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1068 गांवों में खंभे लगे पर नहीं पहुंची बिजली
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Oct 2016 12:21 AM IST
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जिले में मोदी सरकार की योजनाओं की प्रगति बेहद खराब है, वजह अफसर रूचि नहीं ले रहे हैं। एक सप्ताह में योजनाओं की प्रगति में सुधार नहीं हुआ तो अफसरों पर कार्यवाही की जाएगी। कार्यवाही के साथ ही प्रदेश व केंद्र सरकार को अफसरों की कार्यशैली से अवगत कराया जाएगा। यह बात सांसद राजेश वर्मा ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में कही।
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केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान सांसद ने करीब दो दर्जन योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान सबसे खराब स्थिति ग्रामीण विद्युतीकरण की मिली। सांसद ने समीक्षा में पाया कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत 6254 ग्रामों में मार्च 2015 से अगस्त 2016 तक बिजली पहुंचानी थी। तय मियाद पूरी होने के बाद भी अभी 1068 गांवों में ही विद्युतीकरण कार्य हो सका।
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वहीं इन गांवों में भी बिजली सप्लाई शुरू नहीं की गई है। सांसद राजेश वर्मा ने कहा कि प्रदेश में सीतापुर की स्थिति ग्रामीण विद्युतीकरण में सबसे खराब है। उन्होंने पाया कि विद्युतीकरण का कार्य जिन गांवों में किया जा रहा है, वहां बोर्ड भी नहीं लगाए जा रहे हैं, इससे ग्रामीणों को यह नहीं पता चल पा रहा है कि यह कार्य किस योजना व एजेंसी के द्वारा किया जा रहा है।
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सांसद ने कहा कि विद्युतीकरण कार्य में एक सप्ताह में यदि सुधार नहीं हुआ तो अब अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। सांसद ने पीएमजेएसवाई योजना में सड़कों के निर्माण की गति धीमी पाए जाने व कार्य गुणवत्तापरक न होने पर भी नाराजगी जताई।
पेयजल योजना में हैंडपंप लगाने में जल निगम व यूपी एग्रो की प्रगति भी बेहद खराब पाई गई। सांसद अंजूबाला ने मिश्रिख क्षेत्र के सभी सीएची व पीएचसी की बदहाली का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के अस्पताल खुद ही बीमार हैं। सांसद ने बताया कि उन्होंने स्वंय अस्पतालों का निरीक्षण किया है, स्थिति बेहद खराब है।
सांसद राजेश वर्मा ने मानक के अनुरूप डॉक्टर की तैनाती सीएचसी पर न होने पर नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य महकमे पर स्थानीय राजनीतिक दबाव में काम करने की बात डीएम से कही और इसमें सुधार लाने को कहा।
सांसद ने कस्तूरबा गांधी स्कूलों में बाउंड्रीवाल न होने का मामला उठाया और सुरक्षा को लेकर तत्काल बाउंड्रीवाल बनाने को कहा। इस दौरान सांसद रेखा वर्मा, विधायक राधेश्याम जायसवाल, रामपाल यादव, एमएलसी उमेश द्विवेदी, डीएम अमृत त्रिपाठी, सीडीओ रविन्द्र कुमार, पीडी के के सिंह, डीडीओ राजेश कुमार त्रिपाठी आदि मौजूद थे।