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पराली जलाने के मामले वापसी से किसान खुश, निर्णय को सराहा
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सीतापुर। प्रदेश सरकार के पराली जलाने के मामले वापस लेने के निर्णय से जिले के अन्नदाता खुश है। किसानों ने सरकार के इस निर्णय की सराहना करते हुए पूर्व में दर्ज मुकदमों को वह अपमानजनक बता रहें हैं। कहना है भविष्य में एफआईआर न दर्ज कराई जाए। जिले में तकरीबन 24 किसानों पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उनमें सरकार के प्रति नाराजगी थी। हालांकि, इस आदेश से किसानों की नाराजगी सरकार को लेकर कम हुई है।
बीते साल खरीफ के सीजन में पराली जलाने पर किसानों के विरूद्ध मुकदमे दर्ज कराए गए थे। तकरीबन सौ मामले प्रकाश में आने के बाद दो दर्जन मुकदमे दर्ज कराए गए थे। अन्नदाताओं में असंतोष था। कई किसान संगठनों ने इसे अलोकतांत्रिक बताकर निंदा की थी।
अन्नदाताओं कें विरूद्ध दर्ज कराई गई एफआईआर को वापस करने की मांग की थी। बावजूद इसके शासन स्तर से कार्रवाई नही हुई। विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर किसानों की नाराजगी को दूर करने के लिए पराली जलाने के मामले में दर्ज मुकदमे वापस लेने की घोषणा की गई है। इसे अन्नदाता देर से आए दुरुस्त आए की तरह मान रहें है।
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किसानों पर पराली जलाने के दर्ज मामलों को लेकर सरकार का जो भी आदेश होगा, उसमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अरविंद मोहन मिश्रा, उपकृषि निदेशक
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बीते साल खरीफ के सीजन में पराली जलाने पर किसानों के विरूद्ध मुकदमे दर्ज कराए गए थे। तकरीबन सौ मामले प्रकाश में आने के बाद दो दर्जन मुकदमे दर्ज कराए गए थे। अन्नदाताओं में असंतोष था। कई किसान संगठनों ने इसे अलोकतांत्रिक बताकर निंदा की थी।
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अन्नदाताओं कें विरूद्ध दर्ज कराई गई एफआईआर को वापस करने की मांग की थी। बावजूद इसके शासन स्तर से कार्रवाई नही हुई। विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर किसानों की नाराजगी को दूर करने के लिए पराली जलाने के मामले में दर्ज मुकदमे वापस लेने की घोषणा की गई है। इसे अन्नदाता देर से आए दुरुस्त आए की तरह मान रहें है।
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किसानों पर पराली जलाने के दर्ज मामलों को लेकर सरकार का जो भी आदेश होगा, उसमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अरविंद मोहन मिश्रा, उपकृषि निदेशक