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खत्म होगा ऑक्सीजन का संकट, लगेगा प्लांट
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सीतापुर। कोरोना काल में ऑक्सीजन के गहराते संकट के बीच स्वास्थ्य विभाग मरीजों की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी पर मंथन कर रहा है। माना जा रहा है कि इस पर जल्द ही काम शुरू हो सकता है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो ऑक्सीजन की किल्लत दूर होगी। यह प्लांट कहां लगेगा, इसका स्थान अभी तय नहीं हो सका है। महकमे का कहना है कि एक सप्ताह के अंदर यह पूरी प्रक्रिया तय हो जाएगी।
कोरोना से बेकाबू होते हालात के बीच मरीजों को ऑक्सीजन की सख्त जरूरत पड़ रही है। स्वास्थ्य महकमे का कहना है कि पॉजिटिव 10 मरीजों में से छह को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। इसी वजह से ऑक्सीजन को लेकर दिक्कत आ रही है। इस समय ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। एक-एक सिलेंडर के लिए मारामारी हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस समस्या को ध्यान में रखते हुए जल्द ही ऑक्सीजन की यह कमी पूरी की जाएगी। जिलेवासियों को जरूरत के समय ऑक्सीजन दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसको लेकर प्लानिंग अंतिम चरण में है। एक सप्ताह के अंदर जिले में ऑक्सीजन संयंत्र लगाने की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
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इससे जिले के अस्पतालों में होने वाली ऑक्सीजन की खपत के लिए अन्य जनपदों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। जरूरत के मुताबिक जिले में ही ऑक्सीजन उपलब्ध हो सकेंगी। इसका सबसे अधिक फायदा कोरोना संक्रमित मरीजों को मिलेगा।
बाराबंकी से आती है ऑक्सीजन
जिले में कोविड अस्पतालों में इस समय 50 मरीज भर्ती हैं। इन सभी मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही है। स्वास्थ्य महकमे का कहना है कि पहले एक दिन छोड़कर बाराबंकी जनपद को गाड़ी जाती थी। वहां से 50 ऑक्सीजन के सिलेंडर आ जाते थे। अब रोजाना एक गाड़ी जा रही है। फिर भी जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। ऑक्सीजन का बैकअप बनाना भी मुश्किल हो रहा है।
जिले के कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता आसानी से करने के लिए जल्द ही ऑक्सीजन का एक प्लांट लगाया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां चल रही है। जल्द ही संयंत्र लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
- डॉ. सुरेंद्र शाही, एसीएमओ
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कोरोना से बेकाबू होते हालात के बीच मरीजों को ऑक्सीजन की सख्त जरूरत पड़ रही है। स्वास्थ्य महकमे का कहना है कि पॉजिटिव 10 मरीजों में से छह को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। इसी वजह से ऑक्सीजन को लेकर दिक्कत आ रही है। इस समय ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। एक-एक सिलेंडर के लिए मारामारी हो रही है।
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स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस समस्या को ध्यान में रखते हुए जल्द ही ऑक्सीजन की यह कमी पूरी की जाएगी। जिलेवासियों को जरूरत के समय ऑक्सीजन दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसको लेकर प्लानिंग अंतिम चरण में है। एक सप्ताह के अंदर जिले में ऑक्सीजन संयंत्र लगाने की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
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इससे जिले के अस्पतालों में होने वाली ऑक्सीजन की खपत के लिए अन्य जनपदों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। जरूरत के मुताबिक जिले में ही ऑक्सीजन उपलब्ध हो सकेंगी। इसका सबसे अधिक फायदा कोरोना संक्रमित मरीजों को मिलेगा।
बाराबंकी से आती है ऑक्सीजन
जिले में कोविड अस्पतालों में इस समय 50 मरीज भर्ती हैं। इन सभी मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही है। स्वास्थ्य महकमे का कहना है कि पहले एक दिन छोड़कर बाराबंकी जनपद को गाड़ी जाती थी। वहां से 50 ऑक्सीजन के सिलेंडर आ जाते थे। अब रोजाना एक गाड़ी जा रही है। फिर भी जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। ऑक्सीजन का बैकअप बनाना भी मुश्किल हो रहा है।
जिले के कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता आसानी से करने के लिए जल्द ही ऑक्सीजन का एक प्लांट लगाया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां चल रही है। जल्द ही संयंत्र लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
- डॉ. सुरेंद्र शाही, एसीएमओ