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बाघ के साथ अब तेंदुए के मिले पगचिह्न
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गोंदलामऊ में खेवटा गांव के पास पगचिन्हों की जांच करती वन विभाग की टीम। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
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औरंगाबाद (सीतापुर)। मिश्रिख इलाके में पिछले दिनों बाघ की दस्तक के बाद से लगातार उसकी चहलकदमी जारी है। दो दिनों तक कोई लोकेशन न मिलने के बाद सोमवार को क्षेत्र के रघुनाथपुर ऐनी गांव में पग चिह्न मिल थे। मंगलवार को बाघ के साथ तेंदुए के भी पग चिह्न पाए गए हैं। खेत में काम कर रहीं कुछ महिलाओं ने तेंदुए को जाते देेखा। सूचना पर मौके पर पहुंचे डीएफओ ने पग चिह्न देेखे। वन विभाग की तीन टीमें लगातार कांबिंग कर रहीं है। क्षेत्र के दस गांवों में दहशत है।
पिछले कई दिनों से मिश्रिख, पिसावां इलाके में बाघ की चहलकदमी जारी थी। सोमवार को गोंदलामऊ ब्लॉक के रघुनाथपुर ऐनी गांव में बाघ के नए पग चिह्न मिलने के बाद खतरा और बढ़ गया था। वन विभाग की टीमें लोगों को जागरूक करने में जुटी थीं, लेकिन मंगलवार को वन विभाग के सामने नई चुनौती सामने आ गई। गोंदलामऊ ब्लॉक के खेवटा गांव की दो महिलाएं दोपहर में खेत गई थीं, जहां पर उन्होंने तेंदुए को देखा।
महिलाओं ने शोर मचाया। पास के खेत में काम कर रहे विनोद ने भी तेंदुए को देखा। इसके बाद डीएफओ बीएम शुक्ला वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम को खेवटा के जंगलों में बाघ के भी पग चिह्न मिले। तेंदुए के भी निशान पाए गए हैं। ऐसे में पहले बाघ की दहशत से डरे क्षेत्र के करीब 10 गांवों के लोगों को तेंदुए का भी भय सताने लगा है।
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लधौरा, सिडोली, अशरफनगर, रामसाला, कदिनगर, रामपुर, मानपुर समेत क्षेत्र के करीब 10 गांव के लोग दहशत में हैं। यहां के ग्रामीण राधेश्याम, मालती देवी गंगाराम, विष्णू, दिनेश आदि ने बताया कि वे लोग डरे हुए हैं। इसलिए सभी लोग झुंड बनाकर खेतों की ओर जा रहे हैं।
खेवटा गांव में नए पग चिह्न पाए गए हैं। तेंदुआ पिछली बार भी इस क्षेत्र में आया था। सर्दी में तेंदुआ विचरण करते आ जाता है। वन विभाग की तीन टीमें लगाई गईं हैं। एक टीम में तीन सदस्य है। आठ-आठ घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं। बाघ व तेंदुए के पग चिह्न की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। पंपलेट चस्पा कर दिए गए हैं।
- बीएम शुक्ला, डीएफओ
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पिछले कई दिनों से मिश्रिख, पिसावां इलाके में बाघ की चहलकदमी जारी थी। सोमवार को गोंदलामऊ ब्लॉक के रघुनाथपुर ऐनी गांव में बाघ के नए पग चिह्न मिलने के बाद खतरा और बढ़ गया था। वन विभाग की टीमें लोगों को जागरूक करने में जुटी थीं, लेकिन मंगलवार को वन विभाग के सामने नई चुनौती सामने आ गई। गोंदलामऊ ब्लॉक के खेवटा गांव की दो महिलाएं दोपहर में खेत गई थीं, जहां पर उन्होंने तेंदुए को देखा।
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महिलाओं ने शोर मचाया। पास के खेत में काम कर रहे विनोद ने भी तेंदुए को देखा। इसके बाद डीएफओ बीएम शुक्ला वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम को खेवटा के जंगलों में बाघ के भी पग चिह्न मिले। तेंदुए के भी निशान पाए गए हैं। ऐसे में पहले बाघ की दहशत से डरे क्षेत्र के करीब 10 गांवों के लोगों को तेंदुए का भी भय सताने लगा है।
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लधौरा, सिडोली, अशरफनगर, रामसाला, कदिनगर, रामपुर, मानपुर समेत क्षेत्र के करीब 10 गांव के लोग दहशत में हैं। यहां के ग्रामीण राधेश्याम, मालती देवी गंगाराम, विष्णू, दिनेश आदि ने बताया कि वे लोग डरे हुए हैं। इसलिए सभी लोग झुंड बनाकर खेतों की ओर जा रहे हैं।
खेवटा गांव में नए पग चिह्न पाए गए हैं। तेंदुआ पिछली बार भी इस क्षेत्र में आया था। सर्दी में तेंदुआ विचरण करते आ जाता है। वन विभाग की तीन टीमें लगाई गईं हैं। एक टीम में तीन सदस्य है। आठ-आठ घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं। बाघ व तेंदुए के पग चिह्न की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। पंपलेट चस्पा कर दिए गए हैं।
- बीएम शुक्ला, डीएफओ