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संसाधनों के अभाव में गई चार गायों की जान
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कमलापुर (सीतापुर)। पशु आश्रय स्थल महोली में दो दिन से चार गायों के शव पड़े होने की अमर उजाला की जानकारी पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस पर एसडीएम सिधौली ने पशु चिकित्साधिकारी को तत्काल मौके पर भेजा। पशु चिकित्साधिकारी ने बीती देर रात मृत गायों का पोस्टमार्टम कराया और उन्हें दफना दिया।
जिन गायों की हालत खराब है, उनका इलाज शुरू कर दिया गया है। पशु चिकित्साधिकारी के मुताबिक गोशाला में संसाधनों का अभाव गायों की मौत का कारण बना। विकासखंड कसमंडा क्षेत्र के महोली गांव स्थित पशु आश्रय स्थल में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश से खुले में रखा भूसा भीगने से सड़ गया था।
सड़ा भूसा गोवंश खा नहीं रहे थे। इसी बीच चार गायों की मौत हो गई और कई की हालत बिगड़ गई। दो दिन तक मृत गायों के शव वहीं पड़े रहे। अमर उजाला ने इस मामले को लेकर एसडीएम सिधौली से बात की।
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इसके बाद हरकत में आई एसडीएम ने पशु चिकित्साधिकारी कमलापुर को तत्काल मौके पर भेजा। शुक्रवार देर रात पशु चिकित्साधिकारी ने मृत गायों का पोस्टमार्टम करा कर उन्हें दफनवा दिया।
टीनशेड की चौड़ाई कम होना भी वजह
शनिवार को अमर उजाला में ‘भूख से चार गायों ने तोड़ा दम’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने पर पशु चिकित्साधिकारी सुबह फिर गोशाला पहुंचे और हालातों का जायजा लिया। पशु चिकित्साधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि गोशाला में जो टीन शेड पड़ी है, उसकी चौड़ाई कम है, जबकि गोवंश करीब एक सैकड़ा है।
बारिश होने पर सारे गोवंश टीन शेड के नीचे पहुंच गए। संख्या अधिक होने से कुछ गोवंश कीचड़ में फंसकर गिर गए और दबकर उनकी मौत हो गई। उन्होंने एसडीएम ने एक टीन शेड और डलवाते हुए जमीन पर ईंटें लगवाने का अनुरोध किया है।
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जिन गायों की हालत खराब है, उनका इलाज शुरू कर दिया गया है। पशु चिकित्साधिकारी के मुताबिक गोशाला में संसाधनों का अभाव गायों की मौत का कारण बना। विकासखंड कसमंडा क्षेत्र के महोली गांव स्थित पशु आश्रय स्थल में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश से खुले में रखा भूसा भीगने से सड़ गया था।
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सड़ा भूसा गोवंश खा नहीं रहे थे। इसी बीच चार गायों की मौत हो गई और कई की हालत बिगड़ गई। दो दिन तक मृत गायों के शव वहीं पड़े रहे। अमर उजाला ने इस मामले को लेकर एसडीएम सिधौली से बात की।
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इसके बाद हरकत में आई एसडीएम ने पशु चिकित्साधिकारी कमलापुर को तत्काल मौके पर भेजा। शुक्रवार देर रात पशु चिकित्साधिकारी ने मृत गायों का पोस्टमार्टम करा कर उन्हें दफनवा दिया।
टीनशेड की चौड़ाई कम होना भी वजह
शनिवार को अमर उजाला में ‘भूख से चार गायों ने तोड़ा दम’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने पर पशु चिकित्साधिकारी सुबह फिर गोशाला पहुंचे और हालातों का जायजा लिया। पशु चिकित्साधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि गोशाला में जो टीन शेड पड़ी है, उसकी चौड़ाई कम है, जबकि गोवंश करीब एक सैकड़ा है।
बारिश होने पर सारे गोवंश टीन शेड के नीचे पहुंच गए। संख्या अधिक होने से कुछ गोवंश कीचड़ में फंसकर गिर गए और दबकर उनकी मौत हो गई। उन्होंने एसडीएम ने एक टीन शेड और डलवाते हुए जमीन पर ईंटें लगवाने का अनुरोध किया है।