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फूलों से महकेंगे परिषदीय विद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Sun, 05 Jul 2015 12:05 AM IST
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इसके तहत क्यारियां बनाकर फूल वाले पौधे रोपित किए जाएंगे। इसकी महक पूरे परिसर को सुगंधित करेगी। इससे विद्यालय का वातावरण खुशनुमा होगा व नौनिहालों का पढ़ाई में मन लगेगा। यह सब चालू सत्र से लागू होगा।
बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित स्कूलों का चालू सत्र शैक्षिक गुणवत्ता उन्नयन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय का अच्छा माहौल बने व नौनिहाल स्कूल की तरफ आकर्षित हों, जिससे उनको पढ़ाई के साथ सुगंधित माहौल मिल सके, इस मंशा को पूरी करने के लिए शासन ने प्रत्येक विद्यालय को फूलों से महकाने का फैसला किया है।
मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक महेंद्र सिंह राणा ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिसके तहत कहा गया है कि स्वच्छ भारत, स्वच्छ विद्यालय अभियान के तहत परिसर को साफ-सुथरा बनाया जाए। परिसर में क्यारियां बनाकर फूलों के पौधे रोपित किए जाएं। इसकी जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी। यह सब जुलाई माह में प्रारंभ कर दिया जाए। शासन से निर्देश मिलते ही विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।
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सामूहिक रूप से होगा व्यायाम
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि फूलों से परिसर महकेगा। इसके अलावा शासन ने अन्य निर्देश जारी किए हैं। जिसमें प्रार्थना सभा पर प्रतिदिन कविता प्रसंग शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। समाचार वादन, नैतिक वादन बारी-बारी से कराया जाएगा। नौनिहालों को प्रतिदिन गृहकार्य दिया जाएगा। अगर एक ही परिसर में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं तो सामूहिक रूप से व्यायाम कराया जाएगा। विद्यालयों में अगर शिक्षकों की कमी है तो सामंजस्य बनाकर चक्रवार दोनों स्कूलों में पठन-पाठन कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।
नौनिहालों के ग्रुप बनाकर होंगी प्रतियोगिताएं
प्राइवेट स्कूलों की तरह परिषदीय स्कूलों में भी सांस्कृतिक, साहित्यिक व खेलकूद प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। बच्चों के ग्रु्प बनाए जाएंगे। इन ग्रु्पों को नाम देते हुए एक विशेष रंग का झंडा आंवटित किया जाएगा। सप्ताह में होने वाली प्रतियोगिता से प्राप्त अंकों के आधार पर सदन का मूल्यांकन किया जाएगा। सदनों के नाम महापुरूषों, विदुषी महिलाओं व वीरांगनाओं से रखे जाएंगे।
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बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित स्कूलों का चालू सत्र शैक्षिक गुणवत्ता उन्नयन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय का अच्छा माहौल बने व नौनिहाल स्कूल की तरफ आकर्षित हों, जिससे उनको पढ़ाई के साथ सुगंधित माहौल मिल सके, इस मंशा को पूरी करने के लिए शासन ने प्रत्येक विद्यालय को फूलों से महकाने का फैसला किया है।
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मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक महेंद्र सिंह राणा ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिसके तहत कहा गया है कि स्वच्छ भारत, स्वच्छ विद्यालय अभियान के तहत परिसर को साफ-सुथरा बनाया जाए। परिसर में क्यारियां बनाकर फूलों के पौधे रोपित किए जाएं। इसकी जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी। यह सब जुलाई माह में प्रारंभ कर दिया जाए। शासन से निर्देश मिलते ही विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।
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सामूहिक रूप से होगा व्यायाम
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि फूलों से परिसर महकेगा। इसके अलावा शासन ने अन्य निर्देश जारी किए हैं। जिसमें प्रार्थना सभा पर प्रतिदिन कविता प्रसंग शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। समाचार वादन, नैतिक वादन बारी-बारी से कराया जाएगा। नौनिहालों को प्रतिदिन गृहकार्य दिया जाएगा। अगर एक ही परिसर में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं तो सामूहिक रूप से व्यायाम कराया जाएगा। विद्यालयों में अगर शिक्षकों की कमी है तो सामंजस्य बनाकर चक्रवार दोनों स्कूलों में पठन-पाठन कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।
नौनिहालों के ग्रुप बनाकर होंगी प्रतियोगिताएं
प्राइवेट स्कूलों की तरह परिषदीय स्कूलों में भी सांस्कृतिक, साहित्यिक व खेलकूद प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। बच्चों के ग्रु्प बनाए जाएंगे। इन ग्रु्पों को नाम देते हुए एक विशेष रंग का झंडा आंवटित किया जाएगा। सप्ताह में होने वाली प्रतियोगिता से प्राप्त अंकों के आधार पर सदन का मूल्यांकन किया जाएगा। सदनों के नाम महापुरूषों, विदुषी महिलाओं व वीरांगनाओं से रखे जाएंगे।