फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Giving away the deliveries and lock the ward

प्रसूताओं को बाहर निकाल वार्ड में लगाया ताला

Sat, 29 Jul 2017 10:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 29 Jul 2017 10:18 PM IST
विज्ञापन
Giving away the deliveries and lock the ward

हरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुआयने के दौरान शनिवार को एसडीएम सदर प्रभाकांत अवस्थी को यहां की स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी मिलीं। मरीजों को समय से पहले डिस्चार्ज करने के बाद वार्ड से निकालकर उसमें ताला लगा दिया गया था। अस्पताल के प्रभारी व दो अन्य संविदा डॉक्टर भी नदारद मिले। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी है।

विज्ञापन


एसडीएम प्रभाकांत अवस्थी शनिवार को जब हरगांव स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो उन्हें वार्ड में ताला लगा मिला। वार्ड के बाहर ही कई प्रसूताएं बैठी थीं। एसडीएम ने जब उनसे बात की, तो पता चला कि उन्हें शुक्रवार को ही प्रसव हुआ था। बच्चे के जन्म के बाद शाम को ही उन्हें डिस्चार्ज कर वार्ड से बाहर निकाल दिया गया। यही नहीं मरीजों को बाहर निकालने के बाद वार्ड में ताला भी लगा दिया गया, ताकि मरीज कहीं वार्ड में न पहुंच जाएं।
विज्ञापन


बाहर बैठी महिलाओं में भुडक़ुड़ी निवासी मोहनी, झरिया निवासी पिंकी, परसड़ा शरीफपुर निवासी रामदेवी, समरुनिशां, रुबीना आदि ने एसडीएम को बताया कि शुक्रवार को उनका प्रसव हुआ है। बच्चों के जन्म के कुछ घंटे बाद ही डॉक्टरों ने उन्हें छुट्टी दे दी और वार्ड में ताला लगा दिया। महिलाओं के परिवारीजनों ने बताया कि वे नियमानुसार छुट्टी चाह रहे थे, लेकिन डॉक्टरों ने समय से पहले ही प्रसूताओं को बाहर निकाल दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बताया कि यहां पर प्रसूताओं व मरीजों को भोजन भी नहीं दिया जा रहा है। इतने गंभीर आरोप लगने पर एसडीएम ने इस संबंध में स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. सिद्धार्थ से जानकारी चाही, तब पता चला कि वे अस्पताल में मौजूद ही नहीं हैं। अस्पताल में तैनात अन्य डॉक्टरों के बारे में जानकारी ली गई, तो पता चला संविदा पर तैनात दो और डॉक्टर भी अनुपस्थित हैं। इस पर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।

एसडीएम ने बताया कि हरगांव स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बेपटरी मिली हैं। सबसे गंभीर विषय यह है कि प्रसव के बाद प्रसूताओं को समय से पहले डिस्चार्ज कर वार्ड में ताला लगा दिया गया। डॉक्टर भी नदारद मिले हैं। एसडीएम ने बताया कि इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा रही है।

हरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसूताओं को समय से पहले डिस्चार्ज करने की जानकारी नहीं है। प्रसव के बाद जच्चा व बच्चा को 48 घंटे तक भर्ती रखा जाता है। जिसके बाद जच्चा व बच्चा का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें डिस्चार्ज किया जाता है। यदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जच्चा व बच्चा को समय से पहले डिस्चार्ज किया गया है और उन्हें वार्ड से बाहर निकाल कर वार्ड में ताला लगाया गया है, तब जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. ध्रुवराज सिंह, सीएमओ


हरगांव स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि वे स्वास्थ्य विभाग के एक कार्यक्रम के तहत क्षेत्र में थे। जैसे ही निरीक्षण की जानकारी मिली, दौडक़र स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा। उन्होंने बताया कि यह सच है कि प्रसूताएं बाहर थीं और वार्ड में सफाईकर्मी ने ताला लगा दिया था। इसको लेकर विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed