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सैकड़ों बीघा फसल डूबी
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Mon, 11 Jan 2016 11:33 PM IST
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लहरपुर तहसील क्षेत्र में रविवार शाम नहर की पटरी कट गई। इससे सैकड़ों बीघा खेती जलमग्न हो गई। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कॉल किया तो फोन बंद मिला। अधिकारियों की इस कार्यशैली से किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं। काफी मात्रा में गेहूं, लाही, मटर, चना आदि की फसल तबाह हो रही है।
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लहरपुर माइनर से क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर, गुलरी पुरवा, बरगदहा आदि दर्जनों गांवोें के सैकड़ों किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए पानी मिलता है। रविवार शाम गांव के सामने नहर की एक पटरी कट गई, जिससे नहर का पानी तेजी से बाहर आने लगा। कुछ पलों में पानी ने गुलरी पुरवा तक असर दिखा दिया।
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गुलरी पुरवा के रामखेलावन की 10 बीघा गेहूं की फसल, रामसेवक की 10 बीघा, रामहेत की सात बीघा, महेश की आठ बीघा, मोहिद्दीनपुर के सत्यपाल, सुरेंद्र, रफीक, विजेंद्र, ओमप्रकाश आदि करीब 150 किसानों के खेतों में पानी भर गया। इससे खेतों में खड़ी सरसों, लाही, आलू, चना, मटर आदि फसलें जलमग्न हो गईं।
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ये गांव हुए प्रभावित
नहर कटने से मोहिद्दीनपुर, गुलरी पुरवा, बरगदहा, थेनुआ, मूड़ी खेरा आदि गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही नहर पटरी दुरुस्त न की गई, तो पानी गेहूं के पौधों को जड़ से बहा ले जाएगा।
अधिकारी कॉल नहीं कर रहे रिसीव
शारदा नहर के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह को कॉल की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव करना जरूरी नहीं समझा। किसानों की फसल जलभराव से बर्बाद हो रही है और जिम्मेदार चुप्पी साधे बैठे हैं।