित हुए थे। इस लिए इसे गणेश जयंती भी कहते हैं। इस दिन माताओं द्वारा अपने पुत्रों के सुख, संपन्नता व लंबी उम्र की कामना के लिए निर्जला व्रत रखने पर उनकी यह मनोकामना पूर्ण होती है। इसे सकट पर्व के नाम से भी जाना जाता है।
मंगलवार को घरों में सकट पूजा का आयोजन कर माताओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को तिल के लड्डू व अन्य सामग्री के साथ विधि विधान से सकट पूजा कर चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुरानी मान्यताओं के अनुसार माघ कृष्ण चतुर्थी को भगवान गणेश अवतरित हुए थे। इस लिए इसे गणेश जयंती भी कहते हैं। इस दिन माताओं द्वारा अपने पुत्रों के सुख, संपन्नता व लंबी उम्र की कामना के लिए निर्जला व्रत रखने पर उनकी यह मनोकामना पूर्ण होती है। इसे सकट पर्व के नाम से भी जाना जाता है।
विज्ञापन
मंगलवार को घरों में सकट पूजा का आयोजन कर माताओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को तिल के लड्डू व अन्य सामग्री के साथ विधि विधान से सकट पूजा कर चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया।
विज्ञापन