फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Kanha will be born from house to house, the tableaux started decorating

घर-घर जन्मेंगे कान्हा, सजने लगीं झांकियां

Thu, 18 Aug 2022 12:18 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2022 12:18 AM IST
विज्ञापन
Kanha will be born from house to house, the tableaux started decorating
सीतापुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम पूरे जिले में दिखाई देने लगी है। हर घर में कान्हा जन्म लेंगे। इसको लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पुलिस व पीएससी के जवान मंदिरों का रंगरोगन करके झांकियां सजाने में जुट गए हैं। घरों में साफ-सफाई का दौर शुरू हो गया है। बाजारों में भगवान के शृंगार की वस्तुएं की बिक्री जोर पकड़ने लगी है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को आम आदमी से लेकर पुलिस विभाग में खास तैयारियां की जा रही हैं।
विज्ञापन

पिछले दो साल कोविड के कारण लोग धूमधाम से जन्माष्टमी नहीं मना पाए थे। इस बार जब हालात सामान्य हुए तो लोगों ने अंदर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का जोश दिखाई दे रहा है। पीएससी 11 बटालियन, द्वितीय वाहिनी व 27वीं वाहिनी बटालियन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इन जगहों पर बने मंदिरों की सफाई की जा रही है। कई जगहों पर मंदिरों का रंग रोगन भी शुरू हो गया है। इन स्थानों पर हर साल की तरह भव्य झांकियां बनाई जाएगी।
विज्ञापन

पीएससी के झांकियां काफी मशहूर है। हर साल दूरदराज के तमाम लोग इन मंदिरों में पहुंचकर झांकियों का दर्शन करते है। पुलिस विभाग में भी कोतवाली व चौकी पर बने मंदिर सजने लगे है। हर घर में कान्हा जन्म लेने की तैयारियां चल रही है। बाजारों में भगवान श्रीकृष्ण के शृंगार की सामग्री की बिक्री अब जोर पकड़ने लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुकुट, वस्त्र, मुरली, सिंहासन, माला सहित अन्य सामान को श्रद्धालु खरीद रहे हैं। व्यापारी अमित ने बताया कि बुधवार को बिक्री में काफी तेजी आई है। गुरुवार व शुक्रवार को बिक्री में काफी इजाफा होने की उम्मीद है। अपने कान्हा को सजाने के लिए लोग तरह-तरह के आइटम खरीद रहे है।
19 को मनाई जाएगी जन्माष्टमी
आचार्य सदानन्द द्विवेदी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव का व्रत भाद्रपद कृष्णपक्ष अष्टमी यानी शुक्रवार 19 अगस्त को गृहस्थों द्वारा मनाया जाएगा। वैष्णव मतावलंबी साधु संत रोहिणी नक्षत्र के महत्व को ध्यान में रखते हुए शनिवार 20 अगस्त को जन्माष्टमी का व्रत करेंगे। भगवान मध्य रात्रि 12 बजे अवतरित हुए थे।

इस कारण इनका जन्मोत्सव रात में 12 बजे ही होता है। गृहस्थजन 19 को सूर्योदय काल से व्रत धारण करें। मध्य रात में भगवान का जन्मोत्सव मनाएं। 20 को सुबह 5.35 बजे के बाद व्रत का पारण करें। वर्ष में केवल जन्माष्टमी व्रत को जो रखता है वह भगवान कृष्ण की कृपा से 1000 एकादशी व्रत को रखने से प्राप्त होने वाले पुण्य को प्राप्त करता है। जन्माष्टमी व्रत तीन जन्मों के पातकों को नष्ट करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed