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हत्या के मामले में दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास
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सीतापुर। करीब 15 साल पहले शहर कोतवाली इलाके के तरीनपुर में दिनदहाड़े हुई हत्या के एक मामले में न्यायालय ने दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास व 25-25 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या नौ अनुराग कुरील द्वारा दिए गए इस फैसले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशुतोष अवस्थी ने की। पहली अक्तूबर 2006 की दोपहर करीब एक बजे शहर कोतवाली इलाके के मोहल्ला तरीनपुर निवासी बृजेश सिंह अपने साढू मानवेंद्र के साथ गुप्ता कॉलोनी होते हुए मन्नी चौराहे की तरफ जा रहे थे।
इस दौरान पारिवारिक रंजिश के चलते उन्हीं के परिवार के राजेश सिंह, अजय सिंह, रामपाल सिंह, दीपक सिंह, वीरू सिंह, विक्कू सिंह व अनिल सिंह ने एक राय होकर बृजेश पर फायरिंग कर दी। फायरिंग में बृजेश की मौके पर ही मौत हो गई।
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इस घटना की रिपोर्ट मृतक के बड़े भाई कमलेश सिंह द्वारा उसी दिन दर्ज कराई गई। मामले में आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। न्यायालय में दौरान विचारण आए साक्ष्य के बाद वीरेंद्र उर्फ वीरू व उसके भाई वीरपाल उर्फ विक्कू को घटना का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 25-25 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। बाकी आरोपियों को कोर्ट ने संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया है।
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अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या नौ अनुराग कुरील द्वारा दिए गए इस फैसले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशुतोष अवस्थी ने की। पहली अक्तूबर 2006 की दोपहर करीब एक बजे शहर कोतवाली इलाके के मोहल्ला तरीनपुर निवासी बृजेश सिंह अपने साढू मानवेंद्र के साथ गुप्ता कॉलोनी होते हुए मन्नी चौराहे की तरफ जा रहे थे।
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इस दौरान पारिवारिक रंजिश के चलते उन्हीं के परिवार के राजेश सिंह, अजय सिंह, रामपाल सिंह, दीपक सिंह, वीरू सिंह, विक्कू सिंह व अनिल सिंह ने एक राय होकर बृजेश पर फायरिंग कर दी। फायरिंग में बृजेश की मौके पर ही मौत हो गई।
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इस घटना की रिपोर्ट मृतक के बड़े भाई कमलेश सिंह द्वारा उसी दिन दर्ज कराई गई। मामले में आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। न्यायालय में दौरान विचारण आए साक्ष्य के बाद वीरेंद्र उर्फ वीरू व उसके भाई वीरपाल उर्फ विक्कू को घटना का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 25-25 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। बाकी आरोपियों को कोर्ट ने संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया है।