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Sitapur News: फिर मिले तेंदुआ के पगचिन्ह, दहशत कायम
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सीतापुर। महोली और पिसावां क्षेत्र में बीते 11 दिनों से कायम तेंदुए की दहशत खत्म होने का नाम नही ले रही है। बुधवार रात फिर इलाके में तेंदुए के पग चिन्ह मिले हैं। इसके बाद से करीब छह हजार की आबादी में फिर से दहशत कायम हो गई है। दूसरी तरफ वन विभाग के लगातार कांबिंग के बाद भी तेंदुए को पकड़ना तो दूर अभी तक वन विभाग के लोग इलाके में उसकी मौजूदगी के स्थान तक को नहीं ढूंढ पाए हैं। इसके चलते ही तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने तक के स्थाई इंतजाम नहीं हो पाएं हैं।
बीती 19 दिसंबर को पहली बार महोली के भुडिया में तेंदुए ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। इसके बावजूद वन विभाग के जिम्मेदार इसकी धरपकड़ को लेकर नाममात्र की कांबिंग में ही जुटे दिखे। इसका फायदा उठाकर दो दिन बाद वह क्षेत्र के ब्रम्हावली इलाके की ओर चला गया। तेंदुए ने यहां गांव के बाहर टहल रहे दो गोवंशों को अपना निवाला बनाकर इलाके में दहशत फैला दी। तीन दिन बाद यहां तेंदुए की दहाड़ सुनकर खेतों में काम कर रहे किसान तक भाग खड़े हुए। इस दौरान भी वन विभाग की टीम तेंदुआ की धरपकड़ के लिए कांबिंग में जुटी रही।
23 दिसंबर की शाम को प्रेमापुर गांव में मछली पकड़ते समय एक युवक को तेंदुआ दिखाई दिया था। अगले दिन उस गांव में तेंदुए के पग चिन्ह भी दिखाई दिए थे। बुधवार शाम को फिर से ग्रामीण धीरेंद्र मिश्र ने बताया कि गांव के ही सतेंद्र पांडे के खेत में तेंदुआ के नए पगचिन्ह मिले हैं। शाम को तेंदुए ने नीलगाय को दौड़ाया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा तो पाया कि पग चिन्ह ताजा थे।
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इससे पूरे इलाके में फिर से कायम दहशत के कारण लोग घरों से निकलने तक से कतराने लगे हैं। रेंजर केएन भार्गव का कहना है कि तेंदुआ पकड़ने के लिए लगातार कांबिंग के बाद भी उसकी कोई सटीक लोकेशन नहीं मिल पा रही है। संभावना जताई है कि पिसावां और महोली में दो अलग तेंदुए दिखाई दे सकते हैं जो अब लखीमपुरखीरी की ओर चले गए हो।
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बीती 19 दिसंबर को पहली बार महोली के भुडिया में तेंदुए ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। इसके बावजूद वन विभाग के जिम्मेदार इसकी धरपकड़ को लेकर नाममात्र की कांबिंग में ही जुटे दिखे। इसका फायदा उठाकर दो दिन बाद वह क्षेत्र के ब्रम्हावली इलाके की ओर चला गया। तेंदुए ने यहां गांव के बाहर टहल रहे दो गोवंशों को अपना निवाला बनाकर इलाके में दहशत फैला दी। तीन दिन बाद यहां तेंदुए की दहाड़ सुनकर खेतों में काम कर रहे किसान तक भाग खड़े हुए। इस दौरान भी वन विभाग की टीम तेंदुआ की धरपकड़ के लिए कांबिंग में जुटी रही।
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23 दिसंबर की शाम को प्रेमापुर गांव में मछली पकड़ते समय एक युवक को तेंदुआ दिखाई दिया था। अगले दिन उस गांव में तेंदुए के पग चिन्ह भी दिखाई दिए थे। बुधवार शाम को फिर से ग्रामीण धीरेंद्र मिश्र ने बताया कि गांव के ही सतेंद्र पांडे के खेत में तेंदुआ के नए पगचिन्ह मिले हैं। शाम को तेंदुए ने नीलगाय को दौड़ाया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा तो पाया कि पग चिन्ह ताजा थे।
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इससे पूरे इलाके में फिर से कायम दहशत के कारण लोग घरों से निकलने तक से कतराने लगे हैं। रेंजर केएन भार्गव का कहना है कि तेंदुआ पकड़ने के लिए लगातार कांबिंग के बाद भी उसकी कोई सटीक लोकेशन नहीं मिल पा रही है। संभावना जताई है कि पिसावां और महोली में दो अलग तेंदुए दिखाई दे सकते हैं जो अब लखीमपुरखीरी की ओर चले गए हो।