{"_id":"57b3590a4f1c1bda786eb6f9","slug":"lighting-claimed-two-lifes","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली गिरने से मां व बेटी की मौत, दो बच्चियां झुलसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली गिरने से मां व बेटी की मौत, दो बच्चियां झुलसी
Amarujala Bureau
Updated Tue, 16 Aug 2016 11:48 PM IST
विज्ञापन
बिजली गिरने से मौत
- फोटो : Agency
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार दोपहर बारिश के बीच एक घर पर बिजली गिर गई। इससे कमरे में मौजूद मां व बेटी की मौत हो गई, जबकि उसकी दो पुत्रियां बुरी तरह से झुलस गईं। प्रशासन के अधिकारियों ने गांव पहुंच पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और आर्थिक मदद का भरोसा दिया। प्रशासन पीड़ित परिवार को 8 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का वादा कर रहा है।
विज्ञापन
ग्राम टेड़वा चिलौला निवासी राजेंद्र का परिवार सोमवार को काम में व्यस्त था। दोपहर के वक्त अचानक तेज बारिश होने लगी। बारिश से बचने के लिए राजेंद्र की पत्नी मंजू देवी (40) अपनी तीन पुत्रियों सोमवती (4), रेनू (13), आरती देवी (10) के साथ कमरे में चली गई। इसी बीच जोरदार आवाज के साथ बिजली कमरे पर गिर गई।
विज्ञापन
प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो करीब दो बार कमरे पर बज्रपात हुआ। बिजली उत्तर की दिशा से दीवार में छेद करते हुए कमरे में घुसी और पश्चिम दिशा में सुराग करते हुए निकल गई। जिसके बाद कमरे में चीखें उठने लगी। गांव के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक बिजली की चपेट में आने से राजेंद्र की पत्नी मंजू देवी व पुत्री सोमवती की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
जबकि रेनू व आरती बुरी तरह से झुलस गई थीं। ग्रामीणों ने घायल रेनू व आरती को जिला अस्पताल भेजा। इधर, सूचना मिलते ही तहसीलदार सुभाषमणि त्रिपाठी व लेखपाल ओम प्रकाश वर्मा मौके पर पहुंचे। यहां पर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और आठ लाख रुपये की सरकारी मदद दिलाने की बात कही।
आठ लाख रुपये दिए जाएंगे
पीड़ित परिवार को आठ लाख रुपये की आर्थिक मदद सरकारी कोष से की जा रही है। कागजी कार्रवाई पूरी होते ही पीड़ित परिवार के मुखिया के खाते में मदद की रकम पहुंचा दी जाएगी।
सुभाषमणि त्रिपाठी, तहसीलदार
भयभीत हैं बच्चियां
बज्रपात के दौरान जिन दो बच्चियों की जान बची, वो काफी भयभीत हैं। दोनों बहनें घटना को याद कर चीख पड़ती हैं। दोनों ने बताया कि बस जोरदार धमाका और तेज रोशनी दिखाई दी। उसके बाद क्या हुआ उन्हें कुछ नहीं पता। होश आया तो वे अस्पताल में थीं। घटना के बाद से दोनों बच्चियां काफी भयभीत हैं। दोनों ने कम सुनाई देने की शिकायत भी की है।