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अक्षय तृतीया पर अबकी नहीं गूंजेंगी शहनाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2016 11:19 PM IST
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विवाह
- फोटो : amar ujala bureau
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इस बार अक्षय तृतीया के दिन शहनाई नहीं बजेगी। दूल्हा-दुल्हन सात फेरे नहीं ले सकेंगे। वजह, शुक्र अस्त होना है। इस साल अक्षय तृतीया के दिन शादियों पर ग्रहण लगना है। ज्योतिषियों के अनुसार करीब सौ साल बाद ऐसा होगा कि अबूझ सहालग माने जाने वाले आखा तीज के दिन शादियां नहीं हो सकेंगी।
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पंडित धनंजय मिश्र बताते हैं कि शुभ कार्यों, खासकर शादी के लिए अक्षय तृतीया का दिन बेहद शुभ माना जाता है। पुराणों के अनुसार बैसाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आखा तीज कहा जाता है।
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इस बार नौ मई को अक्षय तृतीया है। इस दिन लोग परंपरागत ढंग से स्नान-दान कर पुण्य-लाभ अर्जित करते हैं। मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने नर-नारायण व हयग्रीव के रूप में धरती पर अवतार लिया था। आखा तीज के दिन ही भगवान परशुराम का अवतरण भी हुआ था।
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इतना ही नहीं सतयुग व त्रेता युग की शुरुआत भी इसी दिन हुई थी। परंपरा के अनुसार बद्रीनारायण के पट भी इसी दिन खोले जाते हैं। इसीलिए यह दिन सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। मान्यता है कि जिनकी शादी के लिए कोई शुभ मुहूर्त न मिल रहा हो, वह जोड़े भी इस दिन सात फेरे ले सकते हैं।
यह दिन अबूझ सहालग का माना जाता है, लेकिन इस बार ऐसा संयोग नहीं बन रहा है। शुक्र डूबने से इस दिन शादी का योग नहीं है। इसे लेकर लोगों में मायूसी भी है।