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मथुरा-वृंदावन की तर्ज पर संवरेगा नैमिष
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सीतापुर। मथुरा-वृंदावन की तर्ज पर नैमिषारण्य को संवारने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत ब्रज तीर्थ विकास परिषद की तरह यहां नैमिष तीर्थ विकास परिषद का गठन होगा। विभिन्न योजनाओं की धनराशि इसी परिषद में आएगी। नैमिष को स्मार्ट बनाने का खाका परिषद ही खींचेगा।
इसे लेकर डीएम व मिश्रिख विधायक के बीच बात हुई है। विधायक ने इस योजना पर काम शुरू करने की सहमति दे दी है। प्रदेश की सभी विख्यात धार्मिक नगरी को स्मार्ट बनाने के प्लान पर योगी सरकार काम कर रही है। सीएम की मंशा को धरातल पर उतारने का काम जिले में शुरू हो गया है।
जिलाधिकारी उन कार्यों की सूची तैयार करने में जुट गए हैं जो धर्म और आस्था की इस पावन भूमि को प्राचीन धार्मिक स्वरूप के अनुरूप स्मार्ट बना सकते हैं। इसके लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद की तर्ज पर यहां नैमिष तीर्थ विकास परिषद के गठन की कवायद शुरू की गई है।
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इसका मकसद नैमिष के विकास को लेकर शासन से विभिन्न योजनाओं के तहत आने वाली धनराशि एक ही जगह (नैमिष तीर्थ विकास परिषद) पहुंचाना है। अगर ऐसा होता है तो नैमिष तीर्थ विकास परिषद ही नैमिषारण्य को विकसित करने की महायोजना बनाएगा। डीएम व विधायक मिश्रिख के बीच मंत्रणा के बाद प्रशासन द्वारा यह कवायद शुरू कर दी गई है।
बिना अनुमति के नहीं हो सकेगा नया निर्माण
अगर नैमिष तीर्थ विकास परिषद की परिकल्पना साकार हुई तो इस तीर्थ नगरी में परिषद की अनुमति के बगैर जमीन की रजिस्ट्री और कोई भी नया निर्माण नहीं कराया जा सकेगा। नया निर्माण कराने के लिए परिषद की मंजूरी आवश्यक होगी। जमीनों पर अवैध कब्जा व अवैध निर्माण से होने वाले अतिक्रमण की रोकथाम के लिए यह कवायद की जा रही है।
अस्पताल को भी बनाया जाएगा हाईटेक
नैमिष के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाया गया है। इसके बाद भी यहां कई तरह की जरूरी सेवाएं मुहैया नहीं हैं।
इसके लिए मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। नैमिष दर्शन को देश-विदेश के श्रद्धालु व वीआईपी आते हैं। इन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, इस मंशा से अस्पताल को हाईटेक बनाने का प्लान है।
ऐसे होगा कायाकल्प
तीर्थ नगरी के सभी प्रमुख मार्गों का सौंदर्यीकरण होगा। इसके अलावा सभी प्रमुख मार्गों पर डिवाइडर और स्ट्रीट एलईडी लाइट, सभी एंट्री पॉइंट को खूबसूरत बनाना, प्रमुख चौराहा और तिराहों को आकर्षण स्वरूप देना, पार्कों का सौंदर्यीकरण, कुछ नए पार्क बनाने व आदि गंगा गोमती के घाटों को संवारने का काम होगा।
बोटिंग का भी लुत्फ ले सकेंगे श्रद्धालु
आदि गंगा गोमती में बोटिंग की योजना पर भी विचार चल रहा है। योजना है कि यहां बोटिंग कराई जाए। नैमिष दर्शन को आने वाले श्रद्धालु गोमती नदी में इसका लुत्फ उठा सकें। गोमती के दोनों ओर पौधरोपण की भी योजना है।
नैमिषारण्य तीर्थ के विकास के लिए नैमिष तीर्थ विकास परिषद के गठन पर काम शुरू किया गया है। इसके तहत संचालित समिति नैमिष के विकास कार्यों का खाका खींचेगी। शासन से विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाली धनराशि इसी परिषद के खाते में आएगी।
- अखिलेश तिवारी, जिलाधिकारी
योगी सरकार नैमिष के विकास और इसे पर्यटन के नक्शे पर उभारने को प्रयासरत है। डीएम से इस संबंध में चर्चा हुई है। नैमिष को विकसित करने की महायोजना पर काम किया जा रहा है।
- रामकृष्ण भार्गव, विधायक मिश्रिख
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इसे लेकर डीएम व मिश्रिख विधायक के बीच बात हुई है। विधायक ने इस योजना पर काम शुरू करने की सहमति दे दी है। प्रदेश की सभी विख्यात धार्मिक नगरी को स्मार्ट बनाने के प्लान पर योगी सरकार काम कर रही है। सीएम की मंशा को धरातल पर उतारने का काम जिले में शुरू हो गया है।
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जिलाधिकारी उन कार्यों की सूची तैयार करने में जुट गए हैं जो धर्म और आस्था की इस पावन भूमि को प्राचीन धार्मिक स्वरूप के अनुरूप स्मार्ट बना सकते हैं। इसके लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद की तर्ज पर यहां नैमिष तीर्थ विकास परिषद के गठन की कवायद शुरू की गई है।
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इसका मकसद नैमिष के विकास को लेकर शासन से विभिन्न योजनाओं के तहत आने वाली धनराशि एक ही जगह (नैमिष तीर्थ विकास परिषद) पहुंचाना है। अगर ऐसा होता है तो नैमिष तीर्थ विकास परिषद ही नैमिषारण्य को विकसित करने की महायोजना बनाएगा। डीएम व विधायक मिश्रिख के बीच मंत्रणा के बाद प्रशासन द्वारा यह कवायद शुरू कर दी गई है।
बिना अनुमति के नहीं हो सकेगा नया निर्माण
अगर नैमिष तीर्थ विकास परिषद की परिकल्पना साकार हुई तो इस तीर्थ नगरी में परिषद की अनुमति के बगैर जमीन की रजिस्ट्री और कोई भी नया निर्माण नहीं कराया जा सकेगा। नया निर्माण कराने के लिए परिषद की मंजूरी आवश्यक होगी। जमीनों पर अवैध कब्जा व अवैध निर्माण से होने वाले अतिक्रमण की रोकथाम के लिए यह कवायद की जा रही है।
अस्पताल को भी बनाया जाएगा हाईटेक
नैमिष के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाया गया है। इसके बाद भी यहां कई तरह की जरूरी सेवाएं मुहैया नहीं हैं।
इसके लिए मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। नैमिष दर्शन को देश-विदेश के श्रद्धालु व वीआईपी आते हैं। इन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, इस मंशा से अस्पताल को हाईटेक बनाने का प्लान है।
ऐसे होगा कायाकल्प
तीर्थ नगरी के सभी प्रमुख मार्गों का सौंदर्यीकरण होगा। इसके अलावा सभी प्रमुख मार्गों पर डिवाइडर और स्ट्रीट एलईडी लाइट, सभी एंट्री पॉइंट को खूबसूरत बनाना, प्रमुख चौराहा और तिराहों को आकर्षण स्वरूप देना, पार्कों का सौंदर्यीकरण, कुछ नए पार्क बनाने व आदि गंगा गोमती के घाटों को संवारने का काम होगा।
बोटिंग का भी लुत्फ ले सकेंगे श्रद्धालु
आदि गंगा गोमती में बोटिंग की योजना पर भी विचार चल रहा है। योजना है कि यहां बोटिंग कराई जाए। नैमिष दर्शन को आने वाले श्रद्धालु गोमती नदी में इसका लुत्फ उठा सकें। गोमती के दोनों ओर पौधरोपण की भी योजना है।
नैमिषारण्य तीर्थ के विकास के लिए नैमिष तीर्थ विकास परिषद के गठन पर काम शुरू किया गया है। इसके तहत संचालित समिति नैमिष के विकास कार्यों का खाका खींचेगी। शासन से विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाली धनराशि इसी परिषद के खाते में आएगी।
- अखिलेश तिवारी, जिलाधिकारी
योगी सरकार नैमिष के विकास और इसे पर्यटन के नक्शे पर उभारने को प्रयासरत है। डीएम से इस संबंध में चर्चा हुई है। नैमिष को विकसित करने की महायोजना पर काम किया जा रहा है।
- रामकृष्ण भार्गव, विधायक मिश्रिख