{"_id":"670971527a1826c20005ec34","slug":"kanya-feast-organized-on-the-auspicious-occasion-of-ashtami-and-navami-sitapur-news-c-102-1-slko1053-120359-2024-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: अष्टमी व नवमी के शुभ संयोग में कराया कन्या भोज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: अष्टमी व नवमी के शुभ संयोग में कराया कन्या भोज
Sat, 12 Oct 2024 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 12 Oct 2024 12:11 AM IST
विज्ञापन
सीतापुर/नैमिषारण्य। शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन शुक्रवार को लोगों ने मां दुर्गा की विधि विधान से पूजा अर्चना की। एक ही दिन में अष्टमी व नवमी शुभ संयोग मानकर भक्तों ने कन्या भोज के साथ उनका पूजन कर नवरात्र के व्रत का पारायण किया। इस दौरान देवी मंदिरों में सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों की भीड़ पूजा अर्चना के लिए जुटी रही। सभी ने मां दुर्गा से खुद के साथ परिवार के लिए सुख समृद्धि की कामना की। वहीं काफी संख्या में भक्तगण शनिवार को कन्या भोज कराकर अपने व्रत का पारायण करेंगे।
नवरात्र पर शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक अष्टमी होने के बाद नवमी लग जाने के कारण बड़ी संख्या में भक्तों ने अपने व्रत का पारायण शुक्रवार को ही कन्या भोज के साथ कर दिया। कन्या भोज से पहले मां दुर्गा की पूजा अर्चना के साथ भक्तों ने घरों में हवन पूजन किया। इस दौरान शहर के आलम नगर स्थित दुर्गा मंदिर, संतोषी माता मंदिर व काली माता सहित अन्य छोटे बड़े मंदिरों में भक्तों की भीड़ सुबह से ही पूजन अर्चन के लिए जुटने लगी थी।
काफी संख्या में भक्तों ने मंदिर परिसर में ही हवन पूजन के बाद कन्या भोज करा कर अपने व्रत का पारायण किया। नैमिषारण्य में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंच कर मां ललिता देवी का दर्शन पूजन आशीष मांगा। इस दौरान मंदिर प्रांगण में दिनभर देवी स्तुति का पाठ चलता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
नवरात्र पर शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक अष्टमी होने के बाद नवमी लग जाने के कारण बड़ी संख्या में भक्तों ने अपने व्रत का पारायण शुक्रवार को ही कन्या भोज के साथ कर दिया। कन्या भोज से पहले मां दुर्गा की पूजा अर्चना के साथ भक्तों ने घरों में हवन पूजन किया। इस दौरान शहर के आलम नगर स्थित दुर्गा मंदिर, संतोषी माता मंदिर व काली माता सहित अन्य छोटे बड़े मंदिरों में भक्तों की भीड़ सुबह से ही पूजन अर्चन के लिए जुटने लगी थी।
विज्ञापन
काफी संख्या में भक्तों ने मंदिर परिसर में ही हवन पूजन के बाद कन्या भोज करा कर अपने व्रत का पारायण किया। नैमिषारण्य में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंच कर मां ललिता देवी का दर्शन पूजन आशीष मांगा। इस दौरान मंदिर प्रांगण में दिनभर देवी स्तुति का पाठ चलता रहा।
विज्ञापन