{"_id":"698f70be82385995980ca967","slug":"mahashivratri-tomorrow-shiva-temples-are-being-decorated-in-the-city-sitapur-news-c-102-1-stp1002-150117-2026-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: महाशिवरात्रि कल, शहर में सजने लगे शिवालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: महाशिवरात्रि कल, शहर में सजने लगे शिवालय
विज्ञापन
शहर के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में की जा रही सजावट।
- फोटो : शहर के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में की जा रही सजावट।
सीतापुर। जिले में रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। शहर के शिव मंदिरों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शिवालयों में साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का सिलसिला तेजी से चल रहा है।
महाशिवरात्रि इस बार 15 फरवरी को है। इस दिन श्रद्धालु सुबह ही शिवालय पहुंचकर अपने आराध्य भगवान भोले की पूजा-अर्चना करते हैं। कई श्रद्धालु रुद्राभिषेक समेत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं। इस दौरान भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। शहर के प्राचीन श्यामनाथ मंदिर, जंगलीनाथ मंदिर, त्रिकोणनाथ और नर्मदेश्वर महादवे मंदिर समेत सभी शिवालयों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शिव मंदिरों की सजावट का सिलसिला तेज हो गया है।
शहर के आरएमपी इंटर कॉलेज मैदान स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का रंग-रोगन कर फूल मालाओं की झालर से सजाया गया है। यहां रविवार शाम 7:30 बजे भोलेनाथ का भव्य शृंगार किया जाएगा, इसके उपरांत आरती व प्रसाद वितरण होगा। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि 16 फरवरी की दोपहर एक बजे से भंडारे का आयोजन होगा। जंगलीनाथ मंदिर में भी भगवान शंकर का भव्य शृंगार व आरती होगी। इसी तरह नैमिषारण्य, लहरपुर, मिश्रिख, महोली, सिधौली, महमूदाबाद व बिसवां के शिवालायों में भी तेजी से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विज्ञापन
महाशिवरात्रि पर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का विशेष संयोग
नैमिषारण्य। इस बार महाशिवरात्रि पर दिन भर सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। इसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में की गई पूजा, दान या किसी नए काम की शुरुआत से सफलता और उन्नति प्राप्त होती है। प्राचार्य प्रभाकर द्विवेदी ने बताया कि इसके अलावा अमृत योग, बुद्धादित्य योग, शिवराज योग, श्रीलक्ष्मी नारायण योग, शुक्ल योग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग एवं वरियान योग भी बन रहे हैं। इस दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का विशेष संयोग भी बन रहा है, जो इसे और अधिक फलदायी बनाता है। यह दुर्लभ योग व विशेष संयोग भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम समय माना जाता है। आचार्य विवेक द्विवेदी ने बताया कि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसी के कारण इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा करने के साथ व्रत रखने का विधान है।
महाशिवरात्रि पूजन के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 05:21 बजे से सुबह 06:12 बजे तक
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12:15 बजे से 12:59 बजे तक
निशिता मुहूर्त- रात 12:11 बजे से रात्रि 01:02 बजे तक
विज्ञापन
महाशिवरात्रि इस बार 15 फरवरी को है। इस दिन श्रद्धालु सुबह ही शिवालय पहुंचकर अपने आराध्य भगवान भोले की पूजा-अर्चना करते हैं। कई श्रद्धालु रुद्राभिषेक समेत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं। इस दौरान भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। शहर के प्राचीन श्यामनाथ मंदिर, जंगलीनाथ मंदिर, त्रिकोणनाथ और नर्मदेश्वर महादवे मंदिर समेत सभी शिवालयों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शिव मंदिरों की सजावट का सिलसिला तेज हो गया है।
विज्ञापन
शहर के आरएमपी इंटर कॉलेज मैदान स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का रंग-रोगन कर फूल मालाओं की झालर से सजाया गया है। यहां रविवार शाम 7:30 बजे भोलेनाथ का भव्य शृंगार किया जाएगा, इसके उपरांत आरती व प्रसाद वितरण होगा। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि 16 फरवरी की दोपहर एक बजे से भंडारे का आयोजन होगा। जंगलीनाथ मंदिर में भी भगवान शंकर का भव्य शृंगार व आरती होगी। इसी तरह नैमिषारण्य, लहरपुर, मिश्रिख, महोली, सिधौली, महमूदाबाद व बिसवां के शिवालायों में भी तेजी से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विज्ञापन
महाशिवरात्रि पर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का विशेष संयोग
नैमिषारण्य। इस बार महाशिवरात्रि पर दिन भर सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। इसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में की गई पूजा, दान या किसी नए काम की शुरुआत से सफलता और उन्नति प्राप्त होती है। प्राचार्य प्रभाकर द्विवेदी ने बताया कि इसके अलावा अमृत योग, बुद्धादित्य योग, शिवराज योग, श्रीलक्ष्मी नारायण योग, शुक्ल योग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग एवं वरियान योग भी बन रहे हैं। इस दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का विशेष संयोग भी बन रहा है, जो इसे और अधिक फलदायी बनाता है। यह दुर्लभ योग व विशेष संयोग भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम समय माना जाता है। आचार्य विवेक द्विवेदी ने बताया कि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसी के कारण इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा करने के साथ व्रत रखने का विधान है।
महाशिवरात्रि पूजन के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 05:21 बजे से सुबह 06:12 बजे तक
अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12:15 बजे से 12:59 बजे तक
निशिता मुहूर्त- रात 12:11 बजे से रात्रि 01:02 बजे तक