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महंगाई ने बिगाड़ा बजट, खरीददारी में डाला खलल
सीतापुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2015 11:44 PM IST
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नवरात्र की वजह से सभी तरह के फलों व पूजा सामग्री के दामों में भी उछाल आ गया है। फल विक्रेता सेठ मोहम्मद अमीर ने बताया कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस साल फलों के दामों में तेजी आई है।
खासतौर से सेब की सबसे अधिक मांग है। सेठ के मुताबिक अनार, संतरा, केला व पपीता के दाम भी बढ़े हैं। दूसरी ओर किराना व्यापारी रवी वैश्य का कहना है कि मेवा मंहगा होने के कारण अपेक्षानुसार बिक्री नहीं हो रही है।
पिछली बार और इस बार के मूल्यों में काफी अंतर आया है। मखाना, मूंगफली, सिंघाडा आटा व काजू के दामों में बढ़ोरी हुई है।
महंगाई की मार से जूझ रहे लोगों ने इस बार खरीदारी में हाथ तंग कर लिए हैं। लोग जरूरत भर की सामग्री ही खरीद रहे हैं। रवि ने बताया कि इस बार नवरात्र में कामथ चावल की मांग बढ़ी है।
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पूजा सामग्रियों के बढ़े दाम
नवरात्र में फलों व पूजा सामग्रियों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। त्योहार के समय एकाएक दाम बढ़ने से आम आदमी का बजट बिगड़ जाता है। जिसका असर त्योहार पर पड़ता है।
-अनिल बाजपेई
आम आदमी की आस्था से खिलवाड़
नवरात्र आते ही फल व व्रत में उपयोग होने वाली सामग्री मंहगी हो जाती है। पूजा सामग्री पर भी मंहगाई की मार पड़ती है। खास मौके पर रेट बढना आम आदमी की आस्था से खिलवाड़ है। प्रशासन को इस पर रोक लगानी चाहिए।
-ज्योति
मनमाने तरीके से न बढ़ें दाम
महंगाई वैसे भी साल दर साल बढ़ती जा रही है। ऐसी दशा में त्योहार के अवसरों पर वस्तुएं और मंहगी होने से मध्यम वर्ग की कमर ही टूट जाती है। इस मनमानी की रोकथाम होनी चाहिए।
-धर्मेश
मंहगाई पर नियंत्रण की बने नीति
मध्यम व गरीब वर्ग के लोग भी हंसी-खुशी त्यौहार मना सकें, इसके लिए त्यौहारों के मौसम में महंगाई पर नियन्त्रण का शासन-प्रशासन को ठोस उपाय करना चाहिए। एक नीति बनाकर उसे लागू करें।
-जेपी सिंह
फल के मूल्य में अंतर (रुपये में)
पिछले वर्ष इस वर्ष
सेब 100 140
केला 35 55
अनार 80 140
पपीता 35 50
मेवा के मूल्य में अंतर
पिछले वर्ष इस वर्ष
काजू 600 640
बादाम 740 880
सिंघाडा आटा 70 160
मूंगफली 80 100
मखाना 400 430
(मूल्य प्रति किग्रा. में)
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खासतौर से सेब की सबसे अधिक मांग है। सेठ के मुताबिक अनार, संतरा, केला व पपीता के दाम भी बढ़े हैं। दूसरी ओर किराना व्यापारी रवी वैश्य का कहना है कि मेवा मंहगा होने के कारण अपेक्षानुसार बिक्री नहीं हो रही है।
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पिछली बार और इस बार के मूल्यों में काफी अंतर आया है। मखाना, मूंगफली, सिंघाडा आटा व काजू के दामों में बढ़ोरी हुई है।
महंगाई की मार से जूझ रहे लोगों ने इस बार खरीदारी में हाथ तंग कर लिए हैं। लोग जरूरत भर की सामग्री ही खरीद रहे हैं। रवि ने बताया कि इस बार नवरात्र में कामथ चावल की मांग बढ़ी है।
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पूजा सामग्रियों के बढ़े दाम
नवरात्र में फलों व पूजा सामग्रियों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। त्योहार के समय एकाएक दाम बढ़ने से आम आदमी का बजट बिगड़ जाता है। जिसका असर त्योहार पर पड़ता है।
-अनिल बाजपेई
आम आदमी की आस्था से खिलवाड़
नवरात्र आते ही फल व व्रत में उपयोग होने वाली सामग्री मंहगी हो जाती है। पूजा सामग्री पर भी मंहगाई की मार पड़ती है। खास मौके पर रेट बढना आम आदमी की आस्था से खिलवाड़ है। प्रशासन को इस पर रोक लगानी चाहिए।
-ज्योति
मनमाने तरीके से न बढ़ें दाम
महंगाई वैसे भी साल दर साल बढ़ती जा रही है। ऐसी दशा में त्योहार के अवसरों पर वस्तुएं और मंहगी होने से मध्यम वर्ग की कमर ही टूट जाती है। इस मनमानी की रोकथाम होनी चाहिए।
-धर्मेश
मंहगाई पर नियंत्रण की बने नीति
मध्यम व गरीब वर्ग के लोग भी हंसी-खुशी त्यौहार मना सकें, इसके लिए त्यौहारों के मौसम में महंगाई पर नियन्त्रण का शासन-प्रशासन को ठोस उपाय करना चाहिए। एक नीति बनाकर उसे लागू करें।
-जेपी सिंह
फल के मूल्य में अंतर (रुपये में)
पिछले वर्ष इस वर्ष
सेब 100 140
केला 35 55
अनार 80 140
पपीता 35 50
मेवा के मूल्य में अंतर
पिछले वर्ष इस वर्ष
काजू 600 640
बादाम 740 880
सिंघाडा आटा 70 160
मूंगफली 80 100
मखाना 400 430
(मूल्य प्रति किग्रा. में)