{"_id":"6a874df2de3b4262ac06d8d4","slug":"woman-gives-birth-by-the-roadside-ambulance-fails-to-arrive-for-half-an-hour-sitapur-news-c-102-1-slko1037-162433-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: सड़क किनारे हुआ प्रसव, आधे घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: सड़क किनारे हुआ प्रसव, आधे घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस
Fri, 21 Aug 2026 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 21 Aug 2026 12:26 AM IST
विज्ञापन
बिसवां। इलाके के राजाडीह के पास एक महिला को सड़क के किनारे ही प्रसव हुआ। प्रसूता एंबुलेंस के इंतजार में तड़पती रही। एक अन्य महिला ने प्रसव कराया। जच्चा-बच्चा को सीएचसी में भर्ती कराया गया।
शंकरपुर गांव निवासी सुनील की पत्नी राजकुमारी बस से लखनऊ से घर लौट रही थीं। मझिगवां के पास अचानक उन्हें तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। राजाडीह के पास बस चालक ने उन्हें बस से उतार दिया। उनके साथ यात्रा कर रहीं शालू सिंह भी महिला की मदद के लिए बस से उतर गईं।
शालू ने बताया कि उन्होंने 108 एंबुलेंस को कई बार फोन किया। शालू ने क्षेत्र की आशा से भी संपर्क किया, लेकिन करीब आधे घंटे तक न एंबुलेंस मौके पर पहुंची और न ही आशा वहां पहुंच पाईं। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर शालू ने सड़क किनारे ही महिला की मदद की।
विज्ञापन
इसी दौरान राजकुमारी ने बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल पहुंचाने के लिए शालू ने सड़क से गुजर रहे एक ई रिक्शा को रुकवाकर सीएचसी बिसवां में भर्ती कराया। इसी दौरान रेलवे क्रॉसिंग के पास एंबुलेंस मिल गई।
जच्चा और बच्चा को एंबुलेंस से सीएचसी बिसवां पहुंचाया गया। अस्पताल में दोनों की जांच की गई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कपूर ने बताया कि इस घटना की जांच की जाएगी। प्रसव कराने वाली महिला को पुरस्कृत किया जाएगा।
विज्ञापन
शंकरपुर गांव निवासी सुनील की पत्नी राजकुमारी बस से लखनऊ से घर लौट रही थीं। मझिगवां के पास अचानक उन्हें तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। राजाडीह के पास बस चालक ने उन्हें बस से उतार दिया। उनके साथ यात्रा कर रहीं शालू सिंह भी महिला की मदद के लिए बस से उतर गईं।
विज्ञापन
शालू ने बताया कि उन्होंने 108 एंबुलेंस को कई बार फोन किया। शालू ने क्षेत्र की आशा से भी संपर्क किया, लेकिन करीब आधे घंटे तक न एंबुलेंस मौके पर पहुंची और न ही आशा वहां पहुंच पाईं। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर शालू ने सड़क किनारे ही महिला की मदद की।
विज्ञापन
इसी दौरान राजकुमारी ने बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल पहुंचाने के लिए शालू ने सड़क से गुजर रहे एक ई रिक्शा को रुकवाकर सीएचसी बिसवां में भर्ती कराया। इसी दौरान रेलवे क्रॉसिंग के पास एंबुलेंस मिल गई।
जच्चा और बच्चा को एंबुलेंस से सीएचसी बिसवां पहुंचाया गया। अस्पताल में दोनों की जांच की गई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कपूर ने बताया कि इस घटना की जांच की जाएगी। प्रसव कराने वाली महिला को पुरस्कृत किया जाएगा।