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कटान से तेज हो गई तबाही
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Sun, 05 Jul 2015 10:46 PM IST
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घाघरा नदी के जलस्तर में रविवार को गिरावट दर्ज की गई लेकिन कटान तेज होने से लोगों को राहत नहीं मिल सकी। कटान से भयभीत ग्रामीणों का रविवार को भी सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन जारी रहा।
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पलायन कर रहे ग्रामीण क्षेत्र के गलियारे, संपर्क मार्ग व सड़कों पर डेरा डालकर रहने को मजबूर हैं। मारबेहड़ प्रतिनिधि के अनुसार गुरुवार देर रात से घाघरा के जलस्तर में शुरू हुई बढ़ोतरी रविवार देर रात थम गई।
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जिसके बाद नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई। जलस्तर घटने से कटान तेज हो गई है। नदी क्षेत्र के गोड़ियन पुरवा, महंत पुरवा, निर्मल पुरवा, कोनी, बरार, सिसैया ,टिब्भा, रामलाल पुरवा आदि गांवों में कटान करने लगी है।
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नदी का भयावह रूप देखकर तटीय क्षेत्र में बसे ग्रामीण परिवार समेत सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं। इन लोगाें ने गलियारों के साथ सड़क किनारे डेरा जमा दिया है। चहलारी मार्ग पर कटान पीड़ितों की अच्छी खासी संख्या देखी जा सकती है।
तंबौर प्रतिनिधि के अनुसार शारदा नदी कटान कर रही है। नदी असईपुर, काशीपुर,बोधवा, बरेला, मल्लापुर क्षेत्र में आबादी व खेती को काट रही है। इस क्षेत्र में भी ग्रामीण कटान व बाढ़ के भय से परिवार समेत सुरक्षित ठिकानों की तलाश में पलायन कर रहे हैं।
रामपुर मथुरा प्रतिनिधि के अनुसार इस क्षेत्र में भी घाघरा नदी के जलस्तर में गिरावट देखी गई है। यहां भी नदी तेजी से कटान कर रही है। फतुल्लापुर का इलाका कटान से प्रभावित है।
यहां भी घाघरा नदी का भयावह रूप देखने को मिल रहा है। नदी फतुल्लापुर के निकट खेती की जमीन को घाघरा नदी तेजी से समाती जा रही है।
किसान बेहद परेशान हैं, क्योंकि अब तक 150 बीघा से अधिक जमीन घाघरा नदी निगल चुकी है। इस क्षेत्र में घाघरा नदी के किनारे बसने वाले परिवार अपना सामान समेटकर सुरिक्षत ठिकानों की तरफ पलायन कर रहे हैं।