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बुखार व मलेरिया का प्रकोप, तीन बच्चे भर्ती
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जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती बच्चे इलाज करती नर्स। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। बच्चों में वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मलेरिया से भी बच्चे संक्रमित हो रहे हैं। बुखार से परेशान तीन बच्चे सोमवार को जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किए गए। इसमें एक बच्चे को मलेरिया है। ओपीडी में भी लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
जिले में इस समय वायरल फीवर व मलेरिया का प्रकोप फैला हुआ है। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सोमवार को करीब ढाई हजार मरीज ओपीडी में आए। इसमें करीब 50 फीसदी मरीज वायरल फीवर के शामिल थे। बच्चे भी वायरल से संक्रमित हो रहे हैं।
ओपीडी में करीब 150 बच्चों ने दिखाया, जिसमें 50 बच्चे बुखार से परेशान मिले। तीन बच्चे गंभीर होने पर चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किए गए। पिसावां इलाके के शेखनापुर की शुभी (10) बुखार से परेशान थी। चिकित्सकों ने गंभीर हालत को देखते हुए इन्हें अस्पताल में भर्ती किया। इसी प्रकार मानपुर इलाके के गेंदपुरवा निवासी पांच माह के सत्यम यादव को भर्ती किया गया। जिला अस्पताल में जांच की गई।
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इसमें मलेरिया की पुष्टि हुई है। लखीमपुर जनपद के धौरहरा निवासी महाम को बुखार व उल्टी दस्त की शिकायत पर भर्ती किया गया है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि बच्चे मलेरिया व बुखार से संक्रमित होने पर भर्ती किए जा रहे हैं। अभी बच्चों में डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है।
दवा काउंटर पर फैली गंदगी
जिला अस्पताल में भीड़ उमड़ रही है। संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है। दवा काउंटर के पास लंबी लाइनें लग रही है। यहां पर गंदगी की भरमार है। सोमवार को पास में ढेर गंदगी के बीच मरीज दवा ले रहे थे।
जबकि इस समय डेंगू व मलेरिया का प्रकोप फैला हुआ है। यह मच्छर के काटने से होता है। एक तरफ साफ-सफाई बनाए रखने की बात कही जा रही है तो दूसरी तरफ अस्पताल की गंदगी मरीजों को संक्रमण की गिरफ्त में ढकेल रही है। इसी के पड़ोस में गांधी पार्क में भी गंदगी फैली हुई है।
दवाओं का गहरा रहा संकट
जिला अस्पताल में दवाओं का संकट गहराता जा रहा है। कई दवाएं पहले से मौजूद नहीं थी। अब पहले से बची दवाओं का स्टॉक कम हो रहा है। दवाओं की डिमांड बढ़ रही है। इससे अस्पताल में दवाओं का संकट गहराने लगा है। पहले से ही जिला अस्पताल में एंटी एलर्जी, आंख व कान के ड्राप की कमी थी। अब पैरासीटामॉल की भी कमी होने लगी है।
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जिले में इस समय वायरल फीवर व मलेरिया का प्रकोप फैला हुआ है। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सोमवार को करीब ढाई हजार मरीज ओपीडी में आए। इसमें करीब 50 फीसदी मरीज वायरल फीवर के शामिल थे। बच्चे भी वायरल से संक्रमित हो रहे हैं।
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ओपीडी में करीब 150 बच्चों ने दिखाया, जिसमें 50 बच्चे बुखार से परेशान मिले। तीन बच्चे गंभीर होने पर चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किए गए। पिसावां इलाके के शेखनापुर की शुभी (10) बुखार से परेशान थी। चिकित्सकों ने गंभीर हालत को देखते हुए इन्हें अस्पताल में भर्ती किया। इसी प्रकार मानपुर इलाके के गेंदपुरवा निवासी पांच माह के सत्यम यादव को भर्ती किया गया। जिला अस्पताल में जांच की गई।
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इसमें मलेरिया की पुष्टि हुई है। लखीमपुर जनपद के धौरहरा निवासी महाम को बुखार व उल्टी दस्त की शिकायत पर भर्ती किया गया है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि बच्चे मलेरिया व बुखार से संक्रमित होने पर भर्ती किए जा रहे हैं। अभी बच्चों में डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है।
दवा काउंटर पर फैली गंदगी
जिला अस्पताल में भीड़ उमड़ रही है। संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है। दवा काउंटर के पास लंबी लाइनें लग रही है। यहां पर गंदगी की भरमार है। सोमवार को पास में ढेर गंदगी के बीच मरीज दवा ले रहे थे।
जबकि इस समय डेंगू व मलेरिया का प्रकोप फैला हुआ है। यह मच्छर के काटने से होता है। एक तरफ साफ-सफाई बनाए रखने की बात कही जा रही है तो दूसरी तरफ अस्पताल की गंदगी मरीजों को संक्रमण की गिरफ्त में ढकेल रही है। इसी के पड़ोस में गांधी पार्क में भी गंदगी फैली हुई है।
दवाओं का गहरा रहा संकट
जिला अस्पताल में दवाओं का संकट गहराता जा रहा है। कई दवाएं पहले से मौजूद नहीं थी। अब पहले से बची दवाओं का स्टॉक कम हो रहा है। दवाओं की डिमांड बढ़ रही है। इससे अस्पताल में दवाओं का संकट गहराने लगा है। पहले से ही जिला अस्पताल में एंटी एलर्जी, आंख व कान के ड्राप की कमी थी। अब पैरासीटामॉल की भी कमी होने लगी है।