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Sitapur News: बुलडोजर से हटवाया अवैध निर्माण
Sun, 03 Sep 2023 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 03 Sep 2023 12:21 AM IST
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महाराजनगर/सीतापुर। बिसवां के धरमपुर गांव में सरकारी जमीन से अवैध निर्माण को बुलडोजर से ढहा दिया गया। एक ग्रामीण की शिकायत पर तहसील प्रशासन ने यह कार्रवाई की। प्रधान प्रतिनिधि समेत दो के अवैध कब्जे हटाए गए हैं। तहसीलदार ने अन्य अवैध कब्जेदारों को जमीन खाली करने के निर्देश दिए हैं।
धरमपुर निवासी अतीक अहमद ने लगभग तीन साल पूर्व सरकारी जमीन के गाटा संख्या 40 पर लकड़ी की दुकान रख कर बाल कटिंग का काम शुरू किया था। गांव के ही सगीर व रज्जब अली ने भी उसी जमीन पर कब्जा कर रखा था। अतीक की दुकान हटवाकर सगीर मौरंग, गिट्टी, सीमेंट का व्यवसाय करने लगा। वहीं, रज्जब अली ने गांव में घर होने के बावजूद सरकारी जमीन पर भी अपने रहने का ठिकाना बना लिया। इससे नाराज अतीक ने अवैध कब्जे की शिकायत अधिकारियों से की।
हर बार कार्रवाई का आश्वासन ही मिला। इस पर अतीक ने दो माह पूर्व फिर दुकान रखकर नाई का काम शुरू कर दिया। आरोप है, कि कई बार सगीर व उसके साथी रज्जब ने दुकान हटवा देने की धमकी दी। स्थानीय पुलिस से सांठगांठ कर 28 दिन पूर्व उसकी दुकान हटवा दी। इसके बाद अतीक ने तहसील स्तर पर शिकायत की। जब कार्रवाई नहीं हुई तो उसने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अवैध कब्जा हटवाने की गुहार लगाई।
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डीएम के निर्देश पर शुक्रवार देर शाम बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार अजय यादव, कानूनगो शकील अहमद, लेखपाल ब्रजेश कुमार व तालगांव पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। सरकारी भूमि की पैमाइश कराई। नाप-जोख के बाद सगीर व रज्जब के साथ ही प्रधान प्रतिनिधि मोबीन अहमद का अवैध कब्जा भी मिला।
बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया सगीर, रज्जब ने बंजर भूमि पर व मोबीन अहमद ने नहर विभाग की भूमि पर कब्जा कर रखा था। भूमि को खाली कराया गया है। शेष कब्जेदारों को सरकारी जमीन खाली किए जाने की हिदायत दी गई है। सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराकर भवन व गोदाम के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के सुपुर्द कर दी गई है।
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धरमपुर निवासी अतीक अहमद ने लगभग तीन साल पूर्व सरकारी जमीन के गाटा संख्या 40 पर लकड़ी की दुकान रख कर बाल कटिंग का काम शुरू किया था। गांव के ही सगीर व रज्जब अली ने भी उसी जमीन पर कब्जा कर रखा था। अतीक की दुकान हटवाकर सगीर मौरंग, गिट्टी, सीमेंट का व्यवसाय करने लगा। वहीं, रज्जब अली ने गांव में घर होने के बावजूद सरकारी जमीन पर भी अपने रहने का ठिकाना बना लिया। इससे नाराज अतीक ने अवैध कब्जे की शिकायत अधिकारियों से की।
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हर बार कार्रवाई का आश्वासन ही मिला। इस पर अतीक ने दो माह पूर्व फिर दुकान रखकर नाई का काम शुरू कर दिया। आरोप है, कि कई बार सगीर व उसके साथी रज्जब ने दुकान हटवा देने की धमकी दी। स्थानीय पुलिस से सांठगांठ कर 28 दिन पूर्व उसकी दुकान हटवा दी। इसके बाद अतीक ने तहसील स्तर पर शिकायत की। जब कार्रवाई नहीं हुई तो उसने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अवैध कब्जा हटवाने की गुहार लगाई।
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डीएम के निर्देश पर शुक्रवार देर शाम बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार अजय यादव, कानूनगो शकील अहमद, लेखपाल ब्रजेश कुमार व तालगांव पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। सरकारी भूमि की पैमाइश कराई। नाप-जोख के बाद सगीर व रज्जब के साथ ही प्रधान प्रतिनिधि मोबीन अहमद का अवैध कब्जा भी मिला।
बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया सगीर, रज्जब ने बंजर भूमि पर व मोबीन अहमद ने नहर विभाग की भूमि पर कब्जा कर रखा था। भूमि को खाली कराया गया है। शेष कब्जेदारों को सरकारी जमीन खाली किए जाने की हिदायत दी गई है। सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराकर भवन व गोदाम के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के सुपुर्द कर दी गई है।