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पुलिस पर थर्ड डिग्री का आरोप

Sat, 16 Nov 2019 11:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 16 Nov 2019 11:48 PM IST
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Police charged with third degree
सीतापुर। जेल में बंद डकैती के एक आरोपी को कुछ घंटे रिमांड पर लेकर उसे बेरहमी से पीटने के मामले में मिश्रिख पुलिस बुरी तरह फंस सकती है। मेडिकल रिपोर्ट से बंदी की बेरहमी से पिटाई का मामला प्रकाश में आया है। इस रिपोर्ट को जेल प्रशासन ने न्यायालय भेज दिया है।
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मिश्रिख कोतवाली इलाके नैमिषारण्य स्थित लक्ष्मणनगर निवासी आशीष मिश्रा के घर एक सितंबर की रात डकैती पड़ी थी। डकैती डलवाने में पीड़ित के ही एक रिश्तेदार सहित आठ लोगों के नाम सामने आए थे। पुलिस ने खीरी जिले के मितौली इलाके के कय्यूम शाह, रामकिशोर, राकेश व विजयपाल को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था।
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जांच में एक शिक्षामित्र, उसके दो पुत्र व खीरी जिले के मितौली क्षेत्र के कानाखेड़ा निवासी विश्राम का नाम भी सामने आया था। पुलिस विश्राम की तलाश कर रही थी, लेकिन विश्राम ने जिले के इमलिया सुल्तानपुर थाने से एनडीपीएस के एक मामले में वारंट के कारण करीब 15 दिन पूर्व कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
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उसके हाजिर होने के बाद मिश्रिख पुलिस को इसकी जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय में अर्जी देकर उसका कस्टडी रिमांड मांगा। पुलिस 12 नवंबर को विश्राम को जेल से छह घंटे के लिए न्यायालय के आदेश से रिमांड पर ले गई थी। पुलिस ने जब उसे जेल वापस किया तो उसकी हालत खराब थी।
जेल प्रशासन ने उसका मेडिकल कराया। मेडिकल में उसकी पिटाई का मामला प्रकाश में आया। इसके बाद मेडिकल रिपोर्ट जेल से न्यायालय भेजी गई।
सूत्र बताते हैं कि विश्राम को पुलिस ने कस्टडी में रखकर बेरहमी से पीटा। उसको थर्ड डिग्री टार्चर करने की भी चर्चा है। रिमांड पर लेकर बंदी की पिटाई के मामले में मिश्रिख पुलिस की मुश्किल बढ़ सकती हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बंदी ने दिखाए चोट के निशान
बंदी विश्राम की पुलिस कस्टडी में पिटाई के मामले में सूत्र ने बड़ा दावा किया है। सूत्र बताते हैं कि जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बंदी विश्राम की पेशी हुई थी।

इस दौरान उसने अपनी पीठ खोल पुलिस द्वारा पीटे जाने से हुए जख्म दिखाए थे। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। चोट के निशान व मेडिकल रिपोर्ट में आई चोटों से मिश्रिख पुलिस द्वारा की गई पिटाई का खुलासा हुआ।
पुलिस बोली, बंदी के पीठ रगड़ने से पड़ा निशान
कस्टडी रिमांड पर लेकर बंदी के पिटाई के मामले में मिश्रिख इंस्पेक्टर बृजेश राय ने कहा कि वह 25 हजार का इनामी है। उसके साथ मारपीट जैसा कुछ नहीं हुआ।
उसका मेडिकल कराकर भेजा गया था। ले जाते समय उसने गाड़ी में रखे एंटी राइट एक्यूकमेंट में अपनी पीठ रगड़ ली थी। इससे उसे रेडनेश आ गया था।
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