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नगर निकाय खर्च नहीं कर पा रहे 41 करोड़
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सीतापुर। नगर निकाय 14वें वित्त आयोग की धनराशि खर्च करने में उदासीन है। 11 निकायों में करीब 41 करोड़ रुपये डंप पड़े है। इस धनराशि से कई विकास कार्य हो सकते हैं, जिसे नहीं कराया जा रहा है। प्रभारी स्थानीय निकाय ने 31 मार्च तक बची हुई धनराशि खर्च करने के निर्देश जारी किए हैं।
नगर निकायों को शासन की तरफ से 14वें वित्त आयोग की तरफ से धनराशि मिलती है। इस धनराशि से नगर निकाय विकास कार्य कराते है। इसके तहत नगर पालिका सीतापुर को 2696.49 लाख धनराशि मिली थी। इसमें निकाय 789 लाख ही खर्च कर सकें। 1906 लाख की धनराशि शेष है।
नगर पालिका खैराबाद को 579 लाख धनराशि मिली थी। अब तक महज 399 लाख ही खर्च हो सकें है। इसके अलावा नगर पालिका मिश्रिख-नैमिषारण्य को 317.58 लाख रुपये मिले थे, जिसमें 102.69 लाख खर्च किए गए है। 214.89 लाख धनराशि शेष है।
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नगर पालिका बिसवां को 859.49 लाख मिले थे, जिसमें 584.42 लाख खर्च हुए। 275.07 लाख धनराशि बची हुई है। नगर पालिका लहरपुर को 740.84 लाख की धनराशि मिली थी। जिसमें नगर पालिका ने 416.88 लाख खर्च किए। अब भी 323.96 लाख की धनराशि बची हुई है।
नगर पालिका महमूदाबाद को 816.77 लाख रुपये विकास कार्य कराने को मिले थे। इसमे 325.93 लाख खर्च किए गए है। 490.84 लाख धनराशि बची है। नगर पंचायत महोली को 300.46 लाख मिले थे। इसमें 154.01 लाख धनराशि विकास कार्यों पर खर्च की गई। 146.36 लाख धनराशि नगर पालिका के खातें में पड़ी है।
नगर पंचायत हरगांव को 261.07 लाख की धनराशि मंजूर की गई थी, जिसमें 168.32 लाख की धनराशि निकाय में खर्च हुई। नगर पंचायत सिधौली को 405.74 लाख रुपये मिले थे। इसमें 257.82 लाख खर्च हुए। 147.92 लाख बचे हुए है।
नगर पंचायत पैतेंपुर में 200.57 लाख की धनराशि मंजूर की गई थी, जिसमें 84.01 लाख से विकास कार्य हुए। 116.56 लाख की धनराशि बची हुई है। नगर पंचायत तंबौर अहमदाबाद में 272.01 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें 69.17 लाख की धनराशि खर्च की गई। नगर पालिका की इस खराब प्रगति पर प्रभारी स्थानीय निकाय ने निकायों को 31 मार्च तक बची हुई धनराशि खर्च करने की हिदायत दी है।
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नगर निकायों को शासन की तरफ से 14वें वित्त आयोग की तरफ से धनराशि मिलती है। इस धनराशि से नगर निकाय विकास कार्य कराते है। इसके तहत नगर पालिका सीतापुर को 2696.49 लाख धनराशि मिली थी। इसमें निकाय 789 लाख ही खर्च कर सकें। 1906 लाख की धनराशि शेष है।
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नगर पालिका खैराबाद को 579 लाख धनराशि मिली थी। अब तक महज 399 लाख ही खर्च हो सकें है। इसके अलावा नगर पालिका मिश्रिख-नैमिषारण्य को 317.58 लाख रुपये मिले थे, जिसमें 102.69 लाख खर्च किए गए है। 214.89 लाख धनराशि शेष है।
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नगर पालिका बिसवां को 859.49 लाख मिले थे, जिसमें 584.42 लाख खर्च हुए। 275.07 लाख धनराशि बची हुई है। नगर पालिका लहरपुर को 740.84 लाख की धनराशि मिली थी। जिसमें नगर पालिका ने 416.88 लाख खर्च किए। अब भी 323.96 लाख की धनराशि बची हुई है।
नगर पालिका महमूदाबाद को 816.77 लाख रुपये विकास कार्य कराने को मिले थे। इसमे 325.93 लाख खर्च किए गए है। 490.84 लाख धनराशि बची है। नगर पंचायत महोली को 300.46 लाख मिले थे। इसमें 154.01 लाख धनराशि विकास कार्यों पर खर्च की गई। 146.36 लाख धनराशि नगर पालिका के खातें में पड़ी है।
नगर पंचायत हरगांव को 261.07 लाख की धनराशि मंजूर की गई थी, जिसमें 168.32 लाख की धनराशि निकाय में खर्च हुई। नगर पंचायत सिधौली को 405.74 लाख रुपये मिले थे। इसमें 257.82 लाख खर्च हुए। 147.92 लाख बचे हुए है।
नगर पंचायत पैतेंपुर में 200.57 लाख की धनराशि मंजूर की गई थी, जिसमें 84.01 लाख से विकास कार्य हुए। 116.56 लाख की धनराशि बची हुई है। नगर पंचायत तंबौर अहमदाबाद में 272.01 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें 69.17 लाख की धनराशि खर्च की गई। नगर पालिका की इस खराब प्रगति पर प्रभारी स्थानीय निकाय ने निकायों को 31 मार्च तक बची हुई धनराशि खर्च करने की हिदायत दी है।