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वित्तविहीन शिक्षकाें को मिलेगा मानदेय
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Mon, 06 Jul 2015 12:05 AM IST
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यह बात शिक्षक एमएलसी उमेश द्विवेदी ने कही। वह रविवार को माध्यमिक वित्तविहीन विद्यालय प्रबंधक महासभा के जनपदीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
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गुरुनानक इंटर कॉलेज में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा जनशक्ति के निर्धारण के लिए प्रबंधकों को दूसरी सूची भेजने की जरूरत नहीं है। पांच वर्ष का अनुभव व आरक्षण की व्यवस्था वित्तविहीन विद्यालयों पर लागू नहीं होने पाएगी। शिक्षकों के अनुभव प्रमाणपत्र डीआईओएस द्वारा सत्यापित किए जाएंगे।
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सम्मेलन में शिक्षकाें की सेवा सुरक्षा, मानदेय संबंधी विसंगतियों को दूर करना, विद्यालयों की मान्यता में दूरी का निर्धारण करना, फर्जी व गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय के संचालन पर प्रतिबंध लगाना, विद्यालयों को राजकीय अनुदान दिया जाना आदि मुद्दों पर चर्चा की गई।
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वक्ताओं ने कहा सत्र परिवर्तन के कारण एडमिशन प्रक्रिया 15 जुलाई तक होनी है। इतने कम समय में यह पूरी नही सकती है। एक माह तिथि बढ़ाई जानी चाहिए। अनुसूचित जाति की छात्राओं को केंद्रीय अनुदान के रूप में मिलने वाली तीन हजार रुपये की धनराशि वित्तविहीन कॉलेजों को भी मिलनी चाहिए।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी रामवीर सिंह व प्रबंधक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार त्रिपाठी ने मान्यता संबंधी विसंगतियों सहित तमाम समस्याओं पर विचार व्यक्त किए। सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष सोम दीक्षित ने की।