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Sitapur News: अपात्रों को आवास, जरूरतमंद झोपड़ी में रात काट रहे
Thu, 06 Apr 2023 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 06 Apr 2023 12:18 AM IST
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केस एक :
रामपुर खेउटा ग्राम पंचायत के मजरे खेउटा की पूजा पत्नी आलोक को पीएमएवाई के तहत आवास आवंटित किया गया है। पूजा का गांव में पहले से पक्का मकान है। उसके ससुर को सपा शासनकाल में लोहिया आवास भी आवंटित हो चुका है।
केस दो :
खेउटा निवासी रमेश कुमार किसान हैं। रमेश का गांव में पहले से ही पक्का मकान बना हुआ है। फिर भी उसे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभान्वित कर दिया गया। रमेश राजनीतिक रूप से भी सक्रिय हैं। रमेश के बेटे के पास चौपहिया वाहन है। पहुंच के कारण अफसरों ने आंखें बंद कर लीं।
केस तीन :
खेउटा निवासी विजय शंकर को भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया है। विजय शंकर का गांव में ही पक्का मकान बना है। वह खेती करते हैं। ग्राम सचिव और प्रधान की जुगलबंदी ने गजब की कृपा की और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए पात्र बताकर आवास दे दिया।
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सीतापुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में कई अपात्र आवास योजना का लाभ उठा रहे हैं। अकेले गोंदलामऊ विकास खंड की कई ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) में ऐसे लोगों को आवास आवंटित कर दिए गए, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं। जबकि पात्र अभी भी झोपड़ी में रहने को विवश हैं। जिले के आलाधिकारी दावा करते हैं कि पात्रों का चयन कई दौर की जांच के बाद हुआ लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में कई अपात्र योजना का लाभ लेने में सफल हो गए हैं। उधर, जिम्मदारों की फरमाइश पूरी न कर पाने के कारण बड़ी संख्या में पात्रों को पीएमएवाई का लाभ नहीं मिल पाया।
इनकी नहीं सुनता कोई
गोंदलामऊ की ग्राम पंचायत रामपुर खेउटा के मजरे रामपुर पूरा में राम आसरे अपनी पत्नी जयकोरा और बच्चों के साथ ईंट की कच्ची दीवार खड़ी कर किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं।लेकिन जिम्मेदारों ने उसे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए पात्र नहीं समझा।
रामपुर पूरा में ही रमेश पत्नी रामरानी और बच्चों के साथ रहते हैं। गुजर-बसर के लिए रमेश मजदूरी करते हैं। मकान के नाम पर कच्ची दीवार है। पक्की छत की जगह कहीं टिन तो कहीं फूस पड़ी है। रमेश भी जिम्मेदारों की निगाह में आवास योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना से हर पात्र को लाभान्वित करने के निर्देश दिए थे। सत्यापन भी कई बार करवाया गया। अगर फिर भी किसी अपात्र को लाभ देकर अपात्र को वंचित किया गया है तो जरूर जांच करा लेंगे। मामला सही हुआ तो दोषी पर कार्रवाई होगी।
अनुज सिंह, डीएम
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रामपुर खेउटा ग्राम पंचायत के मजरे खेउटा की पूजा पत्नी आलोक को पीएमएवाई के तहत आवास आवंटित किया गया है। पूजा का गांव में पहले से पक्का मकान है। उसके ससुर को सपा शासनकाल में लोहिया आवास भी आवंटित हो चुका है।
केस दो :
खेउटा निवासी रमेश कुमार किसान हैं। रमेश का गांव में पहले से ही पक्का मकान बना हुआ है। फिर भी उसे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभान्वित कर दिया गया। रमेश राजनीतिक रूप से भी सक्रिय हैं। रमेश के बेटे के पास चौपहिया वाहन है। पहुंच के कारण अफसरों ने आंखें बंद कर लीं।
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केस तीन :
खेउटा निवासी विजय शंकर को भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया है। विजय शंकर का गांव में ही पक्का मकान बना है। वह खेती करते हैं। ग्राम सचिव और प्रधान की जुगलबंदी ने गजब की कृपा की और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए पात्र बताकर आवास दे दिया।
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सीतापुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में कई अपात्र आवास योजना का लाभ उठा रहे हैं। अकेले गोंदलामऊ विकास खंड की कई ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) में ऐसे लोगों को आवास आवंटित कर दिए गए, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं। जबकि पात्र अभी भी झोपड़ी में रहने को विवश हैं। जिले के आलाधिकारी दावा करते हैं कि पात्रों का चयन कई दौर की जांच के बाद हुआ लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में कई अपात्र योजना का लाभ लेने में सफल हो गए हैं। उधर, जिम्मदारों की फरमाइश पूरी न कर पाने के कारण बड़ी संख्या में पात्रों को पीएमएवाई का लाभ नहीं मिल पाया।
इनकी नहीं सुनता कोई
गोंदलामऊ की ग्राम पंचायत रामपुर खेउटा के मजरे रामपुर पूरा में राम आसरे अपनी पत्नी जयकोरा और बच्चों के साथ ईंट की कच्ची दीवार खड़ी कर किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं।लेकिन जिम्मेदारों ने उसे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए पात्र नहीं समझा।
रामपुर पूरा में ही रमेश पत्नी रामरानी और बच्चों के साथ रहते हैं। गुजर-बसर के लिए रमेश मजदूरी करते हैं। मकान के नाम पर कच्ची दीवार है। पक्की छत की जगह कहीं टिन तो कहीं फूस पड़ी है। रमेश भी जिम्मेदारों की निगाह में आवास योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना से हर पात्र को लाभान्वित करने के निर्देश दिए थे। सत्यापन भी कई बार करवाया गया। अगर फिर भी किसी अपात्र को लाभ देकर अपात्र को वंचित किया गया है तो जरूर जांच करा लेंगे। मामला सही हुआ तो दोषी पर कार्रवाई होगी।
अनुज सिंह, डीएम