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हड़ताल के बाद गुलजार दिखा सराफा बाजार
Amarujala Bureau
Updated Wed, 13 Apr 2016 11:28 PM IST
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आभूषण की दुकान में खरीदारी करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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लंबी हड़ताल के बाद सराफा बाजार खुला मगर दुकानों पर ग्राहकों की रौनक नहीं लौटी। हालांकि सहालगके बावजूद हड़ताल के बाद खुले सराफा बाजार में आम दिनों की अपेक्षा बिक्री कम हुई। व्यापारियों की मानें तो वैसे रोजाना तकरीबन तीन करोड़ रुपये की बिक्री होती थी पर हड़ताल के बाद बुधवार को खुली मार्केट में सिर्फ एक करोड़ का कारोबार हुआ।
बुधवार को सुबह से दुकानें खुलीं, लेकिन उम्मीद के हिसाब से ग्राहक नहीं पहुंचे। बाजार की कई दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ था। कुछ दुकानों पर ग्राहक मौजूद तो थे, लेकिन दुकानदार संतुष्ट नजर नहीं आ रहे थे। दुकानदारों का कहना है कि इन दिनों सहालगचल रही है।
ऐसे में सराफा बाजार में ग्राहकों की भीड़ उमड़नी थी, लेकिन सन्नाटा पसरा हुआ है। स्वर्णकार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्य प्रकाश रस्तोगी ने कहा कि जिले में करीब एक हजार सराफा व्यवसायी हैं। सहालगके दिनों में रोजाना तीन करोड़ रुपये की बिक्री होती है, लेकिन हड़ताल के बाद दुकानें खुलने पर मंदी रही। बुधवार को महज 1 करोड़ का ही कारोबार हुआ। इससे जिले की सराफा बाजार को 2 करोड़ रुपयों का नुकसान हो रहा है। लोगों को उम्मीद है कि एक-दो दिन में कारोबार बढ़ेगा।
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कम आ रहे ग्राहक
आशीष मेहरोत्रा ने बताया कि सराफा बाजार तो खुल गया लेकिन सन्नाटा नहीं गया है। ग्राहक कम आ रहे हैं, इससे बाजार प्रभावित हो रही है। सराफा व्यवसायी प्रशांत गुप्ता कहते हैं कि एक महीने से अधिक समय तक हड़ताल की वजह से सराफा व्यवसाय में सन्नाटा रहा। व्यापारी राजू मेहरोत्रा के मुताबिक इन दिनों सहालग चल रही है। उम्मीद थी कि हड़ताल के दौरान जितना नुकसान हुआ, उसकी भरपाई हो जाएगी लेकिन सन्नाटा है। व्यापारी अनिल मेहरोत्रा कहते हैं कि एक माह बाद दुकान खुलने के बाद ग्राहक बेहद कम आए।
हरदोई से आया हूं
हरदोई के बालामऊ निवासी आशुतोष मिश्रा का विवाह है। आशुतोष बताते हैं कि वे सीतापुर न्योता देने आए थे। यहां पर सराफा की दुकान खुली देखी तो जेवरों की खरीदारी करने लगे। बताया कि उसे पता नहीं था कि हड़ताल खत्म हो गई है।
एक माह तक किया इंतजार
शहर के मोहल्ला बबलू द्विवेदी कहते हैं कि उन्हें कुछ जेवर लेने थे, बीते एक माह से सराफा हड़ताल चल रही थी। इसलिए इंतजार कर रहा था। अब हड़ताल खत्म हुई है, दुकानें खुली हैं। इस वजह से अब दुकान पर खरीददारी करने आया हूं।
हड़ताल से परेशान था
कासिमपुर निवासी सुनील कहते हैं कि 29 अप्रैल को विवाह है। हड़ताल चल रही थी। जिसको देखकर लग रहा था कि जेवरों की खरीदारी में दिक्कतें आएंगी। इस बात को लेकर काफी परेशान था। अब थोड़ा सुकून है।
रिश्तेदार थे परेशान
शहर के मोहल्ला अंबेडकर नगर निवासी शांती देवी कहती है कि उनके रिश्तेदार की शादी थी। इधर हड़ताल चल रही थी, रिश्तेदार बार-बार फोन करके दुकानें खुलने के बारे में पता कर रहे हैं। अब खरीदारी हो सकेगी।
बढ़ गए दाम
एक माह के अंतराल के बाद जब सराफा कारोबार शुरू हुआ, तब सोने-चांदी की कीमतों में इजाफा हो गया। 7 मार्र्च को जब हड़ताल हुई थी तो सोने के भाव 28 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम थे। वहीं चांदी 36 हजार रुपये किलो थी। अब जब हड़ताल खत्म हुई तो सोने के भाव बढ़ गए हैं। बुधवार को सोने की कीमत 29,400 रुपये 10 ग्राम व चांदी की कीमत 38,500 रुपये किलो पहुंच गई।
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बुधवार को सुबह से दुकानें खुलीं, लेकिन उम्मीद के हिसाब से ग्राहक नहीं पहुंचे। बाजार की कई दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ था। कुछ दुकानों पर ग्राहक मौजूद तो थे, लेकिन दुकानदार संतुष्ट नजर नहीं आ रहे थे। दुकानदारों का कहना है कि इन दिनों सहालगचल रही है।
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ऐसे में सराफा बाजार में ग्राहकों की भीड़ उमड़नी थी, लेकिन सन्नाटा पसरा हुआ है। स्वर्णकार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्य प्रकाश रस्तोगी ने कहा कि जिले में करीब एक हजार सराफा व्यवसायी हैं। सहालगके दिनों में रोजाना तीन करोड़ रुपये की बिक्री होती है, लेकिन हड़ताल के बाद दुकानें खुलने पर मंदी रही। बुधवार को महज 1 करोड़ का ही कारोबार हुआ। इससे जिले की सराफा बाजार को 2 करोड़ रुपयों का नुकसान हो रहा है। लोगों को उम्मीद है कि एक-दो दिन में कारोबार बढ़ेगा।
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कम आ रहे ग्राहक
आशीष मेहरोत्रा ने बताया कि सराफा बाजार तो खुल गया लेकिन सन्नाटा नहीं गया है। ग्राहक कम आ रहे हैं, इससे बाजार प्रभावित हो रही है। सराफा व्यवसायी प्रशांत गुप्ता कहते हैं कि एक महीने से अधिक समय तक हड़ताल की वजह से सराफा व्यवसाय में सन्नाटा रहा। व्यापारी राजू मेहरोत्रा के मुताबिक इन दिनों सहालग चल रही है। उम्मीद थी कि हड़ताल के दौरान जितना नुकसान हुआ, उसकी भरपाई हो जाएगी लेकिन सन्नाटा है। व्यापारी अनिल मेहरोत्रा कहते हैं कि एक माह बाद दुकान खुलने के बाद ग्राहक बेहद कम आए।
हरदोई से आया हूं
हरदोई के बालामऊ निवासी आशुतोष मिश्रा का विवाह है। आशुतोष बताते हैं कि वे सीतापुर न्योता देने आए थे। यहां पर सराफा की दुकान खुली देखी तो जेवरों की खरीदारी करने लगे। बताया कि उसे पता नहीं था कि हड़ताल खत्म हो गई है।
एक माह तक किया इंतजार
शहर के मोहल्ला बबलू द्विवेदी कहते हैं कि उन्हें कुछ जेवर लेने थे, बीते एक माह से सराफा हड़ताल चल रही थी। इसलिए इंतजार कर रहा था। अब हड़ताल खत्म हुई है, दुकानें खुली हैं। इस वजह से अब दुकान पर खरीददारी करने आया हूं।
हड़ताल से परेशान था
कासिमपुर निवासी सुनील कहते हैं कि 29 अप्रैल को विवाह है। हड़ताल चल रही थी। जिसको देखकर लग रहा था कि जेवरों की खरीदारी में दिक्कतें आएंगी। इस बात को लेकर काफी परेशान था। अब थोड़ा सुकून है।
रिश्तेदार थे परेशान
शहर के मोहल्ला अंबेडकर नगर निवासी शांती देवी कहती है कि उनके रिश्तेदार की शादी थी। इधर हड़ताल चल रही थी, रिश्तेदार बार-बार फोन करके दुकानें खुलने के बारे में पता कर रहे हैं। अब खरीदारी हो सकेगी।
बढ़ गए दाम
एक माह के अंतराल के बाद जब सराफा कारोबार शुरू हुआ, तब सोने-चांदी की कीमतों में इजाफा हो गया। 7 मार्र्च को जब हड़ताल हुई थी तो सोने के भाव 28 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम थे। वहीं चांदी 36 हजार रुपये किलो थी। अब जब हड़ताल खत्म हुई तो सोने के भाव बढ़ गए हैं। बुधवार को सोने की कीमत 29,400 रुपये 10 ग्राम व चांदी की कीमत 38,500 रुपये किलो पहुंच गई।