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जिंदा जली विवाहिता, 20 मकान राख
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2016 11:27 PM IST
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आग
- फोटो : अमर उजाला
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आग में एक विवाहिता जिंदा जल गई। हादसे में 20 मकान भी राख हो गए। ग्रामीणों ने करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया। राजस्व टीम व पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की है। घटना को लेकर गांव में कई तरह की चर्चाएं है। कुछ का कहना है कि विवाहिता खाना बना रही थी, तभी आग लगी, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि विवाहिता ने खुद आग लगा ली।
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हादसे के बाद से ससुराल वालों का भी कुछ पता नहीं चल रहा है। मायके पक्ष के लोग दहेज हत्या का आरोप लगा रहे हैं। पिसावां थाना क्षेत्र के दौलतियापुर गांव में रामविलास के घर सोमवार दोपहर संदिग्ध हालात में आग लग गई। उस समय रामविलास व उसका बेटा गेहूं काटने गया था, जबकि उसकी पत्नी व बेटी कंडा पाथने गई थी।
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इसी बीच रामविलास की बहू रिंकी (22) पत्नी अर्जुन घर में मौजूद थी। अचानक रामविलास के घर आग की लपटें निकलने लगी। खेतों में काम कर रहे ग्रामीण जब तक आग बुझाने दौड़े तब तक आग बेकाबू हो गई।
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देखते ही देखते आग ने गांव के रामविलास के अलावा आशाराम, रामसरन, संतराम, रामगोपाल, वंशी, परशुराम, रामकुमार, कन्हैय्यालाल, तौले, कमल पाल, मनोज, रामरतन, विश्राम, प्रताप, बेचेलाल, वीरपाल आदि के मकानों को चपेट में ले लिया। आग लगने पर लोगों ने दमकल टीम को सूचना दी।
ग्रामीण करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पा सके। तब तक रिंकी जिंदा जल चुकी थी। गांव में करीब 10 लाख की संपत्ति भी राख हो गई। गांव में चर्चा है कि रिंकी ने खुद को आग लगाई। जबकि कुछ लोगों का कहना है कि खाना बनाते समय आग लगी है। घटना के बाद से रिंकी के ससुरालीजन गांव में नहीं हैं। मायके वाले दहेज हत्या का आरोप लगा रहे हैं।
खबर पाकर एसडीएम अतुल प्रकाश श्रीवास्तव, महोली तहसीलदार मदन मोहन वर्मा, क्षेत्रीय लेखपाल रामसागर, एसओ केके मिश्रा ने मौके पर पहुंच जांच की है। समाचार लिखे जाने तक पीड़ितों को सरकारी इमदाद नहीं मिल पाई थी। एसओ का कहना है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।