{"_id":"62814d005ad2e512e24f92f3","slug":"only-44-percent-of-the-teenager-got-the-vaccine-sitapur-news-lko6307579122","type":"story","status":"publish","title_hn":"महज 44 फीसदी किशोरी ने लगवाया टीका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महज 44 फीसदी किशोरी ने लगवाया टीका
विज्ञापन
सीतापुर। कोविड टीकाकरण में 12 से 14 साल के किशोर रुचि नहीं ले रहे हैं। करीब चार माह के अभियान के बाद महज 44 फीसदी ने ही पहली डोज लगवाई है। अगर 15 से 17 साल की बात की जाए तो पहली डोज में तो तेजी दिखी, लेकिन दूसरी डोज 60 फीसदी किशोरों ने ही लगवाई है। किशोरों के टीकाकरण न कराने से स्वास्थ्य विभाग को लक्ष्य पूरा करने में पसीना आ रहा है। अब जब कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है तो विभाग लोगों से वैक्सीनेशन कराने की अपील कर रहा है। फिर भी टीकाकरण में प्रगति नजर नहीं आ रही।
जिले में कोविड टीकाकरण चल रहा है लेकिन किशोरों का टीकाकरण रफ्तार पकड़ने के बजाए धीमा पड़ता जा रहा है। अगर 12 से 14 साल के किशोरों की बात की जाए तो जिले में 1.90 लाख किशोरों का टीकाकरण करने का लक्ष्य तय किया गया था। यह अभियान करीब चार माह से जिले में चलाया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न कॉलेजों में कैंप लगाए गए। जिले की सभी सीएचसी पर टीकाकरण चल रहा है। इसके बावजूद टीकाकरण तेज नहीं हो पा रहा है। इस आयु वर्ग में महज 44 फीसदी किशोरों ने ही पहली डोज लगवाई गई है।
अगर दूसरी डोज की बात की जाए तो महज 10 फीसदी बच्चों ने इसे लगवाना जरूरी समझा है। इसी तरह 15 से 17 साल आयु वर्ग के किशोरों की बात की जाए तो जिले में 60 फीसदी बच्चों ने दूसरी डोज लगवाई है। इसकी वजह से जिले में पहली व दूसरी डोज लगवाने में किशोर रुचि नहीं ले रहे है। इससे विभाग को इनका शत प्रतिशत टीकाकरण पूरा करने में काफी दिक्कतें आ रही है।
विज्ञापन
अन्य आयु वर्ग का यह है टीकाकरण
जिले में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को पहली डोज तो शत प्रतिशत लग गई है। दूसरी डोज महज 84 फीसदी लोगों ने ही लगवाई है। इनकी समय सीमा निकले हुए काफी समय बीत गया है। इसी तरह 18 से अधिक व 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को पहली डोज शत प्रतिशत लगवाई जा चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्कूलों में कैंप लगाकर टीकाकरण कराने का प्लान चल रहा है। लेकिन 20 मई के बाद गीष्म अवकाश शुरूहो रहा है। इसकी वजह से स्कूल कॉलेज बंद हो जाएंगे। इससे मई व जून माह में भी टीकाकरण अभियान गति नहीं पकड़ पाएगा। जुलाई माह में स्कूल खुलने पर ही तेजी आएगी। विभाग का कहना है स्कूलों का अब विशेष सहयोग लेकर ही टारगेट पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
जिले में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अपेक्षा के अनुरूप किशोर टीकाकरण करवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अभिभावकों से अपील है कि वे बच्चों का टीकाकरण अवश्य करवाएं।
- डॉ. पीके सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
जिले में कोविड टीकाकरण चल रहा है लेकिन किशोरों का टीकाकरण रफ्तार पकड़ने के बजाए धीमा पड़ता जा रहा है। अगर 12 से 14 साल के किशोरों की बात की जाए तो जिले में 1.90 लाख किशोरों का टीकाकरण करने का लक्ष्य तय किया गया था। यह अभियान करीब चार माह से जिले में चलाया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न कॉलेजों में कैंप लगाए गए। जिले की सभी सीएचसी पर टीकाकरण चल रहा है। इसके बावजूद टीकाकरण तेज नहीं हो पा रहा है। इस आयु वर्ग में महज 44 फीसदी किशोरों ने ही पहली डोज लगवाई गई है।
विज्ञापन
अगर दूसरी डोज की बात की जाए तो महज 10 फीसदी बच्चों ने इसे लगवाना जरूरी समझा है। इसी तरह 15 से 17 साल आयु वर्ग के किशोरों की बात की जाए तो जिले में 60 फीसदी बच्चों ने दूसरी डोज लगवाई है। इसकी वजह से जिले में पहली व दूसरी डोज लगवाने में किशोर रुचि नहीं ले रहे है। इससे विभाग को इनका शत प्रतिशत टीकाकरण पूरा करने में काफी दिक्कतें आ रही है।
विज्ञापन
अन्य आयु वर्ग का यह है टीकाकरण
जिले में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को पहली डोज तो शत प्रतिशत लग गई है। दूसरी डोज महज 84 फीसदी लोगों ने ही लगवाई है। इनकी समय सीमा निकले हुए काफी समय बीत गया है। इसी तरह 18 से अधिक व 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को पहली डोज शत प्रतिशत लगवाई जा चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्कूलों में कैंप लगाकर टीकाकरण कराने का प्लान चल रहा है। लेकिन 20 मई के बाद गीष्म अवकाश शुरूहो रहा है। इसकी वजह से स्कूल कॉलेज बंद हो जाएंगे। इससे मई व जून माह में भी टीकाकरण अभियान गति नहीं पकड़ पाएगा। जुलाई माह में स्कूल खुलने पर ही तेजी आएगी। विभाग का कहना है स्कूलों का अब विशेष सहयोग लेकर ही टारगेट पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
जिले में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अपेक्षा के अनुरूप किशोर टीकाकरण करवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अभिभावकों से अपील है कि वे बच्चों का टीकाकरण अवश्य करवाएं।
- डॉ. पीके सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी