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नहीं मिली एंबुलेंस, प्रसूता की जान गई
Amarujala Bureau
Updated Wed, 17 Aug 2016 11:44 PM IST
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एंबुलेंस
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला
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एंबुलेंस के इंतजार में बुधवार को एक प्रसूता ने स्वास्थ्य केंद्र में दम तोड़ दिया। प्रसव के बाद अधिक ब्लीडिंग होने पर महिला को डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर किया था। परिवारीजनों ने एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर फोन किया। करीब तीन घंटे के इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी और प्रसव पीड़िता ने दम तोड़ दिया। मामला रेउसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है।
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थानगांव के ग्राम आयोध्या पुरवा मुजेहना निवासी अभिलाष की पत्नी रजनी देवी (30) गर्भवती थी। बुधवार भोर रजनी को प्रसव पीड़ा हुई। इस पर परिवार ने उसे रेउसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। सुबह 6:45 बजे रजनी ने एक पुत्र को जन्म दिया। जन्म देने के बाद से ही उसकी हालत बिगड़ गई।
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ब्लीडिंग न रुकने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घरवालों ने सरकारी एंबुलेंस के लिए फोन किया और इंतजार करने लगे। करीब 3 घंटे बाद भी एंबुलेेंस नहीं पहुंची। इस दौरान रजनी की हालत बिगड़ती चली गई। थकहार कर घरवाले निजी वाहन का इंतजाम करने लगे इसी बीच प्रसूत ने 10:15 बजे दम तोड़ दिया।
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उधर, प्रसूता की मौत की खबर पाकर परिवारीजनों ने सीएचसी परिसर में जमकर हंगामा किया। हालांकि कुछ देर बाद ये लोग शव लेकर घर चले गए। स्वास्थ्य केंद्र की डॉ. सुधा ने बताया कि प्रसव के बाद ब्लीडिंग तेज हो गई थी। स्थिति संभालने का प्रयास किया गया, लेकिन हालत बिगड़ती चली गई।
महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। सरकारी एंबुलेंस न मिलने की वजह से उसकी मौत हो गई। उधर, एंबुलेंस सेवा-108 व 102 के अधिकारियों का कहना है कि सही जानकारी न मिलने की वजह से एंबुलेंस नहीं मिल सकी। यदि एंबुलेंस संचालन केंद्र को सही जानकारी मिल जाती, तो एंबुलेंस जरूर भेजी जाती।
बात नहीं हो सकी
परिवार की कॉल रिसीव तो जरूर हुई, लेकिन बात पूरी नहीं हो सकी थी। जिसकी वजह से उन्हें एंबुलेंस नहीं मिल सकी। यदि बात पूरी होती, तो एंबुलेंस सेवा जरूर मिलती। महिला को घर से अस्पताल तक सरकारी एंबुलेंस से ही पहुंचाया गया था।
अविनाश कुमार पांडेय, जिला प्रभारी 108 व 102