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Sitapur News: व्यक्ति का उद्देश्य श्रेष्ठ हो तो प्राप्त कर लेता लक्ष्य
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सीतापुर। अगर व्यक्ति का उद्देश्य श्रेष्ठ है। अपने उद्देश्य लक्ष्य के प्रति व्यक्ति संकल्पित है तो वह निश्चित तौर पर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है। यह डॉ. केशव बलिराम हेडेगवार ने करके दिखाया। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अवध प्रांत प्रचारक कौशल ने शिवाजी शाखा के वार्षिकोत्सव को संबोधित करते हुए गुरु कृपा गेस्ट हाउस में गुरुवार को कहीं।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर केशव की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं और संकल्प भारत के हिंदू समाज को एकत्र करना। यह करने के लिए संघ की स्थापना की। राजा साहब ने पूछा कि इस कार्य को करने के लिए पैसे की जरूरत होती है। कहां से लाओगे तो डॉ. केशव ने कहा कि यह गुरु दक्षिणा से आएगा। गुरु दक्षिणा 84 रुपये 88 पैसे हुई। इतने में पूरे भारत में संगठन कैसे खड़ा हो जाएगा।
प्रवास के लिए कार्यक्रम आदि के लिए धन की आवश्यकता होगी। आप ऐसा करो मुझसे धन ले लो। आप काम करो, कार्य विस्तार करो। डॉक्टर साहब ने कहा कि मुझे संगठन के लिए धन की नहीं आप की जरूरत है। उनका उद्देश्य श्रेष्ठ था इसलिए लक्ष्य पूरा हुआ। संगठन 15 वर्षों में 1940 तक पूरे भारत में फैल गया। जब 1940 में संघ शिक्षा वर्ग लगा तो सभी प्रदेशों के स्वयंसेवक शामिल हुए।
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1940 तक कोई भी ऐसा नहीं था जो संघ को जानता न हो। कार्यक्रम के पश्चात सरस्वती शिशु मंदिर में पौधरोपण किया गया। इस मौके पर नगर संघ चालक विनय, कार्यक्रम अध्यक्ष समाजसेवी अंबरीश सिन्हा, विभाग प्रचारक बैरिस्टर, विभाग कार्यवाह कृष्ण कुमार, जिला प्रचारक उपेंद्र, नगर प्रचारक कमलेश, मुख्य शिक्षक संतोष, जिलाध्यक्ष भारत तिब्बत सहयोग मंच प्रभात अग्निहोत्री, उदित, नत्थूलाल आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि डॉक्टर केशव की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं और संकल्प भारत के हिंदू समाज को एकत्र करना। यह करने के लिए संघ की स्थापना की। राजा साहब ने पूछा कि इस कार्य को करने के लिए पैसे की जरूरत होती है। कहां से लाओगे तो डॉ. केशव ने कहा कि यह गुरु दक्षिणा से आएगा। गुरु दक्षिणा 84 रुपये 88 पैसे हुई। इतने में पूरे भारत में संगठन कैसे खड़ा हो जाएगा।
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प्रवास के लिए कार्यक्रम आदि के लिए धन की आवश्यकता होगी। आप ऐसा करो मुझसे धन ले लो। आप काम करो, कार्य विस्तार करो। डॉक्टर साहब ने कहा कि मुझे संगठन के लिए धन की नहीं आप की जरूरत है। उनका उद्देश्य श्रेष्ठ था इसलिए लक्ष्य पूरा हुआ। संगठन 15 वर्षों में 1940 तक पूरे भारत में फैल गया। जब 1940 में संघ शिक्षा वर्ग लगा तो सभी प्रदेशों के स्वयंसेवक शामिल हुए।
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1940 तक कोई भी ऐसा नहीं था जो संघ को जानता न हो। कार्यक्रम के पश्चात सरस्वती शिशु मंदिर में पौधरोपण किया गया। इस मौके पर नगर संघ चालक विनय, कार्यक्रम अध्यक्ष समाजसेवी अंबरीश सिन्हा, विभाग प्रचारक बैरिस्टर, विभाग कार्यवाह कृष्ण कुमार, जिला प्रचारक उपेंद्र, नगर प्रचारक कमलेश, मुख्य शिक्षक संतोष, जिलाध्यक्ष भारत तिब्बत सहयोग मंच प्रभात अग्निहोत्री, उदित, नत्थूलाल आदि मौजूद रहे।