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Sitapur News: मिशन नैमिष से बढ़ेगा पर्यटन, रोजगार की उम्मीदों को लगेंगे पंख
Fri, 03 Feb 2023 09:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 03 Feb 2023 09:22 AM IST
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नैमिषारण्य/सीतापुर। प्रदेश सरकार के नैमिषारण्य मिशन विकास प्रोजेक्ट को लेकर अब प्रशासनिक कवायद नजर आने लगी है। सरकार के नैमिष तीर्थ विकास परिषद गठन के बाद से प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश स्तर और जिला स्तर पर तैयारियां तेज हुई हैं। प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक ओर जहां नैमिष में चक्रतीर्थ की बाहरी बाउंड्रीवाल को गिराकर सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू हो चुका है, वहीं ललिता देवी मंदिर से चक्रतीर्थ होते हुए राजघाट के कॉरिडोर की कागजी कार्यवाही भी लगभग पूरी हो गई है।
अभी कुछ ही दिन पहले प्रदेश सरकार ने नैमिष के ऐतिहासिक विकास के लिए पहली किस्त के रूप में 900 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृति की है। नैमिष तीर्थ के ऐतिहासिक विकास की इन संभावनाओं से न केवल स्थानीय लोग बल्कि आसपास गांव और जनपदों के बाशिंदे भी काफी उत्साहित हैं। सभी को नैमिष के विकास की इस प्रक्रिया से स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद भी है।
आरएवी ग्लोबल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की ओर से नैमिष तीर्थ में गोमती नदी किनारे दो सौ करोड़ से रिवर फ्रंट बनाने को भी विकास की इसी कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। रिवर फ्रंट का कार्य भी शुरू हो गया है।
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इसमें 112 अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 7 स्टार रूम और करीब 700 से अधिक लोगों की क्षमता का हाई-फाई सुविधायुक्त रेस्टोरेंट बनाने का प्लान है। इसके साथ ही यहां सरकार हैलीपैड, वेद विज्ञान केंद्र और अन्य योजनाओं पर भी तेजी से काम कर रही है। इससे अब यहां देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद जगी है।
आएंगे पर्यटक तो रोजगार भी बढ़ेगा
जब तीर्थ में देश-विदेश के पर्यटकों की संख्या बढ़ेंगी तो रेस्टोरेंट्स, होटल, टैक्सी आदि बिजनेस को भी बढ़ावा मिलेगा। सीतापुर के साथ ही पडोसी जनपद हरदोई, शाहजहांपुर, लखीमपुर में भी आर्थिक विकास की गति को एक नई ऊर्जा देगी।
एक जनपद एक उत्पाद को मिलेगा प्रोत्साहन
सीतापुर जिला न केवल आध्यात्मिकता की अनूठी विरासत नैमिषारण्य तीर्थ बल्कि अपनी मनमोहक जरदोजी कला और दरी उद्योग के लिए भी जाना जाता है। दरी उद्योग एक जनपद एक उत्पाद के अंर्तगत चयनित हैं। नैमिषारण्य तीर्थ में पर्यटक बढ़ेंगे तो सीतापुर की पहचान जरदोजी कला और दरी उद्योग को भी संजीवनी मिलेगी।
क्या कहते हैं तीर्थ के प्रतिष्ठित नागरिक
नैमिषारण्य तीर्थ के लिए योगी सरकार की ये पहल कई मायनों में एक विशेष उपहार साबित होगी। ये सौगात नैमिषारण्य तीर्थ में आर्थिक विकास की एक नई कहानी लिखेगी।
- अनिल कुमार शास्त्री, व्यासपीठाधीश
नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद के गठन के बाद से ही जो गतिविधियां यहां चल रही हैं, उनसे निश्चित रूप से क्षेत्र में विकास का माहौल बदलेगा। पर्यटक यहां आने के लिए उत्साहित होंगे और यहां आर्थिक विकास का क्रम तेजी से चल पड़ेगा।
- पाराश्रम , प्रमुख बालाजी मंदिर
नैमिष तीर्थ में सारा व्यवसाय पर्यटकों पर ही निर्भर है। जब तीर्थ में पर्यटक बढ़ेंगे तो रोजगार के कई नए अवसर भी सृजित होंगे। ये अवसर तीर्थ को आध्यात्मिक भूमि के साथ ही व्यवसायिक दृष्टि से भी लाभदायक कार्यस्थल के रूप में प्रस्तुत करेंगे।
- घनश्याम अग्रवाल, व्यापारी
नैमिषारण्य तीर्थ भारत का प्रसिद्ध देव स्थल है। यहां पूरे देश से श्रद्धालु आते हैं। यहां निवेश से श्रद्धालुओं केरुकने के लिए उच्च स्तरीय व्यवस्था हो सकेगी। यहां के मध्यम वर्गीय लोगों के लिए भी कई तरह के नए अवसर सृजित होंगे।
- धर्मेंद्र शास्त्री, कथा व्यास
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अभी कुछ ही दिन पहले प्रदेश सरकार ने नैमिष के ऐतिहासिक विकास के लिए पहली किस्त के रूप में 900 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृति की है। नैमिष तीर्थ के ऐतिहासिक विकास की इन संभावनाओं से न केवल स्थानीय लोग बल्कि आसपास गांव और जनपदों के बाशिंदे भी काफी उत्साहित हैं। सभी को नैमिष के विकास की इस प्रक्रिया से स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद भी है।
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आरएवी ग्लोबल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की ओर से नैमिष तीर्थ में गोमती नदी किनारे दो सौ करोड़ से रिवर फ्रंट बनाने को भी विकास की इसी कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। रिवर फ्रंट का कार्य भी शुरू हो गया है।
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इसमें 112 अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 7 स्टार रूम और करीब 700 से अधिक लोगों की क्षमता का हाई-फाई सुविधायुक्त रेस्टोरेंट बनाने का प्लान है। इसके साथ ही यहां सरकार हैलीपैड, वेद विज्ञान केंद्र और अन्य योजनाओं पर भी तेजी से काम कर रही है। इससे अब यहां देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद जगी है।
आएंगे पर्यटक तो रोजगार भी बढ़ेगा
जब तीर्थ में देश-विदेश के पर्यटकों की संख्या बढ़ेंगी तो रेस्टोरेंट्स, होटल, टैक्सी आदि बिजनेस को भी बढ़ावा मिलेगा। सीतापुर के साथ ही पडोसी जनपद हरदोई, शाहजहांपुर, लखीमपुर में भी आर्थिक विकास की गति को एक नई ऊर्जा देगी।
एक जनपद एक उत्पाद को मिलेगा प्रोत्साहन
सीतापुर जिला न केवल आध्यात्मिकता की अनूठी विरासत नैमिषारण्य तीर्थ बल्कि अपनी मनमोहक जरदोजी कला और दरी उद्योग के लिए भी जाना जाता है। दरी उद्योग एक जनपद एक उत्पाद के अंर्तगत चयनित हैं। नैमिषारण्य तीर्थ में पर्यटक बढ़ेंगे तो सीतापुर की पहचान जरदोजी कला और दरी उद्योग को भी संजीवनी मिलेगी।
क्या कहते हैं तीर्थ के प्रतिष्ठित नागरिक
नैमिषारण्य तीर्थ के लिए योगी सरकार की ये पहल कई मायनों में एक विशेष उपहार साबित होगी। ये सौगात नैमिषारण्य तीर्थ में आर्थिक विकास की एक नई कहानी लिखेगी।
- अनिल कुमार शास्त्री, व्यासपीठाधीश
नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद के गठन के बाद से ही जो गतिविधियां यहां चल रही हैं, उनसे निश्चित रूप से क्षेत्र में विकास का माहौल बदलेगा। पर्यटक यहां आने के लिए उत्साहित होंगे और यहां आर्थिक विकास का क्रम तेजी से चल पड़ेगा।
- पाराश्रम , प्रमुख बालाजी मंदिर
नैमिष तीर्थ में सारा व्यवसाय पर्यटकों पर ही निर्भर है। जब तीर्थ में पर्यटक बढ़ेंगे तो रोजगार के कई नए अवसर भी सृजित होंगे। ये अवसर तीर्थ को आध्यात्मिक भूमि के साथ ही व्यवसायिक दृष्टि से भी लाभदायक कार्यस्थल के रूप में प्रस्तुत करेंगे।
- घनश्याम अग्रवाल, व्यापारी
नैमिषारण्य तीर्थ भारत का प्रसिद्ध देव स्थल है। यहां पूरे देश से श्रद्धालु आते हैं। यहां निवेश से श्रद्धालुओं केरुकने के लिए उच्च स्तरीय व्यवस्था हो सकेगी। यहां के मध्यम वर्गीय लोगों के लिए भी कई तरह के नए अवसर सृजित होंगे।
- धर्मेंद्र शास्त्री, कथा व्यास