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फिर फिसड्डी साबित हुए सरकारी कॉलेज

Mon, 16 May 2016 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर Updated Mon, 16 May 2016 12:11 AM IST
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 government college
सीतापुर के पीएन सहगल इंटर काॅलेज में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का रिजल्ट आने के बाद खुशी से उछलते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
यूपी बोर्ड परीक्षाओं में सरकारी कॉलेज इस बार भी फिसड्डी साबित हुए हैं। किसी भी सरकारी कॉलेज का विद्यार्थी टॉपरों की फेहरिस्त में नाम दर्ज नहीं करा सका है। नतीजों में एक बार फिर माध्यमिक शिक्षा विभाग फेल हो गया। इस बार सीमित संसाधनों में पढ़ाई करने वाले ग्रामीण अंचलों के स्टूडेंट्स ने टॉपरों की सूची में कब्जा जमाया है।
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सीतापुर के कुल 337 कॉलेजों में 41 सरकारी कॉलेज हैं। इस साल हाईस्कूल व इंटर की घोषित परिणामों में गांजर के निजी कॉलेज ने दबदबा कायम किया है। शिक्षा को बेहतर बनाने के सरकार भले बड़े-बड़े दावे करती हो, पर हकीकत उन दावों से बिल्कुल उलट है।
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इस साल ही नहीं बीते साल के यूपी बोर्ड नतीजे भी सरकारी कॉलेजों की शिक्षा व्यवस्था पर करारी चोट पहुंचाने वाले थे। पिछली बार भी टॉपर्स की लिस्ट में सरकारी कॉलेजों का नाम ढूंढे नहीं मिला था। इस बार भी सरकारी कॉलेज हालात बदलने में कामयाब नहीं हो सके हैं।
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टॉपर्स सूची में निजी कॉलेजों ने ही अपने नाम दर्ज कराए हैं। यही नहीं इस बार गांजरी क्षेत्र के कॉलेज ने अपना परचम पहराया है। जिले में सर्वाधिक अंक हासिल कर हाईस्कूल की मेरिट में पहले स्थान पर यूनाइटेड अवध इंटर कॉलेज महमूदाबाद तथा इंटर में यूनाइटेड अवध इंटर कॉलेज व संजू प्रजापति इंटर कॉलेज महमूदाबाद ने संयुक्त रूप से कब्जा जमाया है। दूसरे, तीसरे व चौथे स्थान पर भी निजी कॉलेजों का ही दबदबा कायम रहा।
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