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कटान तेज, नदी में समाए और सात घर
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बिसवां तहसील क्षेत्र के दुर्गापुरवा गांव में कटान नदी व घर तोड़ते ग्रामीण। -संवाद
- फोटो : SITAPUR
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रेउसा (सीतापुर)। गांजर के लोगों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। बाढ़ का प्रकोप झेलने के बाद अब यहां के बाशिंदों के सामने संक्रामक रोगों से बचने के साथ ही कटान में घर समाने की चिंता बढ़ गई। तराई इलाके में जलस्तर कम होने के बाद अब कटान का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नदियां तेजी से कटान कर रही हैं। दुर्गापुरवा में और सात घर कटान में समा गए हैं। इससे ये लोग पलायन कर गए हैं।
बिसवां तहसील में शारदा व सरयू नदी का जलस्तर कम होने के बाद लोगों ने राहत महसूस की। लेकिन उनको अब अपना घर कटने का डर सता रहा है। नदियां भी तेजी से कटान कर रही हैं। ग्रामीण दिन-रात एक करके जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। दुर्गापुरवा में कटान की जद में आए बुद्धसागर, रामसागर, विमला, साबित राम, विजय पाल, रामू, हरिश्चंद्र आदि लोगों के घर कटान में समा गए हैं।
कटान का कहर तेज होने से अब यह लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए है। गांव के अन्य चार मकानों पर कटान का साया बना हुआ है। इससे इन आवासों में रह रहे लोग घर गृहस्थी का सामान बटोरकर अपने रिश्तेदारों के यहां पर पलायन करना शुरू कर दिया है। तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह ने बताया कि नदियों के जलस्तर कम होने से कटान हो रही है। राजस्व की टीमें बराबर नजर बनाए हुए है। जिनके घर कट रहे हैं, उनको सरकारी मदद दी जाएगी।
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बिसवां तहसील में शारदा व सरयू नदी का जलस्तर कम होने के बाद लोगों ने राहत महसूस की। लेकिन उनको अब अपना घर कटने का डर सता रहा है। नदियां भी तेजी से कटान कर रही हैं। ग्रामीण दिन-रात एक करके जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। दुर्गापुरवा में कटान की जद में आए बुद्धसागर, रामसागर, विमला, साबित राम, विजय पाल, रामू, हरिश्चंद्र आदि लोगों के घर कटान में समा गए हैं।
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कटान का कहर तेज होने से अब यह लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए है। गांव के अन्य चार मकानों पर कटान का साया बना हुआ है। इससे इन आवासों में रह रहे लोग घर गृहस्थी का सामान बटोरकर अपने रिश्तेदारों के यहां पर पलायन करना शुरू कर दिया है। तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह ने बताया कि नदियों के जलस्तर कम होने से कटान हो रही है। राजस्व की टीमें बराबर नजर बनाए हुए है। जिनके घर कट रहे हैं, उनको सरकारी मदद दी जाएगी।
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