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आंधी-पानी से चरमराई बिजली व्यवस्था
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औरंगाबाद क्षेत्र में आंधी पानी से बाग में गिरा कच्चा आम। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। आंधी-पानी से जिले की बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई है। करीब छह सौ गांवों में बिजली गुल हो गई। 20 से अधिक पेड़ बिजली के तारों पर गिर गए तो कहीं जर्जर तार टूट गए। इससे इन गांवों में अंधेरा छा गया। इन पेड़ों को हटाने व तार जोड़ने में पावर कॉर्पोरेशन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई तो कई स्थानों पर देर शाम तक मरम्मत का काम चलता रहा। इसकी वजह से गर्मी में लोगों को दुश्वारियां उठानी पड़ी। बिजली न आने से उद्योग धंधे ठप रहे।
बीती रात तेज आंधी ने पूरी तरह से जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बिगाड़ दी। शहर के भवानीपुर फीडर व पुराने सीतापुर फीडर की अचानक गुल हुई बिजली करीब दो घंटे बाद बहाल हो सकी। उस दौरान बारिश की वजह से मौसम थोड़ा ठंडा जरूर हो गया था। इससे अंधेरा छाया रहा। इसी तरह रामपुर मथुरा संवाद के अनुसार बांसुरा उपकेंद्र से जुड़े करीब पांच सौ गांवों की बिजली अचानक गुल हो गई। पावर कॉर्पोरेशन ने बताया कि आंधी की वजह से कई जगहों पर पेड़ टूटकर तारों पर गिर गए है।
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इसी तरह तार जर्जर होने के कारण कई जगहों पर यह टूट गए है। इसके कारण गांवों की बिजली गुल हो गई। शिकायत पर पावर कॉर्पोरेशन की टीम मौके पर पहुंची। पेड़ों की छंटाई करके बिजली बहाल करने की कोशिश की। देर शाम तक गांवों में बिजली बहाल नहीं हो सकी। इसकी वजह से दिन में धूप अधिक होने से गर्मी में लोग बेहाल रहे। घरों में रखे हुए इंवर्टर डिस्चार्ज हो गए। मोबाइल तक चार्ज करने के लिए लोग परेशान दिखाई दिए। देर शाम तक यहां पर बिजली बहाल नहीं हो सकी।
अवर अभियंता सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि आंधी की वजह से दिक्कतें आई है। बिजली बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। लहरपुर संवाद के अनुसार आंधी-पानी की वजह से कई जगहों पर दिक्कतें आई। पावर कॉर्पोरेशन ने मरम्मत करके बिजली बहाल कर दी। गोंदलामऊ संवाद के अनुसार सरवा उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों में रात भर बिजली गायब रही।
बाड़ी व गोपालपुर भट्ठा के पास पेड़ टूटकर 33 केवी लाइन के ऊपर गिर गए। पावर कॉर्पोरेशन की टीम को जानकारी होने पर टीम वहां पर पहुंची। काफी देर तक मशक्कत के बाद गुरुवार शाम छह बजे करीब 20 घंटे बाद सप्लाई बहाल हो सकी। लंबी कटौती होने से लोग परेशान रहे। इलाके के उद्योग धंधे बिना बिजली के ठप रहे। इसी तरह जिले के अन्य इलाकों में बिजली बाधित रही। 20 से अधिक पेड़ तारों पर गिर गए।
गन्ने को हुआ फायदा
आंधी-पानी की वजह से फसलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अधिकतर किसानों ने अपना गेहूं काटकर उसको सुरक्षित कर लिया है। अगर खेत में गेहूं की फसल खड़ी होती तो जरूर नुकसान हो सकता था। इस समय खेतों में गन्ने की फसल बोई जा रही है। फसल खड़ी हुई है। गन्ने की फसल को इस समय पानी की जरूरत पड़ रही है जोरदार बारिश तो नहीं हुई लेकिन कम बरसात से फसलों में नमी जरूर पहुंच गई। इससे किसानों को राहत मिली है।
जिले में आंधी-पानी की वजह से कई जगहों पर दिक्कतें आई है। अधिकतर समस्या गांवों में हुई है। कई जगहों पर बिजली बहाल कर दी गई है। कई जगहों पर काम चल रहा है। पेड़ों को लाइनों से हटाने में समय लग रहा है।
नंदलाल, अधीक्षण अभियंता
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कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई तो कई स्थानों पर देर शाम तक मरम्मत का काम चलता रहा। इसकी वजह से गर्मी में लोगों को दुश्वारियां उठानी पड़ी। बिजली न आने से उद्योग धंधे ठप रहे।
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बीती रात तेज आंधी ने पूरी तरह से जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बिगाड़ दी। शहर के भवानीपुर फीडर व पुराने सीतापुर फीडर की अचानक गुल हुई बिजली करीब दो घंटे बाद बहाल हो सकी। उस दौरान बारिश की वजह से मौसम थोड़ा ठंडा जरूर हो गया था। इससे अंधेरा छाया रहा। इसी तरह रामपुर मथुरा संवाद के अनुसार बांसुरा उपकेंद्र से जुड़े करीब पांच सौ गांवों की बिजली अचानक गुल हो गई। पावर कॉर्पोरेशन ने बताया कि आंधी की वजह से कई जगहों पर पेड़ टूटकर तारों पर गिर गए है।
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इसी तरह तार जर्जर होने के कारण कई जगहों पर यह टूट गए है। इसके कारण गांवों की बिजली गुल हो गई। शिकायत पर पावर कॉर्पोरेशन की टीम मौके पर पहुंची। पेड़ों की छंटाई करके बिजली बहाल करने की कोशिश की। देर शाम तक गांवों में बिजली बहाल नहीं हो सकी। इसकी वजह से दिन में धूप अधिक होने से गर्मी में लोग बेहाल रहे। घरों में रखे हुए इंवर्टर डिस्चार्ज हो गए। मोबाइल तक चार्ज करने के लिए लोग परेशान दिखाई दिए। देर शाम तक यहां पर बिजली बहाल नहीं हो सकी।
अवर अभियंता सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि आंधी की वजह से दिक्कतें आई है। बिजली बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। लहरपुर संवाद के अनुसार आंधी-पानी की वजह से कई जगहों पर दिक्कतें आई। पावर कॉर्पोरेशन ने मरम्मत करके बिजली बहाल कर दी। गोंदलामऊ संवाद के अनुसार सरवा उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों में रात भर बिजली गायब रही।
बाड़ी व गोपालपुर भट्ठा के पास पेड़ टूटकर 33 केवी लाइन के ऊपर गिर गए। पावर कॉर्पोरेशन की टीम को जानकारी होने पर टीम वहां पर पहुंची। काफी देर तक मशक्कत के बाद गुरुवार शाम छह बजे करीब 20 घंटे बाद सप्लाई बहाल हो सकी। लंबी कटौती होने से लोग परेशान रहे। इलाके के उद्योग धंधे बिना बिजली के ठप रहे। इसी तरह जिले के अन्य इलाकों में बिजली बाधित रही। 20 से अधिक पेड़ तारों पर गिर गए।
गन्ने को हुआ फायदा
आंधी-पानी की वजह से फसलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अधिकतर किसानों ने अपना गेहूं काटकर उसको सुरक्षित कर लिया है। अगर खेत में गेहूं की फसल खड़ी होती तो जरूर नुकसान हो सकता था। इस समय खेतों में गन्ने की फसल बोई जा रही है। फसल खड़ी हुई है। गन्ने की फसल को इस समय पानी की जरूरत पड़ रही है जोरदार बारिश तो नहीं हुई लेकिन कम बरसात से फसलों में नमी जरूर पहुंच गई। इससे किसानों को राहत मिली है।
जिले में आंधी-पानी की वजह से कई जगहों पर दिक्कतें आई है। अधिकतर समस्या गांवों में हुई है। कई जगहों पर बिजली बहाल कर दी गई है। कई जगहों पर काम चल रहा है। पेड़ों को लाइनों से हटाने में समय लग रहा है।
नंदलाल, अधीक्षण अभियंता