{"_id":"67af895f8a35e6bb90077cd5","slug":"last-rites-of-shahjahanpur-accident-victims-performed-sitapur-news-c-102-1-stp1003-127095-2025-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: शाहजहांपुर हादसे के मृतकों का हुआ अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: शाहजहांपुर हादसे के मृतकों का हुआ अंतिम संस्कार
विज्ञापन
सीतापुर। बुधवार को शाहजहांपुर के कलान इलाके में टाटा मैजिक और ट्रक की टक्कर में जान गवांने वाले लवकुश और शर्मिला का शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया गया। महिला को मायके में चाचा ने मुखाग्नि दी, वहीं लवकुश के शव को पिता ने दफन किया।
बतादें कि बुधवार की देर रात शाहजहांपुर के कलान इलाके में स्टेट हाईवे पर टाटा मैजिक और ट्रक की टक्कर में चार मुसाफिरों की मौत हो गई थी। हादसे में महोली कोतवाली क्षेत्र के पखरपुर निवासी शर्मिला (26) व लवकुश (30) की मौत जान चली गई थी। बताया जाता है कि लवकुश की मौत शाहजहांपुर से सीतापुर लाने के दौरान रास्ते में हुई थी। जिसके चलते लवकुश का शव बृहस्पतिवार को ही गांव आ गया था। शुक्रवार को उसके पिता नीलकंठ ने उसको दफन किया। अंतिम क्रिया करने के बाद पिता नीलकंठ काफी गुमुसुम दिखे। वहीं शर्मिला का शव देर रात उसके मायके इमलिया सुल्तानपुर के रोहिला गांव पहुंचा। उसके पति अरुण, उनकी पुत्री संध्या व पुत्र सूर्यांश का इलाज चल रहा है। इसके कारण उसका शव ससुराल न ले जाकर उसके मायके ले जाया गया, जहां उसके चाचा रामनरेश ने उसका अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन
बतादें कि बुधवार की देर रात शाहजहांपुर के कलान इलाके में स्टेट हाईवे पर टाटा मैजिक और ट्रक की टक्कर में चार मुसाफिरों की मौत हो गई थी। हादसे में महोली कोतवाली क्षेत्र के पखरपुर निवासी शर्मिला (26) व लवकुश (30) की मौत जान चली गई थी। बताया जाता है कि लवकुश की मौत शाहजहांपुर से सीतापुर लाने के दौरान रास्ते में हुई थी। जिसके चलते लवकुश का शव बृहस्पतिवार को ही गांव आ गया था। शुक्रवार को उसके पिता नीलकंठ ने उसको दफन किया। अंतिम क्रिया करने के बाद पिता नीलकंठ काफी गुमुसुम दिखे। वहीं शर्मिला का शव देर रात उसके मायके इमलिया सुल्तानपुर के रोहिला गांव पहुंचा। उसके पति अरुण, उनकी पुत्री संध्या व पुत्र सूर्यांश का इलाज चल रहा है। इसके कारण उसका शव ससुराल न ले जाकर उसके मायके ले जाया गया, जहां उसके चाचा रामनरेश ने उसका अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन