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मिश्रिख हत्याकांड: दिल्ली से युवक को लाई पुलिस, हिरासत में किया फांसी लगाने का प्रयास
Fri, 08 Dec 2023 01:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 08 Dec 2023 01:02 AM IST
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लखनऊ में भर्ती शिवम सिंह चौहान।
मिश्रिख (सीतापुर)। काेतवाली क्षेत्र के एक हत्याकांड की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए पुलिस दिल्ली से एक युवक को मंगलवार देर रात ले आई। पुलिस की हिरासत में ही उस युवक ने बाथरूम जाने के बहाने फांसी लगाने का प्रयास किया। इस घटना से पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। देर रात उसे जिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए लखनऊ रेफर कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही परिजनों ने डीएम व एसपी को शिकायती पत्र सौंपते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में पुलिस के उच्चाधिकारी भी कुछ बोलने से कतरा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के जालेपारा में विगत दो नवंबर को वहीं की निवासी सुनीता (25) का शव संदिग्ध हालत में खेत में मिला। पुलिस ने हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में परिजनों पर भी पुलिस को शक था, क्योंकि वे तहरीर नहीं देना चाह रहे थे। इसलिए पुलिस ने उनको भी हिरासत में लिया।
इसी गांव का एक युवक शिवम सिंह चौहान दिल्ली में नौकरी करता है। उसके पिता कमलेश सिंह चौहान के मुताबिक घटना के समय वह दिल्ली में था। मंगलवार रात पुलिस उसे दिल्ली से हिरासत में लेकर चली आई। जानकारी होने पर परिजन बुधवार को कोतवाली पहुंचे। हालांकि, उस समय पुलिस ने पूछताछ का हवाला देते हुए परिजनों को शिवम सिंह से मिलने के लिए रोक दिया।
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उधर पुलिस हिरासत में बुधवार देर रात ही शिवम संदिग्ध हालात में फंदे से लटकता मिला। पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। मिश्रिख से शिवम को मरणासन्न अवस्था में जिला अस्पताल रात 1.10 बजे लाया गया। जहां चिकित्सकों ने हैंगिंग का मामला दर्ज करते हुए उसे गंभीर हालत में लखनऊ रेफर कर दिया। इधर, सुबह होते ही परिजनों को पूरी घटना की जानकारी हुई तो वे डीएम व एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने शिकायती पत्र देकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, पुलिस मामले को दबाने में जुटी है।
रास्ते में प्रताड़ित करने का आरोप
पुलिस सूत्राें के अनुसार युवक को दिल्ली से पुलिस की एक टीम हिरासत में लेकर आई थी। आरोप है कि उसको रास्ते में ही कई बार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। घटना के बाद से टीम के जिम्मेदार कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। उस टीम में शामिल अधिकांश सिपाही व जिम्मेदार पहले भी सवालों के घेरे में रह चुके हैं। उसमें शामिल एक सिपाही शहर कोतवाली की मंडी तो दूसरा कोहना चौकी में तैनात रह चुका है। यह दोनों सिपाही क्राइम ब्रांच में तैनात हैं। उन्हें जांच टीम का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिसकर्मियों की लापरवाही
मामले में इंस्पेक्टर मनीष सिंह और उनके स्टाफ की लापरवाही भी देखने को मिल रही है। शिवम हिरासत में था, इस दौरान ही उसने लघुशंका का बहाना किया। उसने पहले ही फांसी लगाने का मन बना लिया था। इसलिए वह जैसे ही निकला पुलिसकर्मियाें को चकमा देकर फंदा बनाकर उसपर झूल गया। इस दौरान पुलिसकर्मी इस हरकत से अंजान रहे। उसको जिला अस्पताल में एक सिपाही ने भर्ती कराया था।
छावनी में तब्दील रहा जिला अस्पताल
जिला अस्पताल के रजिस्टर के मुताबिक देर रात एक बजकर दस मिनट पर पुलिस ने शिवम को इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया। परिजनों के विरोध और हंगामे की आशंका के चलते अस्पताल को छावनी में तब्दील कर दिया गया। हालांकि, परिजनों ने कोई विरोध नहीं किया। उन्हें घटना की जानकारी सुबह हुई।
एएसपी साउथ करेंगे जांच
शिवम बिलकुल ठीक है। उसे पूछताछ के लिए लाया गया। पुलिसकर्मियों ने एहतियातन जिला अस्पताल में चिकित्सकों को दिखाया था। बेहतर इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया है। वह परिजनों के साथ है। इस पूरे घटनाक्रम की जांच एएसपी दक्षिणी एनपी सिंह को सौंपी है। वे पूरे मामले की जांच करेंगे।
- चक्रेश मिश्र, एसपी सीतापुर
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जानकारी के मुताबिक मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के जालेपारा में विगत दो नवंबर को वहीं की निवासी सुनीता (25) का शव संदिग्ध हालत में खेत में मिला। पुलिस ने हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में परिजनों पर भी पुलिस को शक था, क्योंकि वे तहरीर नहीं देना चाह रहे थे। इसलिए पुलिस ने उनको भी हिरासत में लिया।
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इसी गांव का एक युवक शिवम सिंह चौहान दिल्ली में नौकरी करता है। उसके पिता कमलेश सिंह चौहान के मुताबिक घटना के समय वह दिल्ली में था। मंगलवार रात पुलिस उसे दिल्ली से हिरासत में लेकर चली आई। जानकारी होने पर परिजन बुधवार को कोतवाली पहुंचे। हालांकि, उस समय पुलिस ने पूछताछ का हवाला देते हुए परिजनों को शिवम सिंह से मिलने के लिए रोक दिया।
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उधर पुलिस हिरासत में बुधवार देर रात ही शिवम संदिग्ध हालात में फंदे से लटकता मिला। पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। मिश्रिख से शिवम को मरणासन्न अवस्था में जिला अस्पताल रात 1.10 बजे लाया गया। जहां चिकित्सकों ने हैंगिंग का मामला दर्ज करते हुए उसे गंभीर हालत में लखनऊ रेफर कर दिया। इधर, सुबह होते ही परिजनों को पूरी घटना की जानकारी हुई तो वे डीएम व एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने शिकायती पत्र देकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, पुलिस मामले को दबाने में जुटी है।
रास्ते में प्रताड़ित करने का आरोप
पुलिस सूत्राें के अनुसार युवक को दिल्ली से पुलिस की एक टीम हिरासत में लेकर आई थी। आरोप है कि उसको रास्ते में ही कई बार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। घटना के बाद से टीम के जिम्मेदार कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। उस टीम में शामिल अधिकांश सिपाही व जिम्मेदार पहले भी सवालों के घेरे में रह चुके हैं। उसमें शामिल एक सिपाही शहर कोतवाली की मंडी तो दूसरा कोहना चौकी में तैनात रह चुका है। यह दोनों सिपाही क्राइम ब्रांच में तैनात हैं। उन्हें जांच टीम का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिसकर्मियों की लापरवाही
मामले में इंस्पेक्टर मनीष सिंह और उनके स्टाफ की लापरवाही भी देखने को मिल रही है। शिवम हिरासत में था, इस दौरान ही उसने लघुशंका का बहाना किया। उसने पहले ही फांसी लगाने का मन बना लिया था। इसलिए वह जैसे ही निकला पुलिसकर्मियाें को चकमा देकर फंदा बनाकर उसपर झूल गया। इस दौरान पुलिसकर्मी इस हरकत से अंजान रहे। उसको जिला अस्पताल में एक सिपाही ने भर्ती कराया था।
छावनी में तब्दील रहा जिला अस्पताल
जिला अस्पताल के रजिस्टर के मुताबिक देर रात एक बजकर दस मिनट पर पुलिस ने शिवम को इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया। परिजनों के विरोध और हंगामे की आशंका के चलते अस्पताल को छावनी में तब्दील कर दिया गया। हालांकि, परिजनों ने कोई विरोध नहीं किया। उन्हें घटना की जानकारी सुबह हुई।
एएसपी साउथ करेंगे जांच
शिवम बिलकुल ठीक है। उसे पूछताछ के लिए लाया गया। पुलिसकर्मियों ने एहतियातन जिला अस्पताल में चिकित्सकों को दिखाया था। बेहतर इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया है। वह परिजनों के साथ है। इस पूरे घटनाक्रम की जांच एएसपी दक्षिणी एनपी सिंह को सौंपी है। वे पूरे मामले की जांच करेंगे।
- चक्रेश मिश्र, एसपी सीतापुर