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12 उच्च प्राथमिक स्कूलों में नहीं एक भी शिक्षक
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सीतापुर। जिले के 12 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक भी शिक्षक नहीं है। इससे यहां पर कामचलाऊ तरीके से पढ़ाई कराई जा रही है। दूसरे विद्यालय के शिक्षकों को यहां अटैच करके पढ़ाई कराई जा रही है। इससे करीब डेढ़ हजार विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक व बच्चों का अनुपात बिगड़ा हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक उच्च प्राथमिक विद्यालय में 35 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होना चाहिए। जबकि प्राथमिक विद्यालय में 30 बच्चों पर एक शिक्षक का मानक तय है। लेकिन जिले में यह मानक कई विद्यालयों में पूरा नहीं हो पा रहा है।
अगर उच्च प्राथमिक विद्यालय की बात की जाए तो जिले में 12 ऐसे विद्यालय हैं, जहां पर शिक्षकों के सेवानिवृत्त हो जाने के चलते पद रिक्त हो गए है। इन विद्यालयों में नई भर्ती न होने से शिक्षकों का संकट खड़ा हो गया था। इन विद्यालयों में प्रमोशन के जरिये पद भरे जाते हैं, लेकिन प्रमोशन प्रक्रिया लटकी होने से दिक्कतें आ रही है। इस पर इन विद्यालयों में दूसरे विद्यालय के शिक्षकों को अटैच करके पढ़ाई कराई जा रही है। इससे करीब डेढ़ हजार बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
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इन स्कूलों में नहीं शिक्षक
बेहटा विकासखंड का उच्च प्राथमिक विद्यालय दुबई, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिकरी, उच्च प्राथमिक विद्यालय खैरेपट्टी, उच्च प्राथमिक विद्यालय पट्टी देहली, उच्च प्राथमिक विद्यालय पूरनपुरवा, उच्च प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय करमोडीढ़, गोंदलामऊ विकासखंड का उच्च प्राथमिक विद्यालय विजनग्रंट व रौसिंहपुर, महोली विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय कैमहरा व रेउसा विकासखंड का उच्च प्राथमिक विद्यालय करसा शामिल है।
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बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक व बच्चों का अनुपात बिगड़ा हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक उच्च प्राथमिक विद्यालय में 35 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होना चाहिए। जबकि प्राथमिक विद्यालय में 30 बच्चों पर एक शिक्षक का मानक तय है। लेकिन जिले में यह मानक कई विद्यालयों में पूरा नहीं हो पा रहा है।
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अगर उच्च प्राथमिक विद्यालय की बात की जाए तो जिले में 12 ऐसे विद्यालय हैं, जहां पर शिक्षकों के सेवानिवृत्त हो जाने के चलते पद रिक्त हो गए है। इन विद्यालयों में नई भर्ती न होने से शिक्षकों का संकट खड़ा हो गया था। इन विद्यालयों में प्रमोशन के जरिये पद भरे जाते हैं, लेकिन प्रमोशन प्रक्रिया लटकी होने से दिक्कतें आ रही है। इस पर इन विद्यालयों में दूसरे विद्यालय के शिक्षकों को अटैच करके पढ़ाई कराई जा रही है। इससे करीब डेढ़ हजार बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
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इन स्कूलों में नहीं शिक्षक
बेहटा विकासखंड का उच्च प्राथमिक विद्यालय दुबई, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिकरी, उच्च प्राथमिक विद्यालय खैरेपट्टी, उच्च प्राथमिक विद्यालय पट्टी देहली, उच्च प्राथमिक विद्यालय पूरनपुरवा, उच्च प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय करमोडीढ़, गोंदलामऊ विकासखंड का उच्च प्राथमिक विद्यालय विजनग्रंट व रौसिंहपुर, महोली विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय कैमहरा व रेउसा विकासखंड का उच्च प्राथमिक विद्यालय करसा शामिल है।