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दिवाली के अगले दिन नहीं होगी गोवर्धन पूजा
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सीतापुर। दिवाली के अगले दिन गोर्वधन पूजा व अन्नकूट की परंपरा इस बार टूट जाएगी। 25 अक्तूबर को सूर्यग्रहण पड़ेगा। इसलिए गोवर्धन पूजा और अन्नकूट 26 अक्तूबर को होगी।
नैमिषारण्य के आचार्य सदानंद द्विवेदी ने बताया कि 24 को अमावस्या तिथि शाम 5:29 बजे से शुरू होगी। दीपावली पर्व प्रदोष व्यापिनी अमावस्या में होती है। इस कारण 24 को दीपावली मनाई जाएगी। आचार्य ने बताया कि 25 अक्तूबर को भौमावती अमावस्या होगी। इस दिन सूर्य ग्रहण का योग बन रहा है, जो भारत में दृश्य होगा। लखनऊ में ग्रहण स्पर्श शाम 4:37 से मध्य 5:23 और सूर्यास्त 5:29 बजे है। ग्रहण का मोक्ष 6:32 बजे होगा, जो भारत में नहीं दिखेगा।
यह ग्रहण स्वाति नक्षत्र तुला राशि पर पड़ेंगे। आचार्य रमेश चन्द्र शास्त्री ने बताया कि धनतेरस 22 अक्तूबर शनिवार और नरक चतुर्दशी 23 अक्तूबर रविवार को होगा। इसी दिन हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 24 अक्तूबर को दिवाली मनाई जाएगी। 25 अक्तूबर को सूर्यग्रहण के कारण 26 अक्तूबर को गोवर्धन व अन्नकूट पूजा व 27 अक्तूबर को भाईदूज का त्यौहार मनाया जाएगा।
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ग्रहण समाप्त होने पर स्नान कर ब्राह्मणों को दान करना चाहिए। सूर्य ग्रहण में गंगा, प्रयाग, पुष्कर, कुरुक्षेत्र हत्या हरण चक्रतीर्थ में स्नान का शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है। गर्भवती स्त्रियों को ग्रहण काल में चिल्ला काटना, बाहर निकलना वर्जित रहता है।
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नैमिषारण्य के आचार्य सदानंद द्विवेदी ने बताया कि 24 को अमावस्या तिथि शाम 5:29 बजे से शुरू होगी। दीपावली पर्व प्रदोष व्यापिनी अमावस्या में होती है। इस कारण 24 को दीपावली मनाई जाएगी। आचार्य ने बताया कि 25 अक्तूबर को भौमावती अमावस्या होगी। इस दिन सूर्य ग्रहण का योग बन रहा है, जो भारत में दृश्य होगा। लखनऊ में ग्रहण स्पर्श शाम 4:37 से मध्य 5:23 और सूर्यास्त 5:29 बजे है। ग्रहण का मोक्ष 6:32 बजे होगा, जो भारत में नहीं दिखेगा।
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यह ग्रहण स्वाति नक्षत्र तुला राशि पर पड़ेंगे। आचार्य रमेश चन्द्र शास्त्री ने बताया कि धनतेरस 22 अक्तूबर शनिवार और नरक चतुर्दशी 23 अक्तूबर रविवार को होगा। इसी दिन हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 24 अक्तूबर को दिवाली मनाई जाएगी। 25 अक्तूबर को सूर्यग्रहण के कारण 26 अक्तूबर को गोवर्धन व अन्नकूट पूजा व 27 अक्तूबर को भाईदूज का त्यौहार मनाया जाएगा।
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ग्रहण समाप्त होने पर स्नान कर ब्राह्मणों को दान करना चाहिए। सूर्य ग्रहण में गंगा, प्रयाग, पुष्कर, कुरुक्षेत्र हत्या हरण चक्रतीर्थ में स्नान का शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है। गर्भवती स्त्रियों को ग्रहण काल में चिल्ला काटना, बाहर निकलना वर्जित रहता है।