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समय से पहले ही बंद हुई ओपीडी
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जिला अस्पताल में आष्युमान कार्ड बनाने वाला कर्मचारी नदारद मिला और कर्मचारी का इंतजार करती महिला
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिला अस्पताल में बुधवार को स्वास्थ्य सुविधाएं बेपटरी दिखाई दी। समय से पहले ही अधिकांश केंद्र बंद रहे। ओपीडी में एक बजे से पहले ही चिकित्सक उठकर चले गए। इसकी वजह से तमाम मरीज बिना इलाज के ही वापस लौट गए।
सुबह बढ़ती ठंड के कारण एक तरफ मरीज ठिठुरते हुए अस्पताल पहुंच थे। लेकिन वहां पर उनको सुविधाएं मिलना बहुत ही मुश्किल हो रही थी। अमर उजाला टीम ने करीब एक बजे अस्पताल की रियलटी देखी तो खामियां उजागर हुईं। जिला अस्पताल के पीछे बनी ओपीडी में चिकित्सक नदारद दिखाई दिए। चिकित्सक डॉ. जेएन सिंह मरीजों को देख रहे थे।
जबकि डॉ. डीलाल व अन्य चिकित्सक नदारद थे। जबकि कई मरीज चिकित्सक का इंतजार कर रहे थे। मरीज शोभित व रामआसरे ने बताया कि करीब एक घंटे से खड़ा हूं। अभी तक चिकित्सक नहीं आए है। सीतापुर से करीब 40 किलोमीटर दूर घर है। ठंड बढ़ती जा रही है। ऐसे में देर से घर पहुंचने में तमाम दुश्वारियां उठानी पड़ेगी। ओपीडी के पड़ोस में ही ईसीजी कक्ष है। वह भी बंद मिला है। मानसिक रोग विशेषज्ञ के कमरे में ताला लटका हुआ था।
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आयुष्मान कार्ड बनवाना मुश्किल
जिले अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनवाए जाते है। इस कार्ड को बनवाने के लिए एक कक्ष बना हुआ है। लेकिन इस कक्ष में कर्मचारी समय से नहीं बैठते है। इससे लोगों को अपना कार्ड बनवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बुधवार को कई लोग गोल्डन कार्ड बनवाए आए थे। वह काफी देर तक इंतजार करते रहे। कमरे के बाहर खड़े रामखेलावन ने बताया कि दो दिन से दौड़ रहा हूं। कोई न कोई कागज न होने का बहाना बताकर वापस कर दिया जाता है। बुधवार को एक घंटे से अधिक समय बीत गया, कार्ड नहीं बन पा रहा है।
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सुबह बढ़ती ठंड के कारण एक तरफ मरीज ठिठुरते हुए अस्पताल पहुंच थे। लेकिन वहां पर उनको सुविधाएं मिलना बहुत ही मुश्किल हो रही थी। अमर उजाला टीम ने करीब एक बजे अस्पताल की रियलटी देखी तो खामियां उजागर हुईं। जिला अस्पताल के पीछे बनी ओपीडी में चिकित्सक नदारद दिखाई दिए। चिकित्सक डॉ. जेएन सिंह मरीजों को देख रहे थे।
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जबकि डॉ. डीलाल व अन्य चिकित्सक नदारद थे। जबकि कई मरीज चिकित्सक का इंतजार कर रहे थे। मरीज शोभित व रामआसरे ने बताया कि करीब एक घंटे से खड़ा हूं। अभी तक चिकित्सक नहीं आए है। सीतापुर से करीब 40 किलोमीटर दूर घर है। ठंड बढ़ती जा रही है। ऐसे में देर से घर पहुंचने में तमाम दुश्वारियां उठानी पड़ेगी। ओपीडी के पड़ोस में ही ईसीजी कक्ष है। वह भी बंद मिला है। मानसिक रोग विशेषज्ञ के कमरे में ताला लटका हुआ था।
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आयुष्मान कार्ड बनवाना मुश्किल
जिले अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनवाए जाते है। इस कार्ड को बनवाने के लिए एक कक्ष बना हुआ है। लेकिन इस कक्ष में कर्मचारी समय से नहीं बैठते है। इससे लोगों को अपना कार्ड बनवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बुधवार को कई लोग गोल्डन कार्ड बनवाए आए थे। वह काफी देर तक इंतजार करते रहे। कमरे के बाहर खड़े रामखेलावन ने बताया कि दो दिन से दौड़ रहा हूं। कोई न कोई कागज न होने का बहाना बताकर वापस कर दिया जाता है। बुधवार को एक घंटे से अधिक समय बीत गया, कार्ड नहीं बन पा रहा है।