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1.10 लाख नौनिहाल बिना आधार, डीबीटी पर संकट
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सीतापुर। परिषदीय विद्यालयों में करीब 1.10 लाख नौनिहाल बिना आधार कार्ड के ही पढ़ रहे हैं। अगर समय से इन नौनिहालों ने आधार कार्ड नहीं बनवाए तो उन्हें डीबीटी का लाभ लेने के लिए दिक्कतें खड़ी हो सकती है। कारण यह है डीबीटी में उन्हीं नौनिहालों को लाभ दिया जाएगा, जिनके पास आधार कार्ड मौजूद होंगे। सत्र की अभी शुरुआत हुई है। ऐसे में नौनिहालों को आधारकार्ड बनवाने का समय दिया गया है। शासन ने 20 अप्रैल तक समय दिया है। बीएसए को इन नौनिहालों का आधारकार्ड बनवाए जाने के निर्देश दिए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में पढ़ने वाले नौनिहालों को कापी किताबें, जूता मोजा, ड्रेस, बैग आदि की निशुल्क सुविधा मिलती है। पहले इनका वितरण बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से खुद ही किया जाता था। लेकिन पिछले शैक्षिक सत्र से इस व्यवस्था में परिवर्तन कर दिया गया था। नौनिहालों को कापी किताबें छोड़कर अन्य सुविधाएं न देकर उन्हें डीबीटी के माध्यम से प्रति नौनिहाल 1100 रूपये का बजट दिया गया था।
इस बजट से अभिभावकों ने अपने बच्चों को यह सुविधाएं दिलाई थी। लेकिन इसके लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया था। इस पर नये सत्र की शुरुआत हुए पांच दिन बीत गए हैं। शासन ने डीबीटी के लाभ को लेकर कवायद शुरु कर दी है। जिले में 5.36 लाख नौनिहाल अध्ययनरत हैं। जिसमें 4.31 लाख नौनिहालों के पास आधार कार्ड बने हुए हैं, जबकि 1.10 लाख नौनिहाल बिना आधार कार्ड के ही पढ़ रहे हैं।
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ऐसे में इस बार अगर समय से इन नौनिहालों ने अपने आधार कार्ड नहीं बनवाए तो इनको लाभ हासिल करने के लिए तमाम तरह की दिक्कतों से जूझना पड़ सकता है। बीएसए अजीत कुमार ने बताया कि जिन नौनिहालों के पास आधार कार्ड नहीं है। उनके आधार बनवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सभी बीईओ को इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है।
डीबीटी का लाभ पाने के लिए आधार कार्ड जहां अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं, इस आधार कार्ड के जरिए फर्जीवाड़ा भी पकड़ में सामने आ रहा है। पिछले शैक्षिक सत्र में करीब 1200 ऐसे नौनिहाल मिले थे, जिनका दो-दो स्कूलों में पंजीकरण था। ऑनलाइन चेकिंग में एक ही नौनिहाल के दो जगहों से आवेदन के चलते इनको निरस्त कर दिए गए थे। ऐसे में इस बार भी आधार कार्ड को ही मुख्य हथियार बनाकर फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
शासन ने प्रत्येक बीआरसी पर नौनिहालों के आधार कार्ड बनवाने की किट दे रखी है। लेकिन यहां पर आधार कार्ड बनवाने में अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। इसकी वजह से इन नौनिहालों के आधारकार्ड नहीं बन पा रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए शासन ने इन किटों को सक्रिय करते हुए केवल नौनिहालों के ही आधार कार्ड बनवाने की हिदायत दी है। इससे उम्मीद है जल्द आधार कार्ड से वंचित नौनिहालों के पास आधारकार्ड हो जाएंगे।
शासन ने 20 अप्रैल तक बीएसए को आधार कार्ड से वंचित नौनिहालों के आधार कार्ड बनवाए जाने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद की जा रही है जब सभी नौनिहालों के आधार कार्ड इसी माह यानि अप्रैल में बन जाएंगे तो उसके बाद डीबीटी का लाभ देने की प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी। मई माह में नौनिहालों को इसका लाभ मिल सकता है।
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बेसिक शिक्षा विभाग में पढ़ने वाले नौनिहालों को कापी किताबें, जूता मोजा, ड्रेस, बैग आदि की निशुल्क सुविधा मिलती है। पहले इनका वितरण बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से खुद ही किया जाता था। लेकिन पिछले शैक्षिक सत्र से इस व्यवस्था में परिवर्तन कर दिया गया था। नौनिहालों को कापी किताबें छोड़कर अन्य सुविधाएं न देकर उन्हें डीबीटी के माध्यम से प्रति नौनिहाल 1100 रूपये का बजट दिया गया था।
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इस बजट से अभिभावकों ने अपने बच्चों को यह सुविधाएं दिलाई थी। लेकिन इसके लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया था। इस पर नये सत्र की शुरुआत हुए पांच दिन बीत गए हैं। शासन ने डीबीटी के लाभ को लेकर कवायद शुरु कर दी है। जिले में 5.36 लाख नौनिहाल अध्ययनरत हैं। जिसमें 4.31 लाख नौनिहालों के पास आधार कार्ड बने हुए हैं, जबकि 1.10 लाख नौनिहाल बिना आधार कार्ड के ही पढ़ रहे हैं।
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ऐसे में इस बार अगर समय से इन नौनिहालों ने अपने आधार कार्ड नहीं बनवाए तो इनको लाभ हासिल करने के लिए तमाम तरह की दिक्कतों से जूझना पड़ सकता है। बीएसए अजीत कुमार ने बताया कि जिन नौनिहालों के पास आधार कार्ड नहीं है। उनके आधार बनवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सभी बीईओ को इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है।
डीबीटी का लाभ पाने के लिए आधार कार्ड जहां अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं, इस आधार कार्ड के जरिए फर्जीवाड़ा भी पकड़ में सामने आ रहा है। पिछले शैक्षिक सत्र में करीब 1200 ऐसे नौनिहाल मिले थे, जिनका दो-दो स्कूलों में पंजीकरण था। ऑनलाइन चेकिंग में एक ही नौनिहाल के दो जगहों से आवेदन के चलते इनको निरस्त कर दिए गए थे। ऐसे में इस बार भी आधार कार्ड को ही मुख्य हथियार बनाकर फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
शासन ने प्रत्येक बीआरसी पर नौनिहालों के आधार कार्ड बनवाने की किट दे रखी है। लेकिन यहां पर आधार कार्ड बनवाने में अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। इसकी वजह से इन नौनिहालों के आधारकार्ड नहीं बन पा रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए शासन ने इन किटों को सक्रिय करते हुए केवल नौनिहालों के ही आधार कार्ड बनवाने की हिदायत दी है। इससे उम्मीद है जल्द आधार कार्ड से वंचित नौनिहालों के पास आधारकार्ड हो जाएंगे।
शासन ने 20 अप्रैल तक बीएसए को आधार कार्ड से वंचित नौनिहालों के आधार कार्ड बनवाए जाने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद की जा रही है जब सभी नौनिहालों के आधार कार्ड इसी माह यानि अप्रैल में बन जाएंगे तो उसके बाद डीबीटी का लाभ देने की प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी। मई माह में नौनिहालों को इसका लाभ मिल सकता है।